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एकनाथ शिंदे का राहुल गांधी पर पलटवार: 'मिमिक्री आर्टिस्ट' वाला सवाल और कांग्रेस का 'काला इतिहास'

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एकनाथ शिंदे का राहुल गांधी पर पलटवार: 'मिमिक्री आर्टिस्ट' वाला सवाल और कांग्रेस का 'काला इतिहास'

सारांश

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर संसद में सियासी तापमान चढ़ा — महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को 'मिमिक्री आर्टिस्ट' कहकर घेरा, और कांग्रेस पर 1967-71 के बीच 45 सरकारें गिराने का ऐतिहासिक आरोप जड़ दिया।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 14 अगस्त 2026 को लोकसभा में राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
शिंदे ने पूछा कि क्या राहुल गांधी को 'मिमिक्री आर्टिस्ट' कहा जाना चाहिए, जो PM मोदी की विदेश नीति का मजाक उड़ाते हैं।
उनके अनुसार, 34 से अधिक देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिए हैं।
शिंदे ने दावा किया कि कांग्रेस ने 1967-71 के बीच 45 सरकारें गिराईं, 16 बार राष्ट्रपति शासन लागू किया और 1,800 विधायकों को तोड़ा।
शिंदे ने संसद परिसर में विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों को 'लोकतंत्र का अपमान' बताया।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति का संसद में मजाक उड़ाने पर उन्हें आड़े हाथों लेते हुए। शिंदे ने तीखे लहजे में पूछा कि क्या राहुल गांधी को 'मिमिक्री आर्टिस्ट' कहा जाना चाहिए, और साथ ही कांग्रेस के ऐतिहासिक शासन पर गंभीर आरोप लगाए।

मुख्य घटनाक्रम

शिंदे ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और आर्थिक प्रगति को सहन करने में असमर्थ है। उन्होंने तर्क दिया कि 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता संभालने के बाद से भारत की अंतरराष्ट्रीय साख में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शिंदे के अनुसार, 34 से अधिक देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित किया है।

कांग्रेस के 'काले इतिहास' पर हमला

शिंदे ने कांग्रेस शासन के खिलाफ ऐतिहासिक आँकड़े पेश करते हुए कहा कि 1967 से 1971 के बीच कांग्रेस ने 45 सरकारें गिराईं, 16 बार राष्ट्रपति शासन लागू किया, 1,800 विधायकों को अपने पाले में किया और उनमें से 115 को मंत्री पद दिए। उन्होंने कहा, 'दूसरों पर पत्थर फेंकने से पहले कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।'

विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा का बचाव

शिंदे ने यह भी रेखांकित किया कि मजबूत वैश्विक संबंधों के कारण वैश्विक तेल संकट के दौरान भारत को किसी ऊर्जा संकट का सामना नहीं करना पड़ा — जिसे उन्होंने मोदी सरकार की कूटनीतिक सफलता बताया। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठा रहा है।

संसद में विरोध-प्रदर्शन पर आपत्ति

शिंदे ने संसद परिसर में विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों को 'लोकतंत्र का अपमान' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता केंद्रीय गृह मंत्री के साथ वास्तविक बहस से इसलिए बचते हैं, क्योंकि उन्हें अपने अतीत के उजागर होने का भय है।

आगे क्या

शिंदे के इस हमले के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच संसद में तीखी नोकझोंक जारी रहने की संभावना है। गौरतलब है कि यह बयान स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आया है, जब राजनीतिक बहसें आमतौर पर राष्ट्रीय गौरव और शासन के इर्द-गिर्द केंद्रित होती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो शिंदे ने पेश किए, उनकी स्वतंत्र पड़ताल जरूरी है — क्योंकि दशकों पुराने इतिहास को मौजूदा राजनीतिक लड़ाई में हथियार बनाना तथ्यों को चुनिंदा ढंग से पेश करने का जोखिम उठाता है। यह बहस इस बात की भी याद दिलाती है कि संसद में नीतिगत बहस की जगह व्यक्तिगत हमलों ने ले ली है — जो किसी भी पक्ष के लिए लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को 'मिमिक्री आर्टिस्ट' क्यों कहा?
शिंदे ने यह सवाल इसलिए उठाया क्योंकि राहुल गांधी ने संसद में प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति का मजाक उड़ाया था। शिंदे का तर्क था कि नकल उतारना और आलोचना करना, भारत की वैश्विक प्रगति को नकारना है।
शिंदे ने कांग्रेस के इतिहास पर क्या आरोप लगाए?
शिंदे ने दावा किया कि 1967 से 1971 के बीच कांग्रेस ने 45 सरकारें गिराईं, 16 बार राष्ट्रपति शासन लागू किया, 1,800 विधायकों को तोड़ा और 115 को मंत्री पद दिए। ये आँकड़े शिंदे के अपने बयान पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
शिंदे ने मोदी की विदेश नीति के समर्थन में क्या तर्क दिए?
शिंदे ने कहा कि 34 से अधिक देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत वैश्विक संबंधों के कारण वैश्विक तेल संकट के दौरान भारत को ऊर्जा संकट का सामना नहीं करना पड़ा।
शिंदे ने संसद में विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों पर क्या कहा?
शिंदे ने संसद परिसर में विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों को 'लोकतंत्र का अपमान' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता केंद्रीय गृह मंत्री के साथ सीधी बहस से इसलिए बचते हैं क्योंकि उन्हें अपना अतीत उजागर होने का डर है।
यह विवाद किस संदर्भ में सामने आया?
यह बयानबाजी 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर संसद में हुई, जब सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राष्ट्रीय गौरव, विदेश नीति और शासन को लेकर तीखी नोकझोंक चल रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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