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एकनाथ शिंदे का राहुल गांधी से माफी की मांग, चुनाव आयोग विवाद पर इंडिया गठबंधन पर हमला

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एकनाथ शिंदे का राहुल गांधी से माफी की मांग, चुनाव आयोग विवाद पर इंडिया गठबंधन पर हमला

सारांश

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन पर चुनाव आयोग के खिलाफ 'दुष्प्रचार' फैलाने का आरोप लगाते हुए बिना शर्त सार्वजनिक माफी की माँग की। ECI के तीनों आयुक्तों के सर्वसम्मत बयान के बाद शिंदे ने कहा कि यह 'झूठी कहानी' ध्वस्त हो चुकी है।

मुख्य बातें

एकनाथ शिंदे ने 26 सितंबर 2026 को राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन नेताओं से बिना शर्त सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की।
शिंदे ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने ECI के भीतर आंतरिक मतभेदों पर 'मनगढ़ंत कहानी' फैलाई।
तीनों चुनाव आयुक्तों के सर्वसम्मत संयुक्त बयान ने कथित दुष्प्रचार को खारिज किया — शिंदे का दावा।
शिंदे ने कहा कि जब भी परिणाम विपक्ष के पक्ष में नहीं आते, वे ECI और न्यायपालिका को निशाना बनाते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री और BJP सांसद अशोक चव्हाण ने भी एक्स पर राहुल गांधी के बयानों की आलोचना की।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं से संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ कथित रूप से 'झूठे और निराधार आरोप' फैलाने के लिए बिना शर्त सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की। यह बयान भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के भीतर आंतरिक मतभेदों को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों की पृष्ठभूमि में आया है, जिसे तीनों चुनाव आयुक्तों के सर्वसम्मत संयुक्त बयान ने खारिज किया।

शिंदे का सीधा हमला

शिंदे ने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन की राजनीति नागरिकों को गुमराह करने और राष्ट्रीय नेतृत्व को बदनाम करने के लिए 'मनगढ़ंत कहानियों' पर आधारित है। उन्होंने कहा, "इन झूठे दावों का इस्तेमाल करते हुए राहुल गांधी और उनके सहयोगियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बदनाम करने और उन पर निशाना साधने की कोशिश की। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास को कमज़ोर करने के लिए सोची समझी गलत सूचना फैलाना विपक्ष की आदत बन गई है।"

शिंदे ने कहा कि चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों द्वारा जारी सर्वसम्मत संयुक्त बयान ने इस 'दुष्प्रचार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।' उन्होंने राहुल गांधी पर इस 'दुष्प्रचार अभियान' में शामिल होने के लिए देश से माफी माँगने की माँग दोहराई।

चुनाव आयोग विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह विवाद ECI के भीतर कथित आंतरिक मतभेदों को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद उभरा। शिंदे के अनुसार, जब भी चुनाव परिणाम इंडिया गठबंधन के पक्ष में नहीं आते, तब वे चुनाव आयोग और न्यायपालिका सहित लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है।

शिंदे ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता अविश्वास भड़काने, अफवाहें फैलाने और मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश करते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 140 करोड़ नागरिक प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के साथ मज़बूती से खड़े हैं।

अशोक चव्हाण की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद अशोक चव्हाण ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी के चुनाव आयोग संबंधी बयानों की आलोचना की। चव्हाण ने अपनी पोस्ट में लिखा: 'एक हताश विपक्षी नेता, झूठ का पुलिंदा। राहुल गांधी: 'SIR एकतरफा फैसला था।' वहीं…ECI प्रेस नोट: 'आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी।' ट्विस्ट: रसीदें स्वयं संस्था से आई थीं।'

राजनीतिक संदर्भ और आगे की दिशा

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास आघाड़ी के बीच तल्खी बढ़ रही है। शिंदे ने चेतावनी दी कि संवैधानिक पवित्रता को कमज़ोर करने के प्रयास विपक्ष को और अधिक राजनीतिक रूप से अलग थलग कर देंगे। देश की जागरूक जनता इन 'राजनीतिक चालों' को पहचानती है और उचित समय पर जवाब देगी — यह उनका स्पष्ट संदेश था।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि ECI की विश्वसनीयता को लेकर सवाल केवल चुनावी हार के बाद नहीं उठे — ये बहस संस्थागत पारदर्शिता की व्यापक माँग का हिस्सा है। तीनों आयुक्तों का सर्वसम्मत बयान कागज़ पर एकता दिखाता है, लेकिन आरोपों की विस्तृत जाँच का विकल्प नहीं बनता। जवाबदेही की माँग को 'दुष्प्रचार' कहना — चाहे वह सत्ता पक्ष हो या विपक्ष — लोकतांत्रिक विमर्श को कमज़ोर करता है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी से माफी की माँग क्यों की?
शिंदे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों पर झूठे दावे फैलाए और इसका इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी व गृह मंत्री शाह को बदनाम करने के लिए किया। उनका कहना है कि ECI के तीनों आयुक्तों के सर्वसम्मत बयान ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
चुनाव आयोग विवाद क्या है जिस पर यह बयानबाज़ी हो रही है?
विपक्षी दलों ने ECI के भीतर कथित आंतरिक मतभेदों को लेकर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में ECI ने तीनों आयुक्तों का सर्वसम्मत संयुक्त बयान जारी किया, जिसे सत्तारूढ़ पक्ष ने विपक्षी आरोपों के खंडन के रूप में पेश किया।
अशोक चव्हाण ने इस विवाद पर क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री और BJP सांसद अशोक चव्हाण ने एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी के बयानों की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि राहुल ने ECI के फैसले को 'एकतरफा' बताया, जबकि ECI के प्रेस नोट में 'आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी' का उल्लेख था।
इंडिया गठबंधन पर शिंदे का मुख्य आरोप क्या है?
शिंदे का आरोप है कि जब भी चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं आते, इंडिया गठबंधन चुनाव आयोग और अदालतों सहित लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अविश्वास भड़काने और मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश करता है।
इस बयानबाज़ी का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास आघाड़ी के बीच बढ़ती तल्खी को दर्शाता है। शिंदे की चेतावनी कि 'संवैधानिक पवित्रता को कमज़ोर करने के प्रयास विपक्ष को राजनीतिक रूप से अलग थलग करेंगे', आगामी राजनीतिक संघर्ष का संकेत देती है।
राष्ट्र प्रेस
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