13 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आरजी कर रेप-मर्डर केस: टीएमसी के पूर्व मुख्य सचेतक निर्मल घोष पुरी से गिरफ्तार, शव के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आरजी कर रेप-मर्डर केस: टीएमसी के पूर्व मुख्य सचेतक निर्मल घोष पुरी से गिरफ्तार, शव के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार का आरोप

सारांश

आरजी कर रेप-मर्डर केस में नया मोड़ — TMC के पूर्व मुख्य सचेतक निर्मल घोष ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार। आरोप है कि 9 अगस्त 2024 की रात पीड़िता का अंतिम संस्कार परिजनों के हस्ताक्षर और निर्धारित प्रक्रियाओं के बिना कराया गया — ताकि दोबारा पोस्टमार्टम की संभावना खत्म हो सके।

मुख्य बातें

TMC के पूर्व विधायक और पूर्व मुख्य सचेतक निर्मल घोष को गुरुवार, 13 अगस्त को पुरी, ओडिशा के एक होटल से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी 9 अगस्त 2024 की रात पीड़िता के शव के कथित जल्दबाजी में और अनियमित अंतिम संस्कार से जुड़ी नई एफआईआर के आधार पर हुई।
एफआईआर में घोष के अलावा TMC पार्षद सोमंथ डे और पड़ोसी संजीव मुखर्जी को भी नामजद किया गया है।
आरोप है कि अंतिम संस्कार परिवार के हस्ताक्षर और निर्धारित शुल्क के बिना कराया गया — कथित तौर पर दोबारा पोस्टमार्टम रोकने के लिए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ.
शारद्वत मुखर्जी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की; घोष को शुक्रवार को बैरकपुर जिला अदालत में पेश किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 2024 में हुए जूनियर महिला डॉक्टर के रेप और हत्या से जुड़े एक अहम मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और विधानसभा में पार्टी के पूर्व मुख्य सचेतक निर्मल घोष को ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी पीड़िता के शव के कथित तौर पर जल्दबाजी में और निर्धारित प्रक्रियाओं को दरकिनार करके किए गए अंतिम संस्कार से जुड़ी एफआईआर के आधार पर हुई है।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

निर्मल घोष उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे हैं। आरोप है कि 9 अगस्त 2024 की रात पानीहाटी के एक श्मशान घाट में पीड़िता का अंतिम संस्कार बिना परिवार के किसी सदस्य के हस्ताक्षर के और निर्धारित शुल्क तक माफ करते हुए कराया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, इन प्रक्रियाओं को दरकिनार करने का उद्देश्य शव के दोबारा पोस्टमार्टम की संभावना को खत्म करना था।

यह भी आरोप लगाया गया है कि पोस्टमार्टम और पंचनामा की प्रक्रिया संदिग्ध रूप से कम समय में और लापरवाही से पूरी की गई। गौरतलब है कि यह मामला देशभर में चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों की वजह बना था।

नई एफआईआर और नामजद आरोपी

मुख्यमंत्री के निर्देश पर बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट ने जल्दबाजी में हुए अंतिम संस्कार की जांच शुरू की थी। इसी सप्ताह पीड़िता के पिता की शिकायत पर खरदह थाने में नई एफआईआर दर्ज की गई। इस एफआईआर में निर्मल घोष के अलावा पानीहाटी नगरपालिका के स्थानीय TMC पार्षद सोमंथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी को भी नामजद किया गया है। शिकायत के अनुसार, इन तीनों की निगरानी में 9 अगस्त 2024 की रात शव का अंतिम संस्कार कराया गया।

फरारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

एफआईआर दर्ज होने के बाद निर्मल घोष कथित तौर पर फरार हो गए और पुलिस से बचने के लिए नया मोबाइल सिम कार्ड भी इस्तेमाल करने लगे। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के एक अधिकारी के अनुसार, बुधवार शाम जांच अधिकारियों को सूचना मिली कि घोष ओडिशा के पुरी में छिपे हैं। इसके बाद पुलिस की एक टीम पुरी रवाना हुई और गुरुवार दोपहर एक होटल से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

जानकारी के अनुसार, निर्मल घोष को पहले ओडिशा की अदालत में पेश किया जाएगा, जिसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें रातोंरात कोलकाता लाया जाएगा। शुक्रवार को उन्हें बैरकपुर की जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहां सरकारी वकील आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत की मांग करेगा।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मुखर्जी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम काफी पहले उठाया जाना चाहिए था। यह बयान ऐसे समय में आया है जब आरजी कर मामले में न्याय की मांग को लेकर दबाव लगातार बना हुआ है। इस मामले में अब तक की जांच और गिरफ्तारियां यह संकेत देती हैं कि जांच का दायरा मुख्य अपराध से आगे बढ़कर साक्ष्य से छेड़छाड़ की संभावनाओं तक फैल रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जांच का यह पहलू देर से सक्रिय हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब TMC पर आरजी कर मामले में साक्ष्य प्रबंधन के आरोप लगातार लगते रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री का यह स्वीकारना कि गिरफ्तारी 'काफी पहले हो जानी चाहिए थी', सरकार की अपनी जांच की गति पर अनजाने में सवाल खड़ा करता है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निर्मल घोष को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
निर्मल घोष को आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला जूनियर डॉक्टर के 2024 के रेप-मर्डर केस से जुड़े एक अलग मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि 9 अगस्त 2024 की रात उनकी निगरानी में पीड़िता का अंतिम संस्कार निर्धारित प्रक्रियाओं और परिजनों के हस्ताक्षर के बिना कराया गया।
निर्मल घोष को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
एफआईआर दर्ज होने के बाद घोष कथित तौर पर फरार हो गए थे और नया सिम कार्ड इस्तेमाल कर रहे थे। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट को सूचना मिली कि वे ओडिशा के पुरी में हैं, जिसके बाद टीम ने वहाँ पहुँचकर गुरुवार दोपहर एक होटल से उन्हें गिरफ्तार किया।
इस मामले में और कौन-कौन नामजद हैं?
पीड़िता के पिता की शिकायत पर खरदह थाने में दर्ज एफआईआर में निर्मल घोष के अलावा पानीहाटी नगरपालिका के TMC पार्षद सोमंथ डे और पड़ोसी संजीव मुखर्जी को भी नामजद किया गया है। तीनों पर आरोप है कि उनकी निगरानी में अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं का उल्लंघन हुआ।
जल्दबाजी में अंतिम संस्कार का आरोप क्यों गंभीर माना जा रहा है?
जांचकर्ताओं के अनुसार, अंतिम संस्कार में हुई कथित अनियमितताओं — जैसे परिजनों के हस्ताक्षर न लेना और शुल्क माफ करना — का उद्देश्य शव के दोबारा पोस्टमार्टम की संभावना खत्म करना था। पोस्टमार्टम और पंचनामा भी संदिग्ध रूप से कम समय में पूरे किए जाने का आरोप है, जो साक्ष्य से छेड़छाड़ की ओर इशारा करता है।
निर्मल घोष को अब आगे कहाँ पेश किया जाएगा?
उन्हें पहले ओडिशा की अदालत में पेश किया जाएगा और ट्रांजिट रिमांड पर रातोंरात कोलकाता लाया जाएगा। शुक्रवार को उन्हें बैरकपुर जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सरकारी वकील आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत की माँग करेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले