मंगल पांडे जयंती पर राष्ट्र का नमन: गडकरी, योगी, धामी समेत दर्जनों नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत और अमर क्रांतिवीर मंगल पांडे की जयंती पर 19 जुलाई को पूरे देश ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक, राजनीतिक जगत के विभिन्न नेताओं ने इस महान क्रांतिकारी को याद करते हुए उनके बलिदान और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'स्वाधीनता संग्राम के अग्रणी योद्धा मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।' केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मातृभूमि के प्रति आपका त्याग, समर्पण और बलिदान सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। देश का कण-कण आपका अनंत काल तक ऋणी रहेगा।'
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता स्मृति ईरानी ने एक्स पर लिखा, 'भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक और अमर क्रांतिकारी मंगल पांडे की अद्भुत वीरता, राष्ट्रभक्ति और बलिदान ने विदेशी शासन के विरुद्ध स्वतंत्रता की अलख जगाई। उनसे प्रेरित होकर असंख्य देशवासी मातृभूमि की आजादी के लिए संघर्ष के पथ पर अग्रसर हुए।'
मुख्यमंत्रियों के संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत और अमर क्रांतिवीर मंगल पांडे की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने विदेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष की ऐसी अलख जगाई, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की।'
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, 'वर्ष 1857 में विदेशी शासन के विरुद्ध उनके अदम्य साहस और बलिदान ने स्वतंत्रता की उस ज्योति को प्रज्वलित किया, जिसने पूरे देश में स्वाधीनता का बिगुल फूंक दिया।' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'मातृभूमि के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध उनके साहसिक विद्रोह ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।'
अन्य राज्यों की प्रतिक्रिया
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी पोस्ट में कहा, 'उनका अदम्य साहस, अटूट राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है।' राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिखा, 'विदेशी शासन के विरुद्ध उनके अद्वितीय साहस और बलिदान ने स्वतंत्रता आंदोलन की अलख जगाई।'
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, 'अंग्रेजी शासन के विरुद्ध स्वतंत्रता संग्राम का प्रथम शंखनाद करने वाले मंगल पांडे के अदम्य साहस, अटूट राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान ने देशवासियों के हृदय में स्वतंत्रता की ऐसी अलख जगाई, जिसने आगे चलकर आजादी के महायज्ञ का स्वरूप धारण किया।'
मंगल पांडे का ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि मंगल पांडे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल नेटिव इन्फेंट्री में सिपाही थे, जिन्होंने 1857 में बैरकपुर छावनी में अंग्रेज अधिकारियों पर हमला कर विद्रोह का बिगुल फूंका था। उनके इस साहसिक कदम को भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी माना जाता है। यह ऐसे समय में प्रासंगिक है जब देश 2026 में स्वतंत्रता की 79वीं वर्षगाँठ की ओर बढ़ रहा है और क्रांतिकारियों की स्मृति को पुनर्जीवित करने की राष्ट्रीय भावना प्रबल है।
देश के विभिन्न कोनों से नेताओं का यह एकजुट नमन दर्शाता है कि मंगल पांडे की विरासत आज भी राजनीतिक और सामाजिक चेतना में गहरी जड़ें रखती है। आने वाली पीढ़ियाँ उनके बलिदान से प्रेरणा लेती रहेंगी।