3 अगस्त 2026
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संजय निरुपम का बड़ा दावा: शिवसेना यूबीटी और सपा में टूट के संकेत, राहुल गांधी युवाओं को भड़का रहे

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संजय निरुपम का बड़ा दावा: शिवसेना यूबीटी और सपा में टूट के संकेत, राहुल गांधी युवाओं को भड़का रहे

सारांश

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने एक साथ तीन मोर्चे खोले — राहुल गांधी पर कोटा कार्यक्रम को 'स्क्रिप्टेड' बताया, शिवसेना यूबीटी के छह सांसदों की कथित बगावत की पुष्टि की, और समाजवादी पार्टी में टूट की भविष्यवाणी की। यह बयान इंडिया गठबंधन के लिए एक साथ कई चुनौतियाँ खड़ी करता है।

मुख्य बातें

संजय निरुपम ने 18 जून को शिवसेना (यूबीटी) के नौ में से छह लोकसभा सांसदों के अलग समूह बनाने की कोशिश का दावा किया।
कथित तौर पर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा गया; उद्धव ठाकरे की संसदीय दल बैठक में छह सांसद अनुपस्थित रहे।
निरुपम ने राहुल गांधी के कोटा संवाद कार्यक्रम को 'पूर्व-नियोजित और स्क्रिप्टेड' करार दिया।
समाजवादी पार्टी में भी बड़े पैमाने पर बगावत की आशंका जताई; उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दावों का हवाला दिया।
संसद के बाहर बैठक के लिए व्हिप जारी करने को 'कानूनी आधारहीन' बताया और पार्टी नेतृत्व पर गलत सलाह लेने का आरोप लगाया।

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने गुरुवार, 18 जून को मुंबई में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, शिवसेना (यूबीटी) और समाजवादी पार्टी (सपा) पर एक साथ कई गंभीर आरोप लगाए — कथित तौर पर युवाओं को भड़काने से लेकर विपक्षी दलों में बड़े पैमाने पर आंतरिक विद्रोह तक। साथ ही उन्होंने एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए दावा किया कि क्षेत्रीय दलों के सांसद और कार्यकर्ता तेज़ी से एनडीए की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

राहुल गांधी पर आरोप: कोटा कार्यक्रम 'स्क्रिप्टेड' था

निरुपम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कोटा में छात्रों के साथ हालिया संवाद कार्यक्रम को 'पूरी तरह पूर्व-नियोजित और स्क्रिप्टेड' करार दिया। उनका आरोप है कि राहुल गांधी नीट और सीबीएसई जैसे मुद्दों की आड़ में देश के युवाओं को सरकार के विरुद्ध भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। निरुपम के अनुसार, इस रणनीति का उद्देश्य युवाओं में असंतोष पैदा कर देश में अराजकता का माहौल तैयार करना है।

उन्होंने कहा कि भारत की तुलना नेपाल, बांग्लादेश या श्रीलंका जैसे देशों से नहीं की जा सकती, क्योंकि यहाँ लोकतांत्रिक मूल्य समाज की जड़ों तक जुड़े हैं। निरुपम ने दावा किया कि भारत का युवा राष्ट्रवादी सोच रखता है और ऐसी राजनीति का हिस्सा नहीं बनेगा जो देश में अव्यवस्था फैलाए।

शिवसेना यूबीटी में अंदरूनी कलह: छह सांसदों की कथित नाराज़गी

निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) के भीतर चल रहे कथित असंतोष पर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसद अलग समूह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी सौंपा गया है। उनके अनुसार, इस खबर की पुष्टि तब हुई जब उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में कथित तौर पर वे छह सांसद शामिल नहीं हुए।

