सबा आजाद का बयान: 'हूज योर गायनिक सीजन 2' के बीच बोलीं — आज भी घर की जिम्मेदारी महिलाओं से ही अपेक्षित

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सबा आजाद का बयान: 'हूज योर गायनिक सीजन 2' के बीच बोलीं — आज भी घर की जिम्मेदारी महिलाओं से ही अपेक्षित

सारांश

सबा आजाद ने 'हूज योर गायनिक सीजन 2' की रिलीज के बीच एक अहम सवाल उठाया — जब 'सब कुछ पाने' की बात होती है, तो महिलाओं के लिए इसका मतलब घर और करियर दोनों होता है, जबकि पुरुषों से घरेलू जिम्मेदारी की उम्मीद आज भी न के बराबर है।

मुख्य बातें

अभिनेत्री सबा आजाद ने कहा कि भारतीय समाज में आज भी घर संभालने की जिम्मेदारी मुख्यतः महिलाओं से ही अपेक्षित है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 'सब कुछ पाना' शब्द का अर्थ महिलाओं और पुरुषों के लिए बिल्कुल अलग है।
सबा TVF निर्मित सीरीज 'हूज योर गायनिक सीजन 2' में डॉ.
विदुषी कोठारी की मुख्य भूमिका में हैं।
सीरीज अमेजन एमएक्स प्लेयर पर उपलब्ध है और महिला स्वास्थ्य को केंद्र में रखती है।
सबा ने बताया कि वे तनाव से निपटने के लिए क्रिएटिव एक्सप्रेशन का सहारा लेती हैं।

अभिनेत्री सबा आजाद इन दिनों अमेजन एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीमिंग कॉमेडी-ड्रामा वेब सीरीज 'हूज योर गायनिक सीजन 2' को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। सीरीज की रिलीज के बीच उन्होंने खुलकर बात की कि भारतीय समाज में आज भी घर और परिवार संभालने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से महिलाओं के कंधों पर ही डाली जाती है।

महिलाओं के लिए 'सब कुछ पाना' का अर्थ अलग क्यों है

जब सबा से पूछा गया कि 'सब कुछ पा लेने' की अवधारणा महिलाओं और पुरुषों के लिए एक जैसी है या अलग, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'दोनों के लिए इस शब्द का अर्थ बिल्कुल अलग है।' उनके अनुसार, हमारे समाज में पुरुषों से भावनात्मक और घरेलू जिम्मेदारियाँ निभाने की उम्मीद शायद ही कभी की जाती है, जबकि महिलाओं से यह अपेक्षा हर वक्त बनी रहती है।

यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब 'हूज योर गायनिक सीजन 2' जैसी सीरीज महिलाओं के स्वास्थ्य और सामाजिक चुनौतियों को मनोरंजक लेकिन सशक्त ढंग से उठा रही है। गौरतलब है कि सबा इस सीरीज में डॉ. विदुषी कोठारी की मुख्य भूमिका निभा रही हैं।

सोशल मीडिया और कलाकारों की निजी जिंदगी

सोशल मीडिया के दौर में अभिनेताओं की व्यक्तिगत जिंदगी उनके पेशेवर काम पर कैसे असर डालती है — इस पर सबा का कहना था कि कभी-कभी कलाकारों के असली काम से ज्यादा उनके रिश्तों पर ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा, 'इंसान का यह स्वभाव होता है कि वह दूसरे व्यक्ति के जीवन के हर पहलू के बारे में जानने की कोशिश करता है। यही वजह है कि कलाकारों की निजी और पेशेवर जिंदगी लोगों का ध्यान खींचती है।'

तनाव से निपटने का रचनात्मक तरीका

असल जिंदगी में भावनात्मक दबाव और तनाव से निपटने के बारे में पूछे जाने पर सबा ने बताया कि वे क्रिएटिव एक्सप्रेशन को सबसे कारगर माध्यम मानती हैं। उन्होंने कहा, 'समय के साथ, मैंने सीखा है कि मुश्किल इमोशन्स को क्रिएटिव तरीके से कैसे इस्तेमाल किया जाए और आर्ट और एक्सप्रेशन के जरिए उनसे कैसे निपटा जाए।'

उन्होंने बातचीत के अंत में अपनी माँ का जिक्र करते हुए एक हल्का-फुल्का पहलू भी साझा किया — 'मेरी माँ बहुत ही मजेदार हैं। डिनर टेबल पर, हम उनके सेंस ऑफ ह्यूमर की वजह से लगातार हँसते रहते हैं।'

'हूज योर गायनिक सीजन 2' के बारे में

'हूज योर गायनिक सीजन 2' द वायरल फीवर (TVF) द्वारा निर्मित एक लोकप्रिय कॉमेडी-ड्रामा वेब सीरीज है, जो अमेजन एमएक्स प्लेयर पर उपलब्ध है। यह सीरीज महिलाओं के स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषय को हल्के-फुल्के और सशक्त अंदाज में प्रस्तुत करती है। सबा आजाद इसमें केंद्रीय किरदार डॉ. विदुषी कोठारी के रूप में नजर आ रही हैं। यह सीरीज अपने विषय की प्रासंगिकता और प्रस्तुति के कारण दर्शकों के बीच सराही जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की मनोरंजन कवरेज अक्सर इसे महज 'प्रमोशनल बाइट' तक सीमित कर देती है, जबकि असल सवाल यह है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इस तरह के कंटेंट की बढ़ती माँग क्या सामाजिक बदलाव की वास्तविक भूख दर्शाती है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबा आजाद ने महिलाओं की घरेलू जिम्मेदारी पर क्या कहा?
सबा आजाद ने कहा कि हमारे समाज में पुरुषों से भावनात्मक और घरेलू जिम्मेदारियाँ निभाने की उम्मीद शायद ही कभी की जाती है, जबकि महिलाओं से यह अपेक्षा हर वक्त बनी रहती है। उनके अनुसार 'सब कुछ पाना' शब्द का अर्थ महिलाओं और पुरुषों के लिए बिल्कुल अलग होता है।
'हूज योर गायनिक सीजन 2' में सबा आजाद की क्या भूमिका है?
सबा आजाद इस सीरीज में डॉ. विदुषी कोठारी की मुख्य भूमिका निभा रही हैं। यह TVF निर्मित कॉमेडी-ड्रामा वेब सीरीज अमेजन एमएक्स प्लेयर पर उपलब्ध है।
'हूज योर गायनिक सीजन 2' किस विषय पर आधारित है?
यह सीरीज महिलाओं के स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषय को हल्के-फुल्के और सशक्त अंदाज में प्रस्तुत करती है। द वायरल फीवर (TVF) द्वारा निर्मित यह शो अमेजन एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम हो रहा है।
सबा आजाद तनाव और भावनात्मक दबाव से कैसे निपटती हैं?
सबा आजाद के अनुसार, क्रिएटिव एक्सप्रेशन तनाव को प्रोसेस करने का सबसे बेहतर जरिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने समय के साथ सीखा है कि मुश्किल भावनाओं को आर्ट और एक्सप्रेशन के जरिए कैसे संभाला जाए।
क्या सोशल मीडिया कलाकारों के काम पर असर डालता है?
सबा आजाद का मानना है कि कभी-कभी कलाकारों के असली काम से ज्यादा उनके रिश्तों और निजी जिंदगी पर ध्यान दिया जाता है। उन्होंने इसे इंसानी स्वभाव बताया — लोग दूसरों की जिंदगी के हर पहलू को जानना चाहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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