शायना एनसी बोलीं — एनसीपी का मामला उनका आंतरिक विषय, महायुति का फोकस महाराष्ट्र के विकास पर
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना नेता शायना एनसी ने 7 नवंबर 2026 को मुंबई में स्पष्ट किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से जुड़े घटनाक्रम पूरी तरह उस पार्टी का आंतरिक मामला हैं और इस पर अटकलें लगाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि महायुति गठबंधन का एकमात्र लक्ष्य महाराष्ट्र की जनता के हित में विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के सोशल मीडिया पोस्ट पर सवाल उठाए।
महायुति और एनसीपी पर शायना एनसी का रुख
शायना एनसी ने कहा, 'एनसीपी का मामला पूरी तरह उस पार्टी का अपना विषय है — इस पर बाहर से अटकलें लगाना ठीक नहीं।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का एकमात्र लक्ष्य राज्य की प्रगति सुनिश्चित करना है। उनके अनुसार, महायुति के तीनों घटक दल — शिवसेना, BJP और NCP (अजित पवार गुट) — मिलकर महाराष्ट्र की जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब एनसीपी के दोनों गुटों के बीच संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर सियासी हलचल तेज़ है।
रामायण फिल्म और भारतीय संस्कृति पर विचार
शायना एनसी ने रामायण पर आधारित आगामी फिल्म को लेकर भी अपनी राय ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि रामायण आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सदियों पहले थी और नई पीढ़ी — जेनरेशन Z और जेनरेशन अल्फा — को भारतीय संस्कृति और सभ्यता की जानकारी होनी चाहिए। उनके अनुसार, यह फिल्म युवाओं के लिए देश के इतिहास और विरासत को समझने का एक सार्थक अवसर बन सकती है।
सीजेपी पर आरोप और युवाओं की उम्मीदें
शायना एनसी ने सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) संगठन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह संगठन एक बार फिर राजनीतिक ड्रामा कर रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर था और अब कोच्चि पहुँच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संगठन को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन उसे अपने विज़न और भविष्य की योजना भी स्पष्ट करनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि देश का युवा राजनीतिक दिखावे से नहीं, बल्कि रोज़गार और आत्मनिर्भरता से जुड़ी ठोस नीतियों से प्रेरित होता है।
राम कदम का अभिषेक बनर्जी पर हमला
BJP विधायक राम कदम ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा की गई तस्वीरों और ऑडियो को लेकर सवाल उठाए। कदम ने कहा कि ऑडियो सुनने से ऐसा प्रतीत होता है कि इसे बनर्जी के अपने लोगों ने तैयार किया है और इसका उद्देश्य जनता की सहानुभूति बटोरना हो सकता है। उन्होंने कहा, 'व्यक्ति को अपने कर्मों का फल ज़रूर मिलता है।' हालाँकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
एनसीपी के गुटों पर BJP का सतर्क रवैया
एनसीपी के दोनों गुटों के बीच संभावित समीकरणों पर राम कदम ने कहा कि सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल जैसे नेता पहले शरद पवार के साथ थे, जब एनसीपी एकजुट थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कौन किसके साथ जाना चाहता है, यह संबंधित नेताओं और पार्टियों का आंतरिक फैसला है — BJP इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। गौरतलब है कि महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी का विभाजन लंबे समय से सत्ता संतुलन का एक निर्णायक पहलू बना हुआ है। आने वाले दिनों में इन राजनीतिक समीकरणों का महायुति सरकार की स्थिरता पर क्या असर पड़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।