उद्धव गुट द्वारा बैठक के लिए व्हिप जारी किए जाने पर भी निरुपम ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारतीय संसदीय व्यवस्था में व्हिप का उपयोग केवल संसद या विधानसभा के भीतर विधायी गतिविधियों के लिए होता है — संसद के बाहर होने वाली बैठकों के लिए व्हिप जारी करने का कोई कानूनी आधार नहीं है। निरुपम का दावा है कि पार्टी नेतृत्व को गलत कानूनी सलाह दी गई, जिससे सार्वजनिक रूप से किरकिरी हुई।

समाजवादी पार्टी में भी टूट की आशंका

उत्तर प्रदेश की राजनीति का ज़िक्र करते हुए निरुपम ने कहा कि समाजवादी पार्टी में भी बड़े पैमाने पर असंतोष और बगावत की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हालिया दावों का हवाला देते हुए कहा कि यदि सपा के सांसद बड़ी संख्या में अलग समूह बनाकर एनडीए का समर्थन करें, तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

एनडीए की बढ़ती स्वीकार्यता का दावा

निरुपम ने कहा कि देशभर के राजनीतिक कार्यकर्ताओं, विधायकों और सांसदों के बीच प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व को लेकर आकर्षण बढ़ रहा है। उनका दावा है कि कई क्षेत्रीय दलों के भीतर भी इस बात की चर्चा है कि भविष्य में वे एनडीए के साथ आ सकते हैं।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब इंडिया गठबंधन के कई घटक दलों में आंतरिक तनाव की खबरें सामने आ रही हैं। निरुपम ने दावा किया कि विपक्षी दल लगातार कमज़ोर हो रहे हैं, जबकि एनडीए का प्रभाव और राजनीतिक स्वीकार्यता बढ़ रही है — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे 'टूट' की दिशा में व्याख्यायित करना अभी जल्दबाज़ी होगी — दल-बदल विरोधी कानून की बाधाएँ किसी भी औपचारिक विभाजन को जटिल बनाती हैं। सपा में टूट का दावा केवल एक भाजपा सहयोगी के बयान पर टिका है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मुख्यधारा की कवरेज इन दावों को उनके राजनीतिक संदर्भ — सत्तारूढ़ गठबंधन के एक नेता द्वारा विपक्ष को कमज़ोर दिखाने की रणनीति — से अलग करके नहीं देख सकती।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने शिवसेना यूबीटी में टूट को लेकर क्या दावा किया?
निरुपम ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह अलग समूह बनाना चाहते हैं और इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा गया है। उन्होंने उद्धव ठाकरे की संसदीय बैठक में इन छह सांसदों की कथित अनुपस्थिति को इस दावे की पुष्टि बताया।
राहुल गांधी के कोटा कार्यक्रम पर निरुपम का क्या आरोप है?
निरुपम ने कोटा में राहुल गांधी के छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम को 'पूरी तरह पूर्व-नियोजित और स्क्रिप्टेड' बताया। उनका आरोप है कि राहुल गांधी नीट और सीबीएसई जैसे मुद्दों की आड़ में युवाओं को सरकार के खिलाफ भड़काकर देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी में टूट की बात क्यों उठाई जा रही है?
निरुपम ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हालिया दावों का हवाला देते हुए कहा कि सपा सांसद बड़ी संख्या में अलग समूह बनाकर एनडीए का समर्थन कर सकते हैं। हालाँकि यह दावा अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
उद्धव गुट द्वारा जारी व्हिप पर निरुपम ने क्या कहा?
निरुपम ने कहा कि संसद के बाहर होने वाली पार्टी बैठकों के लिए व्हिप जारी करने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व को गलत कानूनी सलाह दी गई, जिससे संसदीय नियमों की समझ को लेकर सार्वजनिक रूप से किरकिरी हुई।
एनडीए की बढ़ती स्वीकार्यता को लेकर निरुपम का क्या कहना है?
निरुपम ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व से प्रभावित होकर विभिन्न दलों के नेता और जनप्रतिनिधि एनडीए की ओर रुख कर रहे हैं। उनके अनुसार, कई क्षेत्रीय दलों के भीतर भविष्य में एनडीए के साथ आने की चर्चा चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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