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आरजी कर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ बोलीं — 'ममता और मैं अब समान सर्वहारा', नबन्ना मुलाकात के बाद भावुक पोस्ट

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आरजी कर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ बोलीं — 'ममता और मैं अब समान सर्वहारा', नबन्ना मुलाकात के बाद भावुक पोस्ट

सारांश

आरजी कर पीड़िता की माँ और नवनिर्वाचित BJP विधायक रत्ना देबनाथ ने CM सुवेंदु अधिकारी से नबन्ना में मुलाकात के बाद ममता बनर्जी को 'समान सर्वहारा' बताया — एक ने बेटी खोई, दूसरी ने सत्ता। नई सरकार ने आरजी कर मामले में 3 IPS अधिकारी निलंबित किए।

मुख्य बातें

रत्ना देबनाथ ने 25 मई को नबन्ना में CM सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा किया।
उन्होंने ममता बनर्जी और खुद को 'समान सर्वहारा' बताया — देबनाथ ने अगस्त 2024 में बेटी खोई, ममता ने हाल के चुनावों में सत्ता।
देबनाथ ने पानीहाटी विधानसभा से TMC के तीर्थंकर घोष को 28,000 से अधिक मतों से हराकर BJP विधायक बनीं।
CM अधिकारी ने आरजी कर मामले की फाइलें फिर खोलीं; पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल सहित 3 IPS अधिकारी निलंबित।
तीनों निलंबित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जाँच के आदेश भी जारी किए गए।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नवनिर्वाचित विधायक और आरजी कर दुष्कर्म एवं हत्याकांड की पीड़िता की माँ रत्ना देबनाथ ने सोमवार, 25 मई को सोशल मीडिया पर एक भावुक और तीखी पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने कहा कि वह और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब 'समान रूप से सर्वहारा वर्ग' की हैं — लेकिन दोनों के कारण बिल्कुल अलग हैं। यह पोस्ट उन्होंने राज्य सचिवालय नबन्ना की 14वीं मंजिल पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के तुरंत बाद किया।

क्या लिखा रत्ना देबनाथ ने

देबनाथ ने अपनी पोस्ट में लिखा: 'आज मैं नबन्ना की 14वीं मंजिल पर मुख्यमंत्री से मिली। मुख्यमंत्री का नाम सुवेंदु अधिकारी है। ईमानदारी में बहुत शक्ति होती है। आपको बस धैर्यपूर्वक अन्याय के खिलाफ लड़ना होगा। आज ममता बनर्जी और मैं समान रूप से मजदूर वर्ग की हैं।' उन्होंने आगे लिखा: 'मैंने अपनी इकलौती बेटी को खो दिया, और मैंने मानवता के लिए काम करने का फैसला किया। और उसने नबन्ना की 14वीं मंजिल पर अपनी कुर्सी खो दी। देखते रहिए कि कैसे उन्हें और उनके आपराधिक गिरोह को सबसे बुरे अंजाम भुगतने पड़ते हैं। मैं डॉ. देबनाथ की गौरवान्वित माँ हूँ।'

दो अलग कारण, एक ही शब्द

देबनाथ के अनुसार, वह उस दिन से 'सर्वहारा' बन गईं जब उन्होंने अगस्त 2024 में अपनी बेटी को खोया। उनकी बेटी कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर डॉक्टर थीं और अस्पताल परिसर के भीतर ही दुष्कर्म और हत्या की शिकार हुई थीं। दूसरी ओर, उनके अनुसार, ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में हार के बाद सत्ता गँवाने से 'सर्वहारा' बनीं।

चुनावी जीत और नई भूमिका

देबनाथ ने पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से BJP उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, जहाँ उनका पैतृक निवास भी है। उन्होंने TMC उम्मीदवार तीर्थंकर घोष को 28,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर विधायक का पद हासिल किया। यह जीत न केवल राजनीतिक थी, बल्कि उस लंबी लड़ाई का प्रतीक भी थी जो उन्होंने अपनी बेटी के लिए न्याय माँगते हुए लड़ी।

आरजी कर मामले में नई सरकार की कार्रवाई

पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने आरजी कर से संबंधित फाइलों को फिर से खोलने का निर्णय लिया। उन्होंने पूर्व कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल और दो पूर्व उपायुक्त — इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता — सहित तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा की। तीनों के विरुद्ध विभागीय जाँच के भी आदेश दिए गए। गौरतलब है कि यह मामला अगस्त 2024 से पूरे देश में न्याय की माँग का प्रतीक बन चुका है।

आगे क्या

रत्ना देबनाथ का विधायक के रूप में यह पहला सार्वजनिक कदम संकेत देता है कि वे न्याय की माँग को विधानसभा के भीतर भी उठाती रहेंगी। आरजी कर मामले में नई सरकार की जाँच प्रक्रिया और निलंबित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई आने वाले हफ्तों में और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु न्यायिक प्रक्रिया में वास्तविक परिणाम बिना ठोस साक्ष्य-आधारित जाँच के नहीं मिलेंगे। देबनाथ का विधायक बनना इस मामले को विधानसभा में जीवित रखेगा — यह एक ऐसी जवाबदेही है जिसे कोई भी सरकार नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रत्ना देबनाथ ने ममता बनर्जी को 'समान सर्वहारा' क्यों कहा?
रत्ना देबनाथ के अनुसार, वह अगस्त 2024 में अपनी बेटी — आरजी कर मेडिकल कॉलेज की जूनियर डॉक्टर — को दुष्कर्म और हत्या में खोने के बाद सर्वहारा बनीं, जबकि ममता बनर्जी हाल के विधानसभा चुनावों में TMC की हार के बाद सत्ता गँवाने से। दोनों के 'सर्वहारा' होने के कारण अलग हैं, लेकिन देबनाथ ने इसे व्यंग्यात्मक रूप से एक ही श्रेणी में रखा।
रत्ना देबनाथ कौन हैं और उन्होंने चुनाव कैसे जीता?
रत्ना देबनाथ आरजी कर दुष्कर्म एवं हत्याकांड की पीड़िता की माँ हैं, जो पश्चिम बंगाल के पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से BJP उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ीं। उन्होंने TMC उम्मीदवार तीर्थंकर घोष को 28,000 से अधिक मतों के अंतर से हराकर विधायक का पद हासिल किया।
आरजी कर मामले में नई सरकार ने क्या कार्रवाई की है?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरजी कर से संबंधित फाइलें फिर से खोलने का आदेश दिया है। पूर्व कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल और दो पूर्व उपायुक्त — इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता — सहित तीन IPS अधिकारियों को निलंबित किया गया है और उनके विरुद्ध विभागीय जाँच के आदेश दिए गए हैं।
आरजी कर दुष्कर्म और हत्याकांड क्या है?
अगस्त 2024 में कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक जूनियर महिला डॉक्टर के साथ अस्पताल परिसर के भीतर दुष्कर्म और हत्या की गई थी। यह मामला पूरे देश में चिकित्सकों और नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन का केंद्र बना और न्यायिक जवाबदेही की माँग को लेकर राष्ट्रीय बहस छिड़ गई।
सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री कब बने?
हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में BJP की जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी राज्य के नौवें मुख्यमंत्री बने। पद संभालने के बाद उन्होंने आरजी कर मामले की फाइलें फिर से खोलने और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई का ऐलान किया।
राष्ट्र प्रेस
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