11 अगस्त 2026
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होर्मुज स्ट्रेट संकट: ईरान के अराघची ने जर्मनी से की चर्चा, अमेरिका-इजरायल को ठहराया जिम्मेदार

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होर्मुज स्ट्रेट संकट: ईरान के अराघची ने जर्मनी से की चर्चा, अमेरिका-इजरायल को ठहराया जिम्मेदार

सारांश

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने जर्मनी के वाडेफुल से होर्मुज स्ट्रेट संकट पर बात की और अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई को सीधे जिम्मेदार ठहराया। ओमान के जरिए मध्यस्थता जारी है, लेकिन तेहरान ने वाशिंगटन के साथ सीधी वार्ता से साफ इनकार किया है।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने 11 अगस्त 2026 को फोन पर होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की।
अराघची ने होर्मुज स्ट्रेट में अस्थिरता के लिए अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों को जिम्मेदार ठहराया।
ईरान ने ओमान के साथ जारी वार्ताओं की जानकारी दी, जिनका उद्देश्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।
अराघची ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ सीधी बातचीत तब तक संभव नहीं जब तक वह समझौते का उल्लंघन बंद न करे।
दोनों मंत्रियों ने कूटनीतिक संपर्क विभिन्न स्तरों पर जारी रखने पर सहमति जताई।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने 11 अगस्त 2026 को टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत की, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय तनाव के कारणों पर केंद्रित चर्चा हुई। अराघची ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग में पैदा हुई अस्थिरता पूरी तरह अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों का परिणाम है।

मुख्य घटनाक्रम

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्टों के अनुसार, दोनों विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ व्यापक क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श किया। अराघची ने वाडेफुल को ओमान के साथ जारी वार्ताओं की जानकारी दी, जिनका उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट से व्यापारिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है।

अराघची का अमेरिका पर आरोप

अराघची ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि होर्मुज स्ट्रेट के संभावित बंद होने से उत्पन्न होने वाले सुरक्षा और आर्थिक दुष्परिणामों के लिए अमेरिकी प्रशासन को जवाबदेह ठहराया जाए। उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग में स्थिरता बहाल करने के लिए अमेरिका की आक्रामक कार्रवाइयों और कथित गैरकानूनी दखलअंदाजी को समाप्त करना अनिवार्य है। इसमें समुद्री नाकाबंदी और इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत अमेरिका की प्रतिबद्धताओं के कथित उल्लंघन भी शामिल हैं।

अमेरिका के साथ वार्ता पर ईरान का रुख

अराघची पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। हालाँकि, कुछ मध्यस्थ देश दोनों पक्षों के बीच संवाद पुनः स्थापित कराने के रास्ते तलाश रहे हैं। उनके अनुसार, जब तक अमेरिका समझौते का उल्लंघन बंद नहीं करता और पूर्व के उल्लंघनों की भरपाई नहीं करता, तब तक वार्ता फिर से शुरू होना संभव नहीं है।

कूटनीतिक प्रयासों पर जोर

दोनों विदेश मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि विभिन्न स्तरों पर कूटनीतिक संपर्क और बातचीत निरंतर जारी रखी जानी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट — जिससे दुनिया के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है — पर तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि यह जलमार्ग मध्य-पूर्व की भू-राजनीति में हमेशा से एक संवेदनशील बिंदु रहा है। आने वाले दिनों में ओमान के माध्यम से जारी मध्यस्थता प्रयासों की दिशा पर सबकी नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि बर्लिन परंपरागत रूप से ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) का समर्थक रहा है। लेकिन विरोधाभास यह है कि ओमान के जरिए मध्यस्थता जारी रखते हुए अमेरिका से सीधी बात से इनकार करना ईरान की कूटनीतिक स्थिति को कमजोर भी करता है। होर्मुज की नाकाबंदी का खतरा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर है — और इस संकट में यूरोपीय मध्यस्थता कितनी कारगर होगी, यह अभी अनिश्चित है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान और जर्मनी के बीच क्या बातचीत हुई?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने 11 अगस्त 2026 को फोन पर होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय तनाव पर चर्चा की। अराघची ने अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई को तनाव का कारण बताया और कूटनीतिक प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।
अराघची ने होर्मुज स्ट्रेट संकट के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया?
अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में असुरक्षा की स्थिति पूरी तरह अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों का नतीजा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस संकट के आर्थिक और सुरक्षा प्रभावों के लिए अमेरिकी प्रशासन को जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया।
ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता की क्या स्थिति है?
अराघची ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। उनके अनुसार, जब तक अमेरिका समझौते का उल्लंघन बंद नहीं करता और पूर्व उल्लंघनों की भरपाई नहीं करता, तब तक वार्ता फिर से शुरू नहीं हो सकती।
ओमान होर्मुज संकट में क्या भूमिका निभा रहा है?
ईरान ने ओमान के साथ चल रही बातचीत की जानकारी जर्मनी को दी है। इन वार्ताओं का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। ओमान परंपरागत रूप से ईरान और पश्चिम के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए क्यों खतरनाक है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री तेल मार्गों में से एक है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होगी और तेल की कीमतों में तीव्र उछाल आ सकता है, जिसका असर भारत सहित सभी आयातक देशों पर पड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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