ईरान के हमलों से यूएई में चार लोगों की मौत, रक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी
सारांश
Key Takeaways
- ईरान के हमलों में चार लोगों की मौत हुई है।
- यूएई की सुरक्षा स्थिति संकट में है।
- रक्षा मंत्रालय ने उच्च सतर्कता पर रहने की घोषणा की है।
- ईरान ने इजरायल पर भी हमले किए हैं।
- जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर भी हमले का दावा किया गया है।
अबू धाबी, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त अरब अमीरात में ईरान के द्वारा किए गए हमलों में अब तक चार लोगों की जान चली गई है। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मृतकों में पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक शामिल हैं।
रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अमेरिका और इजरायल के ईरान पर वायु हमलों के बाद ईरान ने अपने पड़ोसी देशों पर जवाबी हमला शुरू किया। इसी दौरान यूएई में चार विदेशी नागरिकों की जान गई।
मंत्रालय के अनुसार, अब तक यूएई पर 238 बैलिस्टिक मिसाइल, 1,422 ड्रोन और 8 क्रूज मिसाइलें दागी गई हैं। इनमें से 1,342 को रोका गया, जबकि 80 ड्रोन देश की सीमा में गिरे। रविवार को देश ने 17 बैलिस्टिक मिसाइल और 117 ड्रोन की पहचान की। इनमें से 16 मिसाइल और 113 ड्रोन को नष्ट कर दिया गया, जबकि एक मिसाइल और चार ड्रोन समुद्र में गिर गए।
आगे की जानकारी में बताया गया कि हमलों में मृत चार व्यक्ति पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक थे। अमीराती, मिस्र, सूडानी, इथियोपियाई, फिलिपिनो, पाकिस्तानी, ईरानी, भारतीय, बांग्लादेशी, श्रीलंकाई, अजरबैजानी, यमनी, युगांडा, इरिट्रिया, लेबनानी, अफगान, बहरीन, कोमोरियन और तुर्की के 112 लोग मामूली या आंशिक रूप से घायल हुए हैं।
रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि वह किसी भी खतरे से निपटने के लिए उच्च सतर्कता पर हैं और पूरी तरह से तैयार हैं। मंत्रालय ने कहा कि वे देश की सुरक्षा को कमजोर करने वाली हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं ताकि संप्रभुता, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने यह दावा किया है कि उसने इजरायल के तेल अवीव और बेर्शेबा में सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं। संगठन ने यह भी कहा है कि जॉर्डन के एक अमेरिकी एयरबेस पर कई बार हमला किया गया है।
आईआरजीसी ने यह भी बताया कि जॉर्डन के अजरक शहर स्थित मुवाफ्फक अल-सल्ती एयरबेस को निशाना बनाया गया है। ईरान के अनुसार, यह अमेरिकी लड़ाकू विमानों का सबसे बड़ा और सक्रिय आक्रामक बेस है।