एकनाथ शिंदे का 'इंडिया' ब्लॉक पर हमला: सुप्रीम कोर्ट मार्च को बताया संवैधानिक संस्थाओं का अपमान
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को मुंबई में विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर मार्च निकालना न्यायपालिका पर दबाव बनाने की सुनियोजित कोशिश है और यह संवैधानिक संस्थाओं का प्रत्यक्ष अपमान है। कैबिनेट की साप्ताहिक बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में शिंदे ने कई मुद्दों पर विपक्ष को घेरा और महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए सरकारी कदमों का ब्यौरा भी दिया।
संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव का आरोप
शिंदे ने कहा, 'एक हाथ में संविधान रखना और दूसरे हाथ से संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाना, देश में अराजकता फैलाने की साफ कोशिश है, जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग (ECI) जैसी संस्थाएँ संविधान के तहत स्वतंत्र दर्जा रखती हैं और उन्हें कमज़ोर करने का कोई भी प्रयास संवैधानिक ढाँचे के विरुद्ध है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकतों की साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। शिंदे ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए कहा कि झूठी बातें फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करना राष्ट्रीय हित के लिए नुकसानदायक है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों की तैयारी जोरों पर है और राजनीतिक ध्रुवीकरण तेज हो रहा है।
मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व पर बधाई प्रस्ताव
शिंदे ने बताया कि महाराष्ट्र कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे होने पर एक बधाई प्रस्ताव पारित किया, जो औपचारिक रूप से उन्हें भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत का वैश्विक कद बढ़ा है और 36 देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए हैं।
आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए शिंदे ने कहा कि 2014 से पहले भारत 'फ्रैजाइल फाइव' कमज़ोर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, जबकि आज यह दुनिया की शीर्ष पाँच अर्थव्यवस्थाओं में है और चौथी जगह की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि 25 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं और लगभग 80 करोड़ नागरिकों को अनाज की सहायता मिल रही है।
कांग्रेस और पहलगाम पर तीखी टिप्पणी
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए शिंदे ने कहा कि दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के अनुच्छेद 370 हटाने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के सपने कांग्रेस के शासनकाल में अधूरे रहे, लेकिन मोदी के नेतृत्व में पूरे हुए। शिंदे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में आतंकी हमलों का जवाब केवल कूटनीतिक पत्रों से दिया जाता था।
उन्होंने कहा, 'पहलगाम के बाद, पीएम मोदी के नेतृत्व में पाकिस्तान के अंदर आतंकी लॉन्चपैड को नष्ट किया गया, जिससे दुनिया को एक नया भारत दिखा जो पत्र नहीं लिखता, बल्कि सीधा जवाब देता है।' यह टिप्पणी ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में आई, जो हाल के महीनों में राजनीतिक विमर्श का केंद्र बनी हुई है।
सूखा राहत: किसानों को दीपावली से पहले ₹5,000 की सहायता
राज्य में कृषि संकट पर बोलते हुए शिंदे ने बताया कि सूखे की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने सूखा प्रभावित तालुकों की सूची 265 से बढ़ाकर 305 कर दी है। राज्य सरकार 12 बड़ी राहतें दे रही है, जिनमें ऋण वसूली पर रोक, कर्ज पुनर्गठन, छात्रों की फीस माफी और चारे व पानी की आपूर्ति में सहायता शामिल है।
उन्होंने घोषणा की कि दिवाली से पहले सूखा प्रभावित किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹5,000 की आर्थिक मदद जमा की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित इलाकों का जायज़ा लेने के लिए एक केंद्रीय टीम पहले ही दौरे पर जा चुकी है और प्रधानमंत्री मोदी ने शिंदे से 30 मिनट तक बातचीत कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मिलकर केंद्र की ओर से पूरी मदद का भरोसा दिलाया।
विपक्ष की प्राथमिकताओं पर सवाल
शिंदे ने विपक्ष की प्राथमिकताओं पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा, 'सूखे के समय क्या ज़्यादा ज़रूरी है — किसान या सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन?' उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, 'मोदी आलोचकों की परवाह नहीं करते; वह अपