लॉटरी घोटाले में फरार टीएमसी नेता तीर्थंकर घोष गिरफ्तार, पानीहाटी से था उम्मीदवार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में पुलिस ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व उम्मीदवार तीर्थंकर घोष को गिरफ्तार किया, जो लॉटरी घोटाले, जबरन वसूली और हथियारों के बल पर धमकाने जैसे गंभीर आरोपों में लंबे समय से फरार चल रहे थे। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने एक ठिकाने पर छापा मारकर उन्हें दबोचा।
कौन हैं तीर्थंकर घोष
तीर्थंकर घोष, पानीहाटी विधानसभा सीट से TMC उम्मीदवार रहे हैं और निर्मल घोष के पुत्र हैं। निर्मल घोष, ममता बनर्जी की पिछली सरकार के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) रह चुके हैं। पिता-पुत्र दोनों ही इस मामले में पुलिस की रडार पर थे।
मुख्य आरोप और पृष्ठभूमि
वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद निर्मल घोष और तीर्थंकर का नाम चुनाव-पश्चात हिंसा में सामने आया था। इन दोनों पर एक स्थानीय ड्राइवर द्वारा लॉटरी में जीते गए लगभग ₹1 करोड़ जबरन छीनने का आरोप है। यह वही मामला है जिसमें पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी। गौरतलब है कि निर्मल घोष ने पानीहाटी से लगातार तीन बार जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार पार्टी ने उनकी जगह तीर्थंकर को मैदान में उतारा था।
चुनावी हार और राजनीतिक संदर्भ
हालिया विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने तीर्थंकर घोष को 28,000 से अधिक मतों के बड़े अंतर से पराजित किया था। यह हार TMC के लिए इस सीट पर एक बड़ा झटका मानी गई। यह ऐसे समय में आया है जब TMC के भीतर ही गुटबाजी की खबरें सामने आ रही हैं।
TMC की अंदरूनी हलचल
शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के निष्कासित विधायक रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की एक बैठक में निर्मल घोष की कथित भागीदारी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि बाद में रितब्रत बनर्जी ने निर्मल घोष के अपने गुट में शामिल होने की संभावना को सिरे से नकार दिया।
आगे की कानूनी कार्यवाही
गिरफ्तारी के बाद तीर्थंकर घोष को सोमवार को उत्तर 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया जाना था, जहाँ सरकारी वकील उनकी पुलिस हिरासत की माँग करने वाले थे। निर्मल घोष अभी भी फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है।