क्या वंदे मातरम् ने देश को आजादी दिलाई और नई पीढ़ी को प्रेरणा देगा?

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क्या वंदे मातरम् ने देश को आजादी दिलाई और नई पीढ़ी को प्रेरणा देगा?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम् के 150 वर्षों की यात्रा पर चर्चा करते हुए इसे आजादी के संघर्ष का प्रतीक बताया। उन्होंने इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत मानते हुए इसकी शिक्षा पर जोर दिया। यह चर्चा न केवल ऐतिहासिक महत्व रखती है, बल्कि आने वाले समय के लिए भी एक प्रेरणादायक संदेश है।

मुख्य बातें

वंदे मातरम् का 150 वर्ष का सफर महत्वपूर्ण है।
यह भारत की स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी शिक्षा पर जोर दिया।
यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हो सकता है।
वंदे मातरम् ने 1947 में आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। संसद का शीतकालीन सत्र जारी है। आज संसद का आठवां दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' पर चर्चा की शुरुआत की। इस बोल के 150 वर्षों की यात्रा को ध्यान में रखते हुए, देश की आजादी की लड़ाई में इसके महत्व को उजागर करने के लिए विशेष चर्चा आयोजित की जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा कि वंदे मातरम् पर चल रही चर्चा एक गौरवमयी पल है। उन्होंने कहा, "इस महत्वपूर्ण अवसर पर एक सामूहिक चर्चा का आयोजन किया गया है। यह मंत्र और जयघोष ने हमारे देश की आज़ादी के आंदोलन को प्रेरणा दी थी और त्याग और तपस्या का मार्ग दर्शाया था। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हम इस पल के साक्षी बन रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "यह एक ऐसा समय है जो हमारे सामने इतिहास की अनगिनत घटनाओं को प्रस्तुत करता है। यह चर्चा न केवल सदन की प्रतिबद्धता को दर्शाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी यह शिक्षा का एक स्रोत बन सकती है, यदि हम इसका उचित उपयोग करें। आज हम वंदे मातरम की 150 वर्ष की सामूहिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं।"

पीएम मोदी ने कहा, "वंदे मातरम् की यात्रा अनेक पड़ावों से गुजरी है। जब यह 50 वर्ष पूरे हुए, देश गुलामी में जी रहा था। 100 वर्ष पूरे होने पर, देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। देशभक्ति के लिए जीने वाले लोगों को जेल में डाल दिया गया था। यह हमारे इतिहास का एक दुखद कालखंड है।"

उन्होंने कहा, "अब 150 वर्ष उस महान अध्याय और गौरव को फिर से स्थापित करने का अवसर है। हमें इस अवसर को नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि यही वंदे मातरम है, जिसने 1947 में देश को आजादी दिलाई।"

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों ने वंदे मातरम् के महत्व को और अधिक उजागर किया है। यह चर्चा न केवल ऐतिहासिक संदर्भ में महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बन सकती है। यह समय है जब हम अपने अतीत को समझें और उससे सीखें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वंदे मातरम् का इतिहास क्या है?
वंदे मातरम् एक प्रसिद्ध गीत है जो बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखा गया था और यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने वंदे मातरम् के 150 वर्षों की यात्रा पर चर्चा करते हुए इसे हमारी आजादी का प्रतीक बताया।
वंदे मातरम् का महत्व क्या है?
यह गीत भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता की भावना को दर्शाता है, और इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में मान्यता प्राप्त है।
राष्ट्र प्रेस
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