रामविलास पासवान जयंती पर बिहार के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, CM सम्राट चौधरी बोले — 'सदैव प्रेरणास्रोत'
सारांश
मुख्य बातें
लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती पर 5 जुलाई 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित राज्य के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने पासवान को सामाजिक न्याय, जनसेवा और वंचित वर्गों के उत्थान के प्रति आजीवन समर्पित एक अप्रतिम जननेता बताया।
मुख्यमंत्री की श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'देश की राजनीति के प्रख्यात जननेता और जनसेवा के प्रति समर्पित पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि व सादर नमन। उनका जनकल्याण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।' चौधरी ने पासवान के जीवन-मूल्यों को बिहार की राजनीति के लिए आज भी प्रासंगिक बताया।
अन्य मंत्रियों और नेताओं की प्रतिक्रिया
बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर लिखा, 'पूर्व केंद्रीय मंत्री व लोकप्रिय राजनेता रामविलास पासवान जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।' राज्य की एक अन्य मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा, 'उनका सामाजिक न्याय, जनसेवा और समर्पण का जीवन सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।'
बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष संजय सरावगी ने पासवान को 'पद्म विभूषण से सम्मानित' बताते हुए उन्हें नमन किया। वहीं, जनता दल (यूनाइटेड) — JDU ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा कि पासवान 'सामाजिक समरसता, जनसेवा और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन समर्पित रहे।'
LJP की भावभीनी श्रद्धांजलि
लोक जनशक्ति पार्टी ने अपने संस्थापक को याद करते हुए लिखा, 'गरीबों, वंचितों, दलितों, शोषितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज, सामाजिक न्याय के प्रखर प्रहरी, पद्म भूषण रामविलास पासवान की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।' पार्टी ने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन 'सेवा, संघर्ष, समर्पण और सामाजिक न्याय के मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।'
रामविलास पासवान की विरासत
गौरतलब है कि रामविलास पासवान ने दशकों तक केंद्रीय राजनीति में दलित और वंचित वर्गों की आवाज़ उठाई। वे खाद्य एवं उपभोक्ता मामले, रसायन एवं उर्वरक सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के प्रमुख रहे। उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। अक्टूबर 2020 में उनके निधन के बाद उनके पुत्र चिराग पासवान ने LJP की कमान संभाली। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सभी दलों में सक्रियता बढ़ी हुई है।
आगे की दिशा
पासवान की जयंती पर इस व्यापक राजनीतिक एकजुटता को सामाजिक न्याय की राजनीति के प्रति बिहार के नेताओं की प्रतिबद्धता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। LJP ने स्पष्ट किया कि पासवान के विचारों और संकल्पों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।