आरजी कर रेप-मर्डर केस: टीएमसी के पूर्व मुख्य सचेतक निर्मल घोष पुरी से गिरफ्तार, शव के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस ने गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 2024 में हुए जूनियर महिला डॉक्टर के रेप और हत्या से जुड़े एक अहम मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और विधानसभा में पार्टी के पूर्व मुख्य सचेतक निर्मल घोष को ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी पीड़िता के शव के कथित तौर पर जल्दबाजी में और निर्धारित प्रक्रियाओं को दरकिनार करके किए गए अंतिम संस्कार से जुड़ी एफआईआर के आधार पर हुई है।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
निर्मल घोष उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे हैं। आरोप है कि 9 अगस्त 2024 की रात पानीहाटी के एक श्मशान घाट में पीड़िता का अंतिम संस्कार बिना परिवार के किसी सदस्य के हस्ताक्षर के और निर्धारित शुल्क तक माफ करते हुए कराया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, इन प्रक्रियाओं को दरकिनार करने का उद्देश्य शव के दोबारा पोस्टमार्टम की संभावना को खत्म करना था।
यह भी आरोप लगाया गया है कि पोस्टमार्टम और पंचनामा की प्रक्रिया संदिग्ध रूप से कम समय में और लापरवाही से पूरी की गई। गौरतलब है कि यह मामला देशभर में चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों की वजह बना था।
नई एफआईआर और नामजद आरोपी
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट ने जल्दबाजी में हुए अंतिम संस्कार की जांच शुरू की थी। इसी सप्ताह पीड़िता के पिता की शिकायत पर खरदह थाने में नई एफआईआर दर्ज की गई। इस एफआईआर में निर्मल घोष के अलावा पानीहाटी नगरपालिका के स्थानीय TMC पार्षद सोमंथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी को भी नामजद किया गया है। शिकायत के अनुसार, इन तीनों की निगरानी में 9 अगस्त 2024 की रात शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
फरारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
एफआईआर दर्ज होने के बाद निर्मल घोष कथित तौर पर फरार हो गए और पुलिस से बचने के लिए नया मोबाइल सिम कार्ड भी इस्तेमाल करने लगे। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के एक अधिकारी के अनुसार, बुधवार शाम जांच अधिकारियों को सूचना मिली कि घोष ओडिशा के पुरी में छिपे हैं। इसके बाद पुलिस की एक टीम पुरी रवाना हुई और गुरुवार दोपहर एक होटल से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार, निर्मल घोष को पहले ओडिशा की अदालत में पेश किया जाएगा, जिसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें रातोंरात कोलकाता लाया जाएगा। शुक्रवार को उन्हें बैरकपुर की जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहां सरकारी वकील आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत की मांग करेगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मुखर्जी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम काफी पहले उठाया जाना चाहिए था। यह बयान ऐसे समय में आया है जब आरजी कर मामले में न्याय की मांग को लेकर दबाव लगातार बना हुआ है। इस मामले में अब तक की जांच और गिरफ्तारियां यह संकेत देती हैं कि जांच का दायरा मुख्य अपराध से आगे बढ़कर साक्ष्य से छेड़छाड़ की संभावनाओं तक फैल रहा है।