उत्तर प्रदेश में गैस आपूर्ति के लिए सख्त कदम: कालाबाजारी पर नजर, गरीबों को मिलेगा मुफ्त सिलेंडर
सारांश
Key Takeaways
- गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश।
- गरीबों को मुफ्त सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना।
- अवैध शराब के खिलाफ कड़े कदम।
- किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी।
- फार्मर आईडी का उपयोग अनिवार्य होगा।
लखनऊ, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने घरेलू गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गैस की किल्लत नहीं होनी चाहिए और कालाबाजारी व जमाखोरी पर कड़ी निगरानी रखी जाए। इस संदर्भ में उन्होंने मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में प्रवासी श्रमिकों और असंगठित कामगारों की पहचान करके उन्हें विशेष शिविरों के माध्यम से 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडर प्रदान किए जाएंगे, ताकि उन्हें भोजन बनाने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
उन्होंने पीएनजी गैस कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि जहां-जहां पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां लोगों को कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए और लंबित एनओसी व स्वीकृतियों को शीघ्र निस्तारित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि 2.04 लाख पीएनजी कनेक्शन के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 46,954 कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं और प्रतिदिन 1700 से अधिक कनेक्शन दिए जा रहे हैं। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए उन्होंने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि विशेष शिविरों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया जाए, ताकि कोई भी किसान राहत से वंचित न रहे। साथ ही, फसल बीमा योजना के तहत भुगतान प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
अवैध शराब के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी जिले में अवैध शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार छापेमारी कर निर्माण, भंडारण और बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए और जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराया जाए।
कृषि योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री में शेष किसानों के पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। 30 अप्रैल तक पंजीकरण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष अभियान चलाकर सभी भूमिधर किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में कहा गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 82.35 प्रतिशत लाभार्थियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 32 लाख से अधिक गैर-पीएम किसान भी रजिस्ट्री में शामिल किए गए हैं। कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 2.09 करोड़ से अधिक पहुंच चुकी है।
मुख्य सचिव ने कहा कि 15 मई 2026 से उर्वरक, बीज और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होगी, इसलिए व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से किसानों को जागरूक करना आवश्यक है और ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।