आरजी कर पीड़िता की माँ व BJP विधायक रत्ना देबनाथ दूसरी बरसी से पहले 7 दिन एकांतवास में
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में एक जूनियर डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की दूसरी बरसी 8 अगस्त 2026 को है। इस दर्दनाक तारीख के करीब आते ही पीड़िता की माँ और पानीहाटी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक रत्ना देबनाथ ने सात दिनों के एकांतवास का फैसला किया है। उन्होंने रविवार, 3 अगस्त की रात सोशल मीडिया पर इस फैसले की घोषणा की।
एकांतवास का ऐलान
देबनाथ ने अपनी बंगाली भाषा की सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'मैं व्यक्तिगत कारणों से सभी से सात दिनों का समय माँग रही हूँ। मैं अगले सात दिनों तक किसी से फोन या व्यक्तिगत रूप से संपर्क नहीं कर पाऊँगी। मैं किसी भी राजनीतिक या सामाजिक कार्यक्रम में भी शामिल नहीं होऊँगी। मेरे सार्वजनिक कार्यालय में आधिकारिक कामकाज चलता रहेगा। मुझे उम्मीद है कि आप इन कुछ दिनों के लिए मेरी अनुपस्थिति को क्षमा करेंगे।' हालाँकि उन्होंने पोस्ट में पार्टी से दूरी का स्पष्ट कारण नहीं बताया, लेकिन संदर्भ से यह स्पष्ट है कि बरसी की पूर्व संध्या पर वे सार्वजनिक जीवन से अलग रहना चाहती हैं।
माँ का दर्द, विधायक की पीड़ा
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी सीट से विधायक बनने के बाद से रत्ना देबनाथ अपनी बेटी की याद और उस अपराध का उल्लेख करती रही हैं। हाल ही में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा था, 'जरा सोचिए कि 8 अगस्त की रात, जब दुनिया सो रही थी, मेरी बेटी को कितना दर्द सहना पड़ा होगा।' यह बयान उनकी असह्य पीड़ा को उजागर करता है — एक माँ का दर्द जो एक जनप्रतिनिधि की भूमिका के साथ जीने को मजबूर है।
घटनाक्रम: क्या हुआ था 9 अगस्त 2024 को
युवा जूनियर डॉक्टर का शव 9 अगस्त 2024 की सुबह आरजी कर मेडिकल कॉलेज परिसर के एक सेमिनार हॉल के भीतर मिला था। जाँच में यह सामने आया कि उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी। इस जघन्य अपराध ने पूरे पश्चिम बंगाल और देशभर में तीव्र आक्रोश और व्यापक विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया था।
जाँच और कानूनी प्रक्रिया
मामले की जाँच शुरुआत में कोलकाता पुलिस कर रही थी। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद इसे केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को स्थानांतरित कर दिया गया। यह मामला चिकित्सा संस्थानों में महिला सुरक्षा और न्याय प्रणाली की जवाबदेही को लेकर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया था।
आगे क्या
रत्ना देबनाथ का यह एकांतवास 8 अगस्त 2026 की बरसी तक और उसके बाद तक जारी रहेगा। उनके कार्यालय से आधिकारिक कामकाज बाधित नहीं होगा। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि बरसी के अवसर पर नागरिक समाज, चिकित्सा बिरादरी और राजनीतिक दल किस प्रकार की प्रतिक्रिया देते हैं — और CBI जाँच में क्या प्रगति हुई है, इस पर भी ध्यान केंद्रित रहेगा।