संजय निरुपम का दावा: शिवसेना (यूबीटी) 2029 तक हो सकती है पूरी तरह समाप्त
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने 16 जून 2026 को मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि यह पार्टी और संगठन लगातार कमज़ोर पड़ता जा रहा है और वर्ष 2029 तक इसका पूरी तरह अस्तित्व समाप्त हो सकता है। निरुपम ने इस गिरावट के लिए पार्टी नेतृत्व को सीधे ज़िम्मेदार ठहराया।
नेतृत्व पर निशाना
निरुपम के अनुसार शिवसेना (यूबीटी) के नेतृत्व में सुस्ती, अहंकार और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद की कमी साफ दिखाई देती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी का नेतृत्व 'वर्क फ्रॉम होम' की तर्ज़ पर काम कर रहा है, जिसके चलते ज़मीनी कार्यकर्ताओं में गहरी नाराज़गी और असंतोष पनप रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के दोनों धड़ों के बीच प्रभुत्व की लड़ाई जारी है।
ऑपरेशन प्रगति और शिंदे की बढ़ती लोकप्रियता
शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एनसी ने पार्टी में शामिल हो रहे नए लोगों को लेकर कहा कि किसी तरह के कयास लगाने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसेना का एकमात्र मिशन 'ऑपरेशन प्रगति' है। शाइना एनसी ने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और हर दिन बड़ी संख्या में नए लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं।
ऑपरेशन टाइगर की अटकलें और यूबीटी का जवाब
शिवसेना (यूबीटी) सांसदों से जुड़े कथित 'ऑपरेशन टाइगर' की अटकलों पर यूबीटी सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे ने दो टूक कहा, 'मैं यूबीटी के साथ हूँ। ये अटकलें पिछले एक साल से चल रही हैं। मुझे नहीं पता कि ये क्यों चल रही हैं। आज, मैं यूबीटी के साथ खड़ा हूँ।' गौरतलब है कि यूबीटी खेमे के कई सांसदों को लेकर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की ओर से संपर्क साधे जाने की खबरें पिछले कुछ महीनों से आ रही हैं।
मोदी को स्लोवाकिया सम्मान और इंडिया ब्लॉक पर प्रहार
निरुपम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मोदी केवल भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और भू-राजनीतिक मामलों में भी एक विश्वसनीय और प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित हैं, इसीलिए स्लोवाकिया ने उन्हें अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से नवाज़ा।
इंडिया ब्लॉक पर निशाना साधते हुए निरुपम ने कहा कि गठबंधन की प्रमुख सहयोगी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने कांग्रेस की नीतियों और विशेष रूप से राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार DMK ने राहुल गांधी को अविश्वसनीय बताते हुए आरोप लगाया है कि वे जानबूझकर सहयोगी दलों को कमज़ोर करने का प्रयास करते हैं। आलोचकों का कहना है कि इंडिया ब्लॉक के भीतर यह आंतरिक तनाव आगामी चुनावों से पहले गठबंधन की एकजुटता के लिए चुनौती बन सकता है।