शोरिफुल इस्लाम को BCB ने नहीं दी काउंटी चैंपियनशिप की NOC, वर्कलोड और चोट बनी वजह
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने तेज गेंदबाज शोरिफुल इस्लाम को इंग्लैंड की काउंटी चैंपियनशिप में केंट की ओर से खेलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। बोर्ड ने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) देने से मना करते हुए कहा कि आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरे और हाल की हैमस्ट्रिंग चोट को देखते हुए यह फैसला खिलाड़ी के दीर्घकालिक हित में है।
NOC क्यों नहीं मिली
BCB के अनुसार, शोरिफुल इस्लाम को अगले तीन महीनों में 5 टेस्ट, 7 टी20 और 6 वनडे मैच खेलने हैं। बोर्ड का तर्क है कि इस घनी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के बीच 4 काउंटी मैच खेलने से उनके शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ेगा। टीम प्रबंधन और मेडिकल टीम की राय है कि इस दौरान मैच खेलने के बजाय ट्रेनिंग और फिटनेस को प्राथमिकता देना ज़रूरी है।
हैमस्ट्रिंग चोट की पृष्ठभूमि
बाएं हाथ के यह तेज गेंदबाज हाल ही में हैमस्ट्रिंग इंजरी से उबरकर वापसी कर चुके हैं। इसी चोट के कारण वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में नहीं खेल सके थे — जिसे बांग्लादेश ने ऐतिहासिक जीत के रूप में दर्ज किया। साउथ मैके में दूसरे टेस्ट में शोरिफुल ने वापसी की और ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में 48 रन देकर 7 विकेट लेकर मेज़बान टीम को 210 रन पर समेट दिया। हालाँकि, बांग्लादेश को उस मैच में पारी और 51 रन से हार का सामना करना पड़ा।
खालिद अहमद को मिली NOC
BCB ने एक अन्य तेज गेंदबाज खालिद अहमद को, जो पूरी तरह फिट हैं, काउंटी चैंपियनशिप में केंट की ओर से खेलने की NOC दे दी है। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि बोर्ड की आपत्ति काउंटी क्रिकेट से नहीं, बल्कि शोरिफुल की विशेष स्वास्थ्य स्थिति और व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से जुड़ी है।
शोरिफुल का अंतरराष्ट्रीय महत्व
शोरिफुल इस्लाम बांग्लादेश के सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं और सभी तीनों प्रारूपों में टीम की पहली पसंद हैं। साउथ मैके टेस्ट में उनकी 7 विकेट की गेंदबाजी ने एक बार फिर साबित किया कि चोट से वापसी के बावजूद वे विश्व स्तरीय क्षमता रखते हैं। BCB अब चाहता है कि वे पूरी तरह फिट होकर आगामी द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में उतरें।
आगे क्या
शोरिफुल के लिए अगला लक्ष्य आगामी अंतरराष्ट्रीय सत्र की तैयारी है। BCB का यह कदम खिलाड़ी प्रबंधन की उस नीति का हिस्सा लग रहा है जिसमें मुख्य खिलाड़ियों को घरेलू या विदेशी लीग में अनावश्यक जोखिम से बचाया जाता है। काउंटी क्रिकेट में केंट को शोरिफुल की जगह खालिद अहमद से काम चलाना होगा।