5 जुलाई 2026
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रामविलास पासवान जयंती पर बिहार के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, CM सम्राट चौधरी बोले — 'सदैव प्रेरणास्रोत'

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रामविलास पासवान जयंती पर बिहार के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, CM सम्राट चौधरी बोले — 'सदैव प्रेरणास्रोत'

सारांश

रामविलास पासवान की जयंती पर बिहार की पूरी राजनीतिक बिरादरी एक सुर में दिखी — CM सम्राट चौधरी से लेकर BJP, JDU और LJP तक सभी ने उन्हें सामाजिक न्याय का प्रतीक बताया। यह एकजुटता बताती है कि पासवान की विरासत आज भी बिहार की राजनीति का केंद्रबिंदु है।

मुख्य बातें

5 जुलाई 2026 को रामविलास पासवान की जयंती पर बिहार के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर पासवान को 'सदैव प्रेरणास्रोत' बताया।
मंत्री विजय कुमार सिन्हा , मंत्री श्रेयसी सिंह , BJP अध्यक्ष संजय सरावगी और JDU ने भी श्रद्धांजलि दी।
लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने अपने संस्थापक को 'सामाजिक न्याय के प्रखर प्रहरी' बताया।
पासवान को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था; अक्टूबर 2020 में उनका निधन हुआ था।

लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती पर 5 जुलाई 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित राज्य के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने पासवान को सामाजिक न्याय, जनसेवा और वंचित वर्गों के उत्थान के प्रति आजीवन समर्पित एक अप्रतिम जननेता बताया।

मुख्यमंत्री की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'देश की राजनीति के प्रख्यात जननेता और जनसेवा के प्रति समर्पित पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि व सादर नमन। उनका जनकल्याण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।' चौधरी ने पासवान के जीवन-मूल्यों को बिहार की राजनीति के लिए आज भी प्रासंगिक बताया।

अन्य मंत्रियों और नेताओं की प्रतिक्रिया

बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर लिखा, 'पूर्व केंद्रीय मंत्री व लोकप्रिय राजनेता रामविलास पासवान जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।' राज्य की एक अन्य मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा, 'उनका सामाजिक न्याय, जनसेवा और समर्पण का जीवन सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।'

बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष संजय सरावगी ने पासवान को 'पद्म विभूषण से सम्मानित' बताते हुए उन्हें नमन किया। वहीं, जनता दल (यूनाइटेड) — JDU ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा कि पासवान 'सामाजिक समरसता, जनसेवा और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन समर्पित रहे।'

LJP की भावभीनी श्रद्धांजलि

लोक जनशक्ति पार्टी ने अपने संस्थापक को याद करते हुए लिखा, 'गरीबों, वंचितों, दलितों, शोषितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज, सामाजिक न्याय के प्रखर प्रहरी, पद्म भूषण रामविलास पासवान की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।' पार्टी ने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन 'सेवा, संघर्ष, समर्पण और सामाजिक न्याय के मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।'

रामविलास पासवान की विरासत

गौरतलब है कि रामविलास पासवान ने दशकों तक केंद्रीय राजनीति में दलित और वंचित वर्गों की आवाज़ उठाई। वे खाद्य एवं उपभोक्ता मामले, रसायन एवं उर्वरक सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के प्रमुख रहे। उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। अक्टूबर 2020 में उनके निधन के बाद उनके पुत्र चिराग पासवान ने LJP की कमान संभाली। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सभी दलों में सक्रियता बढ़ी हुई है।

आगे की दिशा

पासवान की जयंती पर इस व्यापक राजनीतिक एकजुटता को सामाजिक न्याय की राजनीति के प्रति बिहार के नेताओं की प्रतिबद्धता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। LJP ने स्पष्ट किया कि पासवान के विचारों और संकल्पों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

JDU और LJP का एक साथ श्रद्धांजलि देना महज़ औपचारिकता नहीं — यह बिहार की जातीय और सामाजिक राजनीति में पासवान की अपरिहार्य प्रासंगिकता को रेखांकित करता है। दिलचस्प यह है कि जो दल कभी वैचारिक धरातल पर दूरी रखते थे, वे आज एक ही मंच पर पासवान की विरासत को अपनाने की होड़ में हैं। यह संकेत देता है कि दलित और वंचित मतदाताओं को साधने की राजनीतिक ज़रूरत आज भी उतनी ही तीव्र है। असली सवाल यह है कि क्या यह श्रद्धांजलि नीतिगत प्रतिबद्धता में बदलती है, या केवल जयंती तक सीमित रहती है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामविलास पासवान कौन थे और उनकी विरासत क्या है?
रामविलास पासवान लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक और कई बार के केंद्रीय मंत्री थे, जिन्होंने दलित, वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए दशकों तक संघर्ष किया। उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था और अक्टूबर 2020 में उनका निधन हुआ।
5 जुलाई को रामविलास पासवान की जयंती पर किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री श्रेयसी सिंह, BJP अध्यक्ष संजय सरावगी, JDU और लोक जनशक्ति पार्टी ने एक्स पर पोस्ट कर पासवान को श्रद्धांजलि दी।
LJP की स्थापना किसने की थी और अब पार्टी का नेतृत्व कौन करता है?
लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना रामविलास पासवान ने की थी। उनके निधन के बाद उनके पुत्र चिराग पासवान ने पार्टी की कमान संभाली है।
रामविलास पासवान को कौन-से सम्मान मिले थे?
रामविलास पासवान को भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था। वे खाद्य एवं उपभोक्ता मामले, रसायन एवं उर्वरक सहित कई महत्वपूर्ण केंद्रीय मंत्रालयों के प्रमुख भी रहे।
बिहार की राजनीति में रामविलास पासवान का क्या महत्व है?
रामविलास पासवान बिहार की दलित और वंचित राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक थे। उनकी जयंती पर सत्तारूढ़ और विपक्षी सभी दलों का एकजुट होकर श्रद्धांजलि देना दर्शाता है कि उनकी विरासत आज भी राज्य की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाती है।
राष्ट्र प्रेस
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