क्या उद्धव ठाकरे ने मुस्लिम वोटों के लिए हिन्दुत्व से किया धोखा? : संजय निरुपम
सारांश
Key Takeaways
- संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- यह मामला हिन्दुत्व और मुस्लिम वोटों के संदर्भ में है।
- मुंबई के नागरिकों ने इस धोखाधड़ी को पहचाना है।
मुंबई, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर गंभीर आरोप लगाया है कि उन्होंने कुछ मुस्लिम वोटों के लिए हिन्दुत्व की विचारधारा से धोखाधड़ी की।
बीएमसी चुनाव के बाद अब तक मेयर के चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस संदर्भ में संजय निरुपम ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत की।
उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) को निशाने पर लेते हुए कहा कि यही सबसे बड़ा सवाल है। एक ओर वे पर्दे के पीछे साजिशें कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मेयर पदधोखेबाजी को मुंबई के नागरिकों ने पहचान लिया है। उन्होंने सत्ता के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाया, बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को धोखा दिया, और कुछ मुस्लिम वोट पाने के लिए हिन्दुत्व को ठुकरा दिया। यदि वे कुछ सीटें जीतते हैं, तो वह केवल मुस्लिम वोटों के आधार पर। यदि जिहादी वोट नहीं देते, तो कोई भी सीट नहीं जीत पाते। वे लगातार झूठ बोलने का काम कर रहे हैं। मुंबई के लोगों ने यह पहचान लिया है, इसलिए अब वे विपक्ष में बैठ गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल बातें हैं। सच्चाई यह है कि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव परिणामों के बाद से वे लगातार सत्ता के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। वे बहाने बनाते रहते हैं—कभी बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी का बहाना, तो कभी मराठी गौरव के नाम पर। सच्चाई यह है कि मुंबई के लोगों ने साफ कर दिया है कि उद्धव ठाकरे का समूह, जो 27 साल तक मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में सत्ता में रहा, ने खजाने को लूट लिया, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया, और लगातार मुंबईकरों पर अत्याचार किया। मुंबई के नागरिकों ने तय कर लिया है कि मेयर शिवसेना-भाजपा का होना चाहिए। सच यह है कि वे पिछले दरवाजे से खड़े हैं कि मेयर का पद मिल जाए।
संजय निरुपम ने कमाल आर खान का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कमाल आर खान की हरकतें केवल जुबानी शरारत लगती थीं, लेकिन अब यह एक सोची-समझी बदमाशी लग रही है। यदि मुंबई या ओशिवारा पुलिस के पास इस बात का सबूत है कि उस रात वे उस बिल्डिंग में हुई फायरिंग में शामिल थे, जहां फिल्ममेकर नीरज मिश्रा रहते हैं, तो यह एक गंभीर मामला है।