क्या यूक्रेन पर अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखना जरूरी है?: क्रेमलिन
सारांश
Key Takeaways
- यूक्रेन मुद्दा: अमेरिका के साथ संवाद आवश्यक है।
- वातावरण: स्थिति बिगड़ रही है।
- न्यू स्टार्ट संधि: हथियार नियंत्रण का एकमात्र सक्रिय समझौता।
मॉस्को, १५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। क्रेमलिन ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन मुद्दे पर अमेरिका के साथ संवाद जारी रखना आवश्यक और महत्वपूर्ण है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उद्यमी जारेड कुशनर की रूस यात्रा की संभावनाओं पर टिप्पणी करते हुए क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि जैसे ही तारीखें तय होंगी, रूस ऐसी यात्रा की उम्मीद करता है।
पेस्कोव ने कहा कि रूस, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस टिप्पणी से सहमत है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है और उसके फैसले लेने की गुंजाइश लगातार सिमटती जा रही है। यह जानकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने दी।
ट्रंप ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन किसी समझौते के लिए तैयार हैं, जबकि यूक्रेन उतना तैयार नजर नहीं आता। जब उनसे पूछा गया कि अमेरिका के नेतृत्व में चल रही वार्ताओं से अब तक संघर्ष का समाधान क्यों नहीं हो पाया, तो उन्होंने जवाब दिया, “जेलेंस्की।”
इस बीच, पेस्कोव ने बताया कि रूस को अब तक अमेरिका की ओर से न्यू स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी (न्यू स्टार्ट) के तहत हथियारों पर लगी पाबंदियों को एक और साल के लिए बढ़ाने के रूस के प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
गौरतलब है कि २०१० में रूस और अमेरिका के बीच हस्ताक्षरित न्यू स्टार्ट संधि, तैनात परमाणु हथियारों और रणनीतिक डिलीवरी प्रणालियों की संख्या पर सीमा तय करती है। यह दोनों परमाणु महाशक्तियों के बीच फिलहाल एकमात्र सक्रिय परमाणु हथियार नियंत्रण समझौता है।
फरवरी २०२१ में मॉस्को और वाशिंगटन ने इस संधि को पांच वर्षों के लिए बढ़ाकर फरवरी २०२६ तक लागू रखने पर सहमति जताई थी।
सितंबर में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था कि यदि अमेरिका भी ऐसा करने को तैयार है, तो रूस इस संधि का पालन जारी रखने के लिए तैयार है।