डॉ. मुस्तफा कमाल के निधन पर सज्जाद लोन और उमर अब्दुल्ला ने जताया शोक, नेशनल कॉन्फ्रेंस बोली — अपूरणीय क्षति
सारांश
मुख्य बातें
डॉ. मुस्तफा कमाल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री तथा डॉ. फारूक अब्दुल्ला के छोटे भाई, का मंगलवार, 15 जुलाई को श्रीनगर के पारस अस्पताल में निधन हो गया। कुछ महीनों से बीमार चल रहे डॉ. कमाल की हालत बीते चार दिनों में अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद वे अंतिम सांस तक संघर्ष करते रहे। उनके जाने से जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक और सामाजिक दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का दुख
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने चाचा को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, 'मेरे पिता के छोटे भाई डॉ. मुस्तफा कमाल का श्रीनगर के पारस अस्पताल में निधन हो गया। अंकल मुस्तफा कुछ महीनों से बीमार थे, लेकिन 4 दिन पहले उनकी हालत ज़्यादा बिगड़ गई। उन्होंने मुश्किल हालात के बावजूद बहादुरी से संघर्ष किया।' उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ की तारीफ करते हुए कहा कि इलाज में कोई कमी नहीं थी, परंतु ईश्वर की इच्छा के आगे सब नतमस्तक हैं।
सज्जाद लोन ने व्यक्त की गहरी संवेदना
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने एक्स पर पोस्ट कर अब्दुल्ला परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, 'डॉ. मुस्तफा कमाल साहब के निधन पर अब्दुल्ला परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। अल्लाह उन्हें जन्नत नसीब करे।' गौरतलब है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद लोन का यह संदेश कश्मीर की साझा सामाजिक संवेदनशीलता को दर्शाता है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस की श्रद्धांजलि
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने एक्स पर जारी अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. कमाल ने अपना जीवन जनसेवा और पार्टी के संस्थापक 'शेर-ए-कश्मीर' शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की विरासत को सुदृढ़ करने में समर्पित किया। पार्टी ने उन्हें 'सिद्धांतों पर आधारित नेतृत्व और निष्ठावान समर्पण' का प्रतीक बताया और कहा कि उनका योगदान जम्मू-कश्मीर के लोग कृतज्ञता के साथ याद रखेंगे।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने यह भी कहा कि डॉ. कमाल का निधन केवल पार्टी परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए एक अपूरणीय क्षति है। पार्टी ने डॉ. फारूक अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और समस्त शोकाकुल परिवार के साथ एकजुटता व्यक्त की।
डॉ. मुस्तफा कमाल: एक परिचय
डॉ. मुस्तफा कमाल शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के पुत्र और डॉ. फारूक अब्दुल्ला के भाई थे। वे नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रहे, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में दशकों तक सक्रिय भूमिका निभाई। उनका जाना अब्दुल्ला परिवार की उस पीढ़ी के अंत का प्रतीक है जिसने कश्मीर की मुख्यधारा राजनीति की नींव रखी।
आगे क्या
डॉ. मुस्तफा कमाल के अंतिम संस्कार और शोक सभाओं की जानकारी परिवार की ओर से अपेक्षित है। राजनीतिक दलों और नागरिक समाज से श्रद्धांजलियों का सिलसिला जारी है। यह निधन ऐसे समय में हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है।