शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर शिंदे का वार: 'राहुल गांधी हार के कप्तान, जहां जाते हैं हार लाते हैं'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने 19 जून 2026 को मुंबई में आयोजित शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। शिंदे ने कहा कि राहुल गांधी 'बार-बार हारने वालों के कप्तान' हैं और जहाँ भी जाते हैं, हार उनके साथ चलती है। यह रैली बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष के संदर्भ में विशेष महत्व रखती है।
राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन पर हमला
शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे 'न खुद भ्रष्टाचार करूंगा, न किसी को करने दूंगा' की तुलना विपक्ष के रवैये से करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि विपक्ष का असली नारा है — 'न खुद जीतेंगे और न किसी को जीतने देंगे।' उन्होंने इंडिया गठबंधन को निशाने पर लेते हुए कहा कि जो लोग दूसरे दलों को कांग्रेस में विलय की सलाह दे रहे हैं, उन्हें पहले अपनी घटती ताकत पर आत्मचिंतन करना चाहिए।
मोदी और अमित शाह को बधाई
शिंदे ने प्रधानमंत्री मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी और कहा कि उनका कार्यकाल भ्रष्टाचार के किसी भी दाग से मुक्त रहा है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 को हटाने जैसे फैसलों को बालासाहेब ठाकरे के सपनों की पूर्ति बताया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रशंसा करते हुए शिंदे ने कहा कि उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र में वामपंथी उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया। शिंदे ने यह भी बताया कि एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री के सम्मान में प्रस्ताव पेश करने का अवसर शिवसेना को दिया गया था।
शिवसेना की विचारधारा और उत्तराधिकार का दावा
शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, 'बालासाहेब ठाकरे के असली उत्तराधिकारी मेरे शिवसैनिक हैं। उत्तराधिकार खून के रिश्तों से नहीं, बल्कि विचारधारा से तय होता है। शिवसेना जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की विचारधारा है।' उन्होंने बताया कि 2022 में अलग रास्ता चुनने के बाद विपक्ष के तमाम दावों के बावजूद पार्टी ने 40 से बढ़कर 60 विधायक बना लिए हैं। इस वर्ष बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी मनाई जा रही है और शिंदे ने दावा किया कि शिवसेना अब महाराष्ट्र की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है।
महायुति एकजुट, विपक्ष को चुनौती
शिंदे ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके बीच मतभेद की खबरें निराधार हैं और महायुति पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधान परिषद चुनाव में विपक्ष अपना खाता भी नहीं खोल पाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं से उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान पर ध्यान देने और अधिक बूथ स्तर एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का आह्वान किया।
लाडकी बहिन योजना और किसानों का वादा
शिंदे ने लाडकी बहिन योजना का उल्लेख करते हुए कहा, 'दुनिया की कोई ताकत इस योजना को बंद नहीं कर सकती।' महाराष्ट्र में संभावित सूखे की स्थिति पर उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर संकट में उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र के खजाने पर सबसे पहला अधिकार हमारे किसानों का है।' आने वाले जिला परिषद और नगर निकाय चुनावों में पार्टी की रणनीति को धार देने के संकेत के साथ शिंदे ने अपना संबोधन समाप्त किया।