10 अगस्त 2026
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संजय निरुपम का पलटवार: 'हमारे साथियों की अपनी ताकत, 2029 तक खत्म होगी उद्धव की पार्टी'

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संजय निरुपम का पलटवार: 'हमारे साथियों की अपनी ताकत, 2029 तक खत्म होगी उद्धव की पार्टी'

सारांश

संजय निरुपम ने आदित्य ठाकरे की चुनौती को सिरे से नकारते हुए दावा किया कि उनके साथ आए नेताओं का अपना राजनीतिक कद है। साथ ही उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी को 2029 तक समाप्त होने की भविष्यवाणी की और संजय राउत को 'झूठे इंसान' करार दिया।

मुख्य बातें

संजय निरुपम ने 22 जून को मुंबई में आदित्य ठाकरे के बयान को खारिज करते हुए कहा कि उनके साथ आए नेताओं की अपनी राजनीतिक ताकत है।
निरुपम ने कहा कि ये नेता चुनाव में शिवसेना और BJP दोनों के समर्थन से उतरेंगे।
बाला साहेब ठाकरे और हिंदुत्व की विचारधारा छोड़ने वालों को निरुपम ने 'सबसे बड़े गद्दार' कहा।
संजय राउत को 'झूठे इंसान' करार देते हुए निरुपम ने उन पर भ्रामक प्रचार का आरोप लगाया।
निरुपम ने दावा किया कि 2029 तक उद्धव ठाकरे की पार्टी अस्तित्वहीन हो जाएगी और अंत में केवल राउत व उद्धव ही बचेंगे।

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने 22 जून को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आदित्य ठाकरे के उस बयान को सीधे खारिज किया, जिसमें आदित्य ने दावा किया था कि शिवसेना (यूबीटी) की टिकट से जीते नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव नहीं जीत सकते। निरुपम ने कहा कि उनके साथ आए सभी नेताओं का अपना स्वतंत्र राजनीतिक अस्तित्व है और वे चुनावी मैदान में शिवसेना तथा BJP दोनों के समर्थन से उतरेंगे।

निरुपम का आदित्य ठाकरे को जवाब

निरुपम ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जितने भी लोग हमारे साथ आए हैं, उन सभी की अपनी एक ताकत है। उनका अपना राजनीतिक अस्तित्व है।' उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि जब ये नेता चुनाव में उतरेंगे, तो उन्हें शिवसेना और BJP दोनों का समर्थन मिलेगा। उन्होंने प्रतिद्वंद्वियों को परोक्ष रूप से संदेश देते हुए कहा कि ऐसे में किसी के लिए भी सपने देखना उचित नहीं होगा।

बाला साहेब के विचारों पर तीखा हमला

निरुपम ने उन नेताओं पर कड़ा प्रहार किया जिन्होंने, उनके अनुसार, बाला साहेब ठाकरे और हिंदुत्व की विचारधारा से मुँह मोड़ा। उन्होंने कहा, 'जिन लोगों ने बाला साहेब ठाकरे और हिंदुत्व के विचारों को तिलांजलि दी, उनसे बड़ा गद्दार कौन हो सकता है? सबसे बड़े गद्दार तो ये लोग हैं।' यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से शिवसेना (यूबीटी) के नेतृत्व पर निशाना साधती है।

केंद्र सरकार की मदद और विकास का तर्क

निरुपम ने यह भी तर्क दिया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाना किसी भी जनप्रतिनिधि का अधिकार और कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि हर सांसद और विधायक अपने क्षेत्र में विकास चाहता है और यदि कोई सत्ता के करीब रहकर अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ अपने मतदाताओं तक पहुँचाना चाहता है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

संजय राउत और उद्धव ठाकरे पर निशाना

शिवसेना (यूबीटी) के मुखर नेता संजय राउत पर सीधा हमला करते हुए निरुपम ने उन्हें 'झूठे इंसान' करार दिया और कहा कि वे हमेशा भ्रामक प्रचार करते हैं। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के नेता इसलिए पार्टी छोड़ रहे हैं क्योंकि उनका अपने नेता उद्धव ठाकरे पर से भरोसा उठ रहा है। निरुपम के अनुसार, 'उनका नेता निष्क्रिय हो चुका है। वो सिर्फ मातोश्री में बैठकर सरकार चलाना चाहता है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पार्टी छोड़ने की प्रक्रिया में पैसे की कोई भूमिका नहीं है।

2029 तक उद्धव की पार्टी के खात्मे का दावा

निरुपम ने एक बड़ा राजनीतिक पूर्वानुमान व्यक्त करते हुए कहा कि 2029 आते-आते उद्धव ठाकरे की पार्टी अस्तित्व में नहीं रहेगी। उनका कहना था कि पार्टी चलाने के तरीके से आम कार्यकर्ताओं और नेताओं में असंतोष बढ़ रहा है और अंततः केवल संजय राउत और उद्धव ठाकरे ही पार्टी में बचेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच खींचतान जारी है और दलबदल की घटनाएँ लगातार सुर्खियों में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक रक्षात्मक मुद्रा है — और निरुपम ने इसे भाँपते हुए आक्रामक पलटवार किया। असली सवाल यह है कि दलबदल की यह लहर महज व्यक्तिगत असंतोष है या संगठनात्मक विफलता का संकेत — और 2024 के चुनावी नतीजों के बाद शिवसेना (यूबीटी) के लिए यह प्रश्न और भी प्रासंगिक हो जाता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने आदित्य ठाकरे के किस बयान पर प्रतिक्रिया दी?
आदित्य ठाकरे ने कहा था कि शिवसेना (यूबीटी) की टिकट से जीते नेता BJP के टिकट पर चुनाव नहीं जीत सकते। निरुपम ने इसे खारिज करते हुए कहा कि उनके साथ आए नेताओं का अपना राजनीतिक अस्तित्व है और वे शिवसेना व BJP दोनों के समर्थन से मैदान में उतरेंगे।
निरुपम ने उद्धव ठाकरे की पार्टी के बारे में क्या भविष्यवाणी की?
निरुपम ने दावा किया कि 2029 तक उद्धव ठाकरे की पार्टी समाप्त हो जाएगी। उनके अनुसार पार्टी चलाने के तरीके से आम कार्यकर्ताओं में असंतोष है और अंततः केवल संजय राउत और उद्धव ठाकरे ही पार्टी में बचेंगे।
निरुपम ने संजय राउत पर क्या आरोप लगाए?
निरुपम ने संजय राउत को 'झूठे इंसान' कहा और आरोप लगाया कि वे हमेशा भ्रामक प्रचार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के नेता इसलिए पार्टी छोड़ रहे हैं क्योंकि उनका अपने नेता पर से भरोसा उठ रहा है।
निरुपम ने केंद्र सरकार की सहायता के बारे में क्या कहा?
निरुपम ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाना हर जनप्रतिनिधि का अधिकार है। यदि कोई सांसद या विधायक सत्ता के करीब रहकर अपने मतदाताओं के लिए अधिक योजनाओं का लाभ लेना चाहता है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
निरुपम ने बाला साहेब ठाकरे का जिक्र किस संदर्भ में किया?
निरुपम ने कहा कि जिन लोगों ने बाला साहेब ठाकरे और हिंदुत्व की विचारधारा को छोड़ दिया, वे सबसे बड़े गद्दार हैं। यह टिप्पणी शिवसेना (यूबीटी) के नेतृत्व पर परोक्ष रूप से निशाना साधती है।
राष्ट्र प्रेस
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