क्या महाराष्ट्र के विकास के लिए हमारी जीत आवश्यक है? : संजय निरुपम
सारांश
Key Takeaways
- महाराष्ट्र के विकास के लिए महानगर पालिका में जीत आवश्यक है।
- शिवसेना की जीत से विकास की गति तेज होगी।
- संजय निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया।
- लाडकी बहन योजना पर कांग्रेस का विरोध है।
- त्योहारों से पहले भाई दूज और दीपावली का समर्थन।
मुंबई, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि महाराष्ट्र में विकास की गति को तेज करने के लिए महानगर पालिका में भी हमारी पार्टी की जीत अनिवार्य है।
उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि कई योजनाएं ऐसी होती हैं, जिनके लिए महानगर पालिका की मंजूरी आवश्यक होती है। लेकिन, दुख की बात है कि जब किसी विरोधी दल की सरकार होती है, तो वो राजनीति के चलते इन योजनाओं का विरोध करती है। ऐसे में महाराष्ट्र में विकास की गति को तेज करने के लिए महानगर पालिका में हमारी पार्टी का जीतना आवश्यक हो जाता है।
संजय निरुपम ने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इस बार महानगर पालिका का महापौर मराठी होगा, और वह हिंदू होगा। तभी जाकर महाराष्ट्र का विकास तेज गति से होगा। पिछले चार वर्षों में महाराष्ट्र ने विकास के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है, और इसका श्रेय हमारी सरकार को जाता है, क्योंकि हर स्तर पर हमारी सरकार है।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। मौजूदा समय में दोनों देशों के बीच संवाद जारी है। हम स्थिति को अनुकूल करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, पाकिस्तान को ध्यान रखना होगा कि अगर उसने किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न करने की कोशिश की, तो निश्चित तौर पर उसे भारत की तरफ से उचित जवाब मिलेगा।
संजय निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके लोग हमेशा से नफरत फैलाने का कार्य करते आए हैं। अन्नामलाई के संदर्भ में सामना द्वारा प्रकाशित संपादकीय में जो बातें कही गईं, वो पूरी तरह से गलत हैं। शिवसेना (यूबीटी) के लोग इस प्रसंग का उपयोग करके महाराष्ट्र में रह रहे दक्षिण भारतीय लोगों के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं, जिसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा, लाडकी बहन योजना पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से इस योजना की विरोधी रही है। शिवसेना (यूबीटी) के लोगों ने वादा किया था कि जब वे सरकार में आएंगे, तो इस योजना को समाप्त कर देंगे। लेकिन, प्रदेश की जनता ने ऐसे लोगों को उचित जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि जब भी कोई त्योहार होता है, हमारी सरकार त्योहार से पहले उनके खातों में पैसे भेजती है, ताकि वे अपना त्योहार अच्छे से मना सकें। रक्षा बंधन, भाई दूज और दीपावली जैसे अवसरों पर इनके खातों में किस्त भेजी गई है। इस बार 15 को चुनाव हैं और 16 को नतीजों की घोषणा होगी, और 14 तारीख को मकर संक्रांति है। ऐसे में हमारी सरकार ने बहनों के खातों में पैसे भेजे, ताकि वे अपना त्योहार मना सकें, जिसे लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग ने इस पर स्टे लगाया है, जिसका हम स्वागत करते हैं।