एकनाथ शिंदे का राहुल गांधी पर हमला: 'खुद को शिव से जोड़ना बदतमीजी, तीसरी आंख खुली तो इंडिया ब्लॉक भस्म होगा'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 13 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इंडिया ब्लॉक के आंदोलन की तुलना शिव तांडव और शिव बारात से करना और खुद को भगवान महादेव के रूप में पेश करना 'बच्चों जैसी जिद और बदतमीजी भरा व्यवहार' है। शिंदे ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब भगवान शिव अपनी तीसरी आंख खोलेंगे, तो इंडिया ब्लॉक और देश के विरुद्ध काम करने वाले सभी लोग राख हो जाएंगे।
राहुल गांधी की शिव से तुलना पर शिंदे का कड़ा रुख
एकनाथ शिंदे ने कहा, 'राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, लेकिन अब वे खुद को भगवान शिव के रूप में प्रस्तुत करने लगे हैं — यह कोई दिव्य तांडव नहीं, बल्कि सिर्फ बदतमीजी है।' उनका कहना था कि जो लोग खुद की तुलना भगवान शंकर से करते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि भगवान शिव की तीसरी आंख सबका विनाश करती है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।
सुप्रीम कोर्ट मार्च को बताया 'इतिहास का काला दिन'
सर्वोच्च न्यायालय तक इंडिया ब्लॉक के मार्च को लेकर शिंदे ने कहा कि सोमवार का दिन देश के इतिहास में एक काले दिन के रूप में याद किया जाएगा, क्योंकि भारत की सर्वोच्च न्यायिक संस्था का अपमान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया, 'भारत के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध इस तरह का विरोध मार्च निकाला गया — यह एक बड़ी और सुनियोजित साजिश है।' उनके अनुसार, यह देश में अशांति और अराजकता फैलाने का सोचा-समझा प्रयास है।
अंतरराष्ट्रीय साजिश का आरोप, देशद्रोह पर कार्रवाई की मांग
शिंदे ने दावा किया कि यह एक 'अंतरराष्ट्रीय साजिश' है और विपक्ष के नेता 'कठपुतली की तरह' काम कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि यदि कोई देश के विरुद्ध बोल रहा है या देशद्रोह जैसी गतिविधियों में संलिप्त है, तो केवल एफआईआर नहीं बल्कि ऐसे लोगों को जेल भेजा जाना चाहिए। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे वक्त आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध हुए प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार से जुड़ी कथित घटना राजनीतिक विवाद का केंद्र बनी हुई है।
महिला पत्रकार प्रकरण पर राहुल गांधी की आलोचना
एक महिला पत्रकार ने दावा किया था कि वह तीन महीने की गर्भवती हैं और आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान उनका हाथ पकड़कर उन्हें आगे खींचा, जिसके बाद उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दूर धकेल दिया। शिंदे ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता का यह व्यवहार अनुचित है और उन पर मात्र 'पब्लिसिटी पाने' की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने नागरिकों से पूछा कि क्या विपक्ष के नेता देश को जोड़ने का काम कर रहे हैं या तोड़ने का।
मोदी की तारीफ और विपक्ष पर 'हार की हैट्रिक' का तंज
शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है और मोदी ने देश को 'फ्रैजाइल फाइव' से निकालकर शीर्ष पाँच वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया है। विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, 'जनता ने तीन बार नकारा — हार की हैट्रिक हो चुकी है, फिर भी इनकी आदतें नहीं बदलीं।' शिंदे ने आपातकाल का संदर्भ देते हुए कहा कि आज नागरिकों को विरोध और अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता है, जो उस काले दौर में नहीं थी। आने वाले दिनों में इंडिया ब्लॉक और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के बीच यह टकराव और तेज होने की संभावना है।