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क्या भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बीएमसी चुनावों में बढ़त बनाई?

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क्या भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बीएमसी चुनावों में बढ़त बनाई?

सारांश

महाराष्ट्र में शुक्रवार को नगर निकाय चुनावों की वोटों की गिनती शुरू हुई। शुरुआती रुझानों में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बीएमसी चुनावों में बढ़त बनाई है। क्या यह भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण जीत साबित होगी?

मुख्य बातें

भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन बीएमसी में बढ़त बनाए हुए है।
मुंबई में 34 वार्डों में भाजपा की बढ़त है।
ठाकरे गुट ने 26 वार्डों में बढ़त बनाई है।
पुणे में असामान्य राजनीतिक गठबंधन देखने को मिला है।
इस चुनाव से महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य पर असर पड़ेगा।

नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में शुक्रवार को नगर निकाय चुनावों की वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। प्रारंभिक रुझानों के अनुसार, भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन महत्वपूर्ण बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों में प्रारंभिक बढ़त बना चुका है।

यह नतीजे इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि लगभग नौ साल के लंबे अंतराल के बाद 29 नगर निकायों के लिए चुनाव हो रहे हैं।

प्रारंभिक रुझानों के अनुसार, मुंबई की बीएमसी में भाजपा गठबंधन 34 वार्डों में आगे है। इनमें से भारतीय जनता पार्टी 25 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट ने नौ वार्डों में बढ़त बनाई है।

ठाकरे भाई उनके पीछे हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) 23 वार्डों में आगे चल रही है, जबकि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) तीन वार्डों में बढ़त बनाए हुए है, जिससे ठाकरे कैंप का कुल आंकड़ा 26 वार्डों तक पहुँच गया है। इस मुकाबले को प्रतिष्ठा की लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है, विशेषकर मुंबई में, जहाँ बीएमसी पर नियंत्रण का राजनीतिक और वित्तीय रूप से अत्यधिक महत्व है।

बीएमसी का सालाना बजट 74,400 करोड़ रुपये से अधिक है, और चार साल की देरी के बाद चुनाव हो रहे हैं। अकेले मुंबई में 227 सीटों के लिए कुल 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं, जो राजनीतिक पार्टियों के बीच कड़ी टक्कर को दर्शाता है।

एग्जिट पोल ने पहले ही यह अनुमान लगाया था कि ठाकरे गुट मराठा और मुस्लिम वोटों को मजबूत कर सकता है, जबकि कांग्रेस से उम्मीद थी कि वह अल्पसंख्यक-बहुल क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाए रखेगी।

गुरुवार को पूरे महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों के 893 वार्डों में फैली 2,869 सीटों के लिए वोटिंग हुई। राज्य भर में चुनाव लड़ रहे 15,931 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए 3.48 करोड़ वोटर वोट डालने के योग्य थे।

इसके अलावा, पुणे एक और बड़ा चुनावी मैदान है जो ध्यान आकर्षित कर रहा है। इस शहर में एक असामान्य राजनीतिक गठबंधन देखने को मिला है, जिसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दो विरोधी गुट, जिनका नेतृत्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनके चाचा, राज्यसभा सांसद शरद पवार कर रहे हैं, नगर निगम चुनावों के लिए एकजुट हुए हैं।

पुणे के नतीजों से भविष्य के राज्य और राष्ट्रीय चुनावों से पहले एनसीपी के अंदर बदलती सत्ता की गतिशीलता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। अभी भी वोटों की गिनती जारी है, इसलिए राजनीतिक दल सतर्क हैं, क्योंकि प्रारंभिक रुझान काफी बदल सकते हैं। अंतिम नतीजों से महाराष्ट्र के स्थानीय शासन परिदृश्य को आकार मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ठाकरे गुट की भी मजबूत उपस्थिति है। इससे स्पष्ट होता है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएमसी चुनावों में कितने उम्मीदवार थे?
बीएमसी चुनावों में कुल 1,700 उम्मीदवार थे।
मुंबई में कितनी वार्डों में चुनाव हुए?
मुंबई में 227 वार्डों में चुनाव हुए।
किस पार्टी ने बीएमसी में सबसे ज्यादा वार्डों में बढ़त बनाई?
भाजपा ने बीएमसी में 25 वार्डों में बढ़त बनाई है।
ठाकरे गुट की कौन-कौन सी पार्टियाँ चुनाव में थीं?
ठाकरे गुट में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की एमएनएस शामिल हैं।
पुणे में किस राजनीतिक गठबंधन की चर्चा हो रही है?
पुणे में एनसीपी के दो विरोधी गुटों का गठबंधन चर्चा में है।
राष्ट्र प्रेस
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