अमित शाह का बयान: 1970 से 2004 तक नक्सलवाद का उदय
सारांश
Key Takeaways
- नक्सलवाद का उदय 1970 के दशक में हुआ।
- अमित शाह ने नक्सलवाद को विदेशी विचारों से जोड़ा।
- नक्सलवाद का कारण केवल गरीबी नहीं है।
- भारत एक लोकतंत्र है, जो सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करता है।
- 1970 से 2004 तक कांग्रेस का शासन रहा।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वामपंथी उग्रवाद से मुक्ति के प्रयासों पर चर्चा करते हुए कहा। नक्सलवाद के खिलाफ अपने बयान में उन्होंने बताया कि नक्सलवादी तिलका मांझी, भगवान बिरसा मुंडा, भगत सिंह या सुभाष बाबू को अपनी प्रेरणा नहीं मानते। तो, वे किसे आदर्श मानते हैं? माओ को। यहां तक कि अपने आदर्शों के चयन में भी विदेशी विचारों का सहारा लेते हैं।
उन्होंने कहा कि हम एक लोकतंत्र में रहते हैं और संविधान को अपनाया है। यह सरकार किसी की धमकियों के आगे झुकने वाली नहीं है। यह सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने के प्रति प्रतिबद्ध है।
गृह मंत्री ने कहा कि 1969 में भारत में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) की स्थापना हुई, जिसका उद्देश्य न तो राष्ट्र का विकास था और न ही नागरिकों के अधिकारों की रक्षा। इसके बजाय, पार्टी का लक्ष्य चीन और रूस के उदाहरणों का अनुसरण करते हुए सशस्त्र विद्रोह के जरिए संसदीय प्रणाली को उखाड़ना था।
लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद के खात्मे से संबंधित चर्चा में उन्होंने कहा कि 1947 से पहले आदिवासी बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, रानी दुर्गावती और मुर्मु बंधुओं को आदर्श मानते थे। लेकिन 1970 के दशक में माओ को अपना हीरो मानने लगे। यह परिवर्तन क्यों हुआ?
उन्होंने कहा कि यह विकास की कमी या अन्याय के कारण नहीं हुआ। कठिन भूगोल और राज्य की अनुपस्थिति के कारण वामपंथियों ने भोले आदिवासियों को बरगला लिया। नक्सलवाद गरीबियों की वजह से नहीं फैला, बल्कि इसके कारण क्षेत्र में सालों तक गरीबी रही। नक्सलवाद की जड़ें विकास से नहीं, बल्कि वैचारिक हैं।
उन्होंने कहा कि हम लोकतंत्र में हैं, संविधान को स्वीकार किया है। मैं पूछता हूं कि क्या आप अपनी लड़ाई संवैधानिक तरीकों से लड़ेंगे या हथियार उठाकर निर्दोषों को मार डालेंगे? यह डराने वाली सरकार नहीं है, यह सभी के साथ न्याय करती है।
अमित शाह ने बताया कि 1970 के दशक में नक्सलवाद की शुरुआत नक्सलबाड़ी, बंगाल से हुई। 1971 में यहां 3620 हिंसा की घटनाएं हुईं। 1980 के दशक में पीपल्स वार ग्रुप बना और यह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और ओडिशा में फैल गया। 1970 से 2004 तक का समय कांग्रेस पार्टी के शासन का रहा है।