14 जुलाई 2026
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शेख मुस्तफा कमाल का श्रीनगर में निधन, फारूक अब्दुल्ला के छोटे भाई और नेकां के वरिष्ठ नेता थे

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शेख मुस्तफा कमाल का श्रीनगर में निधन, फारूक अब्दुल्ला के छोटे भाई और नेकां के वरिष्ठ नेता थे

सारांश

नेशनल कॉन्फ्रेंस के एडिशनल जनरल सेक्रेटरी और डॉ. फारूक अब्दुल्ला के छोटे भाई शेख मुस्तफा कमाल का 14 जुलाई को श्रीनगर में निधन हो गया। लंबी बीमारी के बाद पारस अस्पताल में उनकी मृत्यु हुई। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गहरा शोक व्यक्त किया।

मुख्य बातें

शेख मुस्तफा कमाल का निधन 14 जुलाई की शाम श्रीनगर के पारस अस्पताल में हुआ।
वे नेशनल कॉन्फ्रेंस के एडिशनल जनरल सेक्रेटरी , डॉ.
फारूक अब्दुल्ला के छोटे भाई और उमर अब्दुल्ला के चाचा थे।
कुछ महीनों से बीमार थे; पिछले 4 दिनों से हालत गंभीर थी।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर शोक संदेश पोस्ट किए।
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में दशकों तक उनकी सक्रिय भूमिका रही।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री शेख मुस्तफा कमाल का मंगलवार, 14 जुलाई की शाम श्रीनगर के पारस अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले 4 दिनों से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। उनके निधन से जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

कौन थे शेख मुस्तफा कमाल

शेख मुस्तफा कमाल नेशनल कॉन्फ्रेंस के एडिशनल जनरल सेक्रेटरी थे। वे पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के छोटे भाई और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के चाचा थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार में मंत्री पद पर कार्य किया और दशकों तक पार्टी के प्रमुख स्तंभों में से एक रहे।

एलजी और सीएम ने जताया शोक

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'वरिष्ठ नेता डॉ. मुस्तफा कमाल के निधन की खबर से मुझे गहरा दुख हुआ है। मैं उनके परिवार, शुभचिंतकों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। ओम शांति!'

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी एक्स पर अपना दुख साझा किया। उन्होंने लिखा, 'मेरे पिता के छोटे भाई डॉ. मुस्तफा कमाल का मंगलवार की शाम को श्रीनगर के पारस अस्पताल में निधन हो गया। अंकल मुस्तफा कुछ महीनों से बीमार थे, लेकिन 4 दिन पहले उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। उन्होंने मुश्किल हालात के बावजूद बहादुरी से लड़ाई लड़ी।'

उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा, 'उनका इलाज करने वाले डॉक्टर और स्टाफ बहुत अच्छे थे, लेकिन अल्लाह ने उन्हें अपनी अंतिम यात्रा के लिए बुला लिया। अल्लाह अंकल मुस्तफा को जन्नत में सबसे ऊंचा स्थान दे।'

राजनीतिक हलकों में शोक

शेख मुस्तफा कमाल के निधन पर जम्मू-कश्मीर के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। उन्हें जम्मू-कश्मीर की राजनीति में उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए याद किया जा रहा है। नेकां के भीतर उनकी भूमिका संगठनात्मक मज़बूती की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण मानी जाती थी।

आगे क्या

अब्दुल्ला परिवार के इस व्यक्तिगत नुकसान के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस की आगामी गतिविधियों पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी। शेख मुस्तफा कमाल के निधन से पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व में एक अनुभवी आवाज़ का अभाव महसूस होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे में वरिष्ठ संरक्षकों का जाना संगठन के भीतर अनुभव के अभाव को और गहरा करता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शेख मुस्तफा कमाल कौन थे?
शेख मुस्तफा कमाल नेशनल कॉन्फ्रेंस के एडिशनल जनरल सेक्रेटरी और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री थे। वे पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के छोटे भाई और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के चाचा थे।
शेख मुस्तफा कमाल का निधन कब और कहाँ हुआ?
उनका निधन 14 जुलाई 2026 की शाम श्रीनगर के पारस अस्पताल में हुआ। वे कुछ महीनों से बीमार थे और अंतिम 4 दिनों में उनकी हालत गंभीर हो गई थी।
उमर अब्दुल्ला ने चाचा के निधन पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा कि उनके चाचा ने मुश्किल हालात के बावजूद बहादुरी से लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि इलाज करने वाले डॉक्टर और स्टाफ बहुत अच्छे थे, लेकिन अल्लाह ने उन्हें अपनी अंतिम यात्रा के लिए बुला लिया।
एलजी मनोज सिन्हा ने क्या प्रतिक्रिया दी?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि डॉ. मुस्तफा कमाल के निधन की खबर से उन्हें गहरा दुख हुआ है और उन्होंने परिवार व शुभचिंतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस में शेख मुस्तफा कमाल की क्या भूमिका थी?
वे नेशनल कॉन्फ्रेंस के एडिशनल जनरल सेक्रेटरी थे और दशकों तक पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। जम्मू-कश्मीर सरकार में मंत्री के रूप में भी उन्होंने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्र प्रेस
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