ईरानी हमलों में 15 नेपाली घायल, एक की जान गई: मिडिल ईस्ट संघर्ष
सारांश
Key Takeaways
- 15 नेपाली नागरिक ईरानी हमलों में घायल हुए हैं।
- एक नेपाली की मौत हुई है।
- नेपाल सरकार ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
- पश्चिम एशिया में लगभग 17 लाख नेपाली नागरिक रहते हैं।
- ऑनलाइन रेस्क्यू ट्रैकिंग सिस्टम शुरू किया गया है।
काठमांडू, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच ईरान के द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों में अब तक 15 नेपाली नागरिक घायल हो चुके हैं, जबकि एक नेपाली की मौत की पुष्टि हुई है। यह जानकारी नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को साझा की।
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव राम काजी खड़का ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि घायलों में से 14 लोग उपचार के बाद अपने काम पर लौट चुके हैं। एक व्यक्ति अभी भी अस्पताल में इलाज करा रहा है, लेकिन उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
मंत्रालय के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के जवाब में उन देशों में हमले किए हैं जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। इन हमलों में कई खाड़ी देशों की नागरिक संरचनाओं को भी नुकसान पहुँचाया गया है।
नेपाल सरकार ने पहले ही यह पुष्टि की थी कि गोरखा जिले के निवासी दिवास श्रेष्ठ की संयुक्त अरब अमीरात के जायेद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन इंटरसेप्शन ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई थी।
विदेश सचिव अमृत बहादुर राय ने कहा कि फिलहाल सुरक्षा के दृष्टिकोण से खाड़ी देशों से नेपाली कामगारों को तुरंत वापस बुलाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारे आकलन के अनुसार, फिलहाल उनके जीवन को लेकर कोई बड़ा खतरा नहीं है।"
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में लगभग 17 लाख नेपाली नागरिक निवास कर रहे हैं, जिनमें से करीब 7 लाख नेपाली संयुक्त अरब अमीरात में रहते हैं।
संकट के बीच नेपाली नागरिकों की जानकारी एकत्रित करने के लिए सरकार ने एक ऑनलाइन रेस्क्यू ट्रैकिंग सिस्टम भी शुरू किया है। मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार शाम तक 61,989 नेपाली नागरिक इस प्रणाली में अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
नेपाल सरकार और वहां के नेपाली दूतावास लगातार सुरक्षा संबंधी सलाह जारी कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में निवास करने वाले नेपाली नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है।