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संजय निरुपम का विपक्ष पर हमला: युवाओं को गुमराह कर रहा विपक्ष, राहुल गांधी को नहीं बख्शा

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संजय निरुपम का विपक्ष पर हमला: युवाओं को गुमराह कर रहा विपक्ष, राहुल गांधी को नहीं बख्शा

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने विपक्ष पर युवाओं को भड़काने और राहुल गांधी पर 'भारत-विरोधी' आचरण का आरोप लगाया। साथ ही शिवसेना (यूबीटी) को 2029 तक राजनीतिक रूप से खत्म होने की भविष्यवाणी की।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 17 जून को मुंबई में विपक्ष पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया।
निरुपम ने कहा कि राहुल गांधी के सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए छात्रों को उकसाना 'भारत-विरोधी गतिविधि' के बराबर है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत द्वारा बागी सांसदों को 'बिकाऊ' कहने पर निरुपम ने पार्टी के नेतृत्व को अक्षम करार दिया।
निरुपम ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) 2029 तक राजनीतिक रूप से समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने स्वीकार किया कि बेरोज़गारी एक वास्तविक मुद्दा है, लेकिन इसे 'विद्रोह में बदलना' अस्वीकार्य है।

शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने 17 जून को मुंबई में विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश की वास्तविक समस्याएँ सरकार के सामने उठाने की बजाय युवाओं को भड़काने और देश का माहौल बिगाड़ने में लगे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की राजनीति से न तो जनता का भला होगा और न ही देश का।

विपक्ष पर भड़काने का आरोप

निरुपम ने कहा कि विपक्ष के पास यह अधिकार है कि वह सरकार के सामने देश की समस्याएँ रखे और रचनात्मक दबाव बनाए, लेकिन इसके बजाय वे 'गलत संदेश' फैलाकर सामाजिक माहौल को दूषित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यह कोई नई बात नहीं है — विपक्ष पहले भी देश के लोगों को गुमराह करने का काम कर चुका है।'

राहुल गांधी के सोशल मीडिया पोस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सोशल मीडिया पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए निरुपम ने कहा, 'बेरोजगारी भारत के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में एक बड़ा मुद्दा है और इससे इनकार नहीं किया जा सकता। निश्चित रूप से, विपक्ष या किसी भी अन्य व्यक्ति को सरकार पर रोजगार के और अवसर पैदा करने के लिए रचनात्मक दबाव डालने का अधिकार है।' हालाँकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि छात्रों को उकसाकर उनके असंतोष को 'विद्रोही आंदोलन' में बदलने की कोशिश की जाए, तो वह भारत-विरोधी गतिविधि के बराबर होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आचरण के लिए राहुल गांधी को माफ नहीं किया जा सकता।

शिवसेना (यूबीटी) में अंदरूनी कलह पर बयान

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत द्वारा बागी सांसदों के लिए अपशब्दों के इस्तेमाल पर निरुपम ने कहा कि उद्धव गुट के सांसदों और विधायकों में नेतृत्व के प्रति गहरा अविश्वास और बेचैनी है। उन्होंने कहा, 'राउत कल तक अपने सांसदों के लिए प्रेम और आदर की भाषा बोलते थे, आज उन्हें 'बिकाऊ' तक कह दिया। यह पार्टी के नेतृत्व के खोखलेपन की निशानी है।'

'ऑपरेशन टाइगर' और शिवसेना (यूबीटी) का भविष्य

कथित 'ऑपरेशन टाइगर' के संदर्भ में निरुपम ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) 2029 तक राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी से रोज़ लोग जा रहे हैं और यह अंदरूनी मामला है जिससे उनकी पार्टी का कोई सीधा संबंध नहीं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान महाराष्ट्र की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को और तीखा करते हैं।

आगे क्या

महाराष्ट्र में 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद से शिवसेना के दोनों गुटों के बीच जुबानी जंग तेज़ हुई है। निरुपम के इन बयानों को महायुति गठबंधन की रणनीतिक आक्रामकता के तौर पर देखा जा रहा है, जो विपक्षी एकता को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

शिवसेना (यूबीटी) की आंतरिक दरारों पर निरुपम की टिप्पणी उस व्यापक संकट की ओर इशारा करती है जिसका सामना उद्धव गुट कर रहा है — और जिसे नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है।
RashtraPress
9 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश की समस्याएँ सरकार के सामने उठाने की बजाय युवाओं को भड़काकर देश का माहौल खराब करने में लगा है। उनके अनुसार यह विपक्ष की पुरानी आदत है।
राहुल गांधी के सोशल मीडिया पोस्ट पर निरुपम की क्या प्रतिक्रिया थी?
निरुपम ने कहा कि बेरोज़गारी एक वास्तविक मुद्दा है और सरकार पर रचनात्मक दबाव डालने का अधिकार सबको है, लेकिन छात्रों को उकसाकर असंतोष को विद्रोह में बदलना 'भारत-विरोधी गतिविधि' है। उन्होंने कहा कि ऐसे आचरण के लिए राहुल गांधी को माफ नहीं किया जा सकता।
शिवसेना (यूबीटी) में अंदरूनी कलह को लेकर निरुपम ने क्या कहा?
निरुपम ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों और विधायकों में नेतृत्व के प्रति गहरा अविश्वास है। उन्होंने संजय राउत द्वारा अपने ही सांसदों को 'बिकाऊ' कहने को पार्टी के नेतृत्व की विफलता का प्रमाण बताया।
'ऑपरेशन टाइगर' क्या है और निरुपम ने इस पर क्या कहा?
निरुपम ने 'ऑपरेशन टाइगर' को शिवसेना (यूबीटी) का अंदरूनी मामला बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) 2029 तक राजनीतिक रूप से समाप्त हो जाएगी क्योंकि लोग रोज़ पार्टी छोड़ रहे हैं।
क्या निरुपम ने बेरोज़गारी को असली समस्या माना?
हाँ, निरुपम ने स्वीकार किया कि बेरोज़गारी भारत सहित दुनिया के कई देशों में एक बड़ा मुद्दा है। हालाँकि उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इसका समाधान रचनात्मक दबाव से निकलेगा, न कि युवाओं को भड़काने से।
राष्ट्र प्रेस
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