महिला किरदारों की मजबूती का राज: मोहित सूरी ने साझा किया अपना नजरिया
सारांश
Key Takeaways
- महिला किरदारों की मजबूती पर जोर
- पूरे परिवार का सहारा बनने वाली महिलाएं
- मोहित सूरी का व्यक्तिगत अनुभव
- फिल्मों में महिलाओं की हीलिंग भूमिका
- संगीतथ्रिलर फिल्में
मुंबई, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मोहित सूरी की फिल्मों में महिला किरदार अक्सर मजबूत, संवेदनशील और कहानी की 'हीलर' या 'सेवियर' के रूप में दिखाई देती हैं। ये महिलाएं अपनी कमियों के बावजूद पुरुष किरदारों को पूर्ण बनाती हैं और उन्हें सही दिशा दिखाती हैं। मोहित ने यह भी बताया कि उनकी फिल्मों की ये ताकतवर महिलाएं असल जिंदगी की महिलाओं से प्रेरित हैं।
हाल ही में मोहित सूरी ने पूजा भट्ट के पॉडकास्ट में अपनी पत्नी उदिता गोस्वामी को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया, जो छोटी उम्र से परिवार का बोझ संभाल रही हैं।
पूजा ने पॉडकास्ट के दौरान मोहित से पूछा, "आपके हीरो अक्सर परेशान और भावुक होते हैं लेकिन आपकी फिल्मों की महिलाएं सुपरहीरो जैसी क्यों होती हैं? इसका स्रोत क्या है?"
मोहित ने उत्तर दिया, "पूजा, मेरी जिंदगी की महिलाओं को देखो। शायद मां के न होने की वजह से मैं महिलाओं को एक अलग नजरिए से देखता हूं। मैंने हमेशा मजबूत महिलाएं देखी हैं, चाहे वो तुम हो पूजा या हमारी दादी-नानी, आंटी श्रीमती सैगल, बड़ी आंटी... ये सब बहुत ताकतवर रही हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "मेरी पत्नी उदिता ने १४ साल की उम्र से काम करना शुरू किया और परिवार का सहारा बनी हैं। वो भी बेहद मजबूत हैं। मेरी फिल्मों की महिलाएं इसीलिए खास हैं क्योंकि मैं उन्हें इसी नजरिए से देखता हूं। अक्सर फिल्म में वही महिला पुरुष का हाथ पकड़कर उसे बचाती है। पुरुष दुनिया से लड़ रहा होता है, मुश्किलों में फंसा होता है और सिर्फ महिला ही उसकी मदद करती है।"
मोहित ने हंसते हुए कहा, "यही मेरी सभी फिल्मों की कहानी का मूल है। मेरी जिंदगी के ये अनुभव ही मेरी स्क्रीन पर महिलाओं को खास बनाते हैं।"
मोहित सूरी अपनी संगीतमय प्रेम कहानियों और थ्रिलर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 'आशिकी २', 'एक विलेन' और 'मर्डर २' जैसी चर्चित फिल्में बनाई हैं।