चीन के गांसु में भूस्खलन से 21 की मौत, 345 राहतकर्मियों ने पूरा किया रेस्क्यू ऑपरेशन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर-पश्चिमी चीन के गांसु प्रांत में 8 जुलाई 2026 को हुए भीषण भूस्खलन में 21 लोगों की मौत हो गई और 7 लोग घायल हुए। स्थानीय प्रशासन ने बुधवार को पुष्टि की कि घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है और सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है।
मुख्य घटनाक्रम
यह हादसा मंगलवार सुबह गांसु प्रांत के लोंगनान शहर के नान्हे टाउनशिप स्थित रेनजांग गांव में हुआ। अचानक आए भूस्खलन की चपेट में 33 लोग आ गए। इनमें से 5 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 21 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
हादसे की सूचना मिलते ही आपदा राहत, दमकल और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं। 345 राहतकर्मियों और 10 खोजी कुत्तों को बचाव अभियान में लगाया गया। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों से मलबा हटाया गया, जबकि एंबुलेंस लगातार तैनात रहीं।
सरकार की प्रतिक्रिया
रिपोर्टों के अनुसार, चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लेवल-3 भू-आपदा रक्षा प्रतिक्रिया लागू की और एक स्पेशल वर्किंग ग्रुप घटनास्थल पर भेजा। गांसु प्रांतीय स्वास्थ्य आयोग ने जिले में चार आपातकालीन मेडिकल टीमें रवाना कीं, जिनमें आईसीयू, ट्रॉमा उपचार और बाल चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल थे। इसके अलावा 13 अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मी भी राहत कार्य में लगाए गए।
गांसु प्रांतीय पीपुल्स हॉस्पिटल से क्रिटिकल केयर, ऑर्थोपेडिक्स और सामान्य सर्जरी के तीन विशेषज्ञ भी घटनास्थल पर भेजे गए। प्रशासन ने घायलों के त्वरित उपचार के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया और दूरस्थ परामर्श की सुविधा भी शुरू की।
आम जनता पर असर
बचाव दलों ने लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का काम भी हाथ में लिया। सभी 7 घायलों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि देश का लगभग 69 प्रतिशत भूभाग पहाड़ी या पठारी क्षेत्र है, जहाँ सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटें, कमज़ोर मिट्टी और मानसून के दौरान होने वाली भारी बारिश भूस्खलन को बार-बार जन्म देती है। यह ऐसे समय में आया है जब गांसु और आसपास के क्षेत्रों में मानसूनी बारिश का मौसम चरम पर है।
क्या होगा आगे
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और क्षेत्र में भू-आपदा निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। गांसु प्रांत में भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों की पहचान और चेतावनी प्रणाली को और मज़बूत करने की माँग भी उठ रही है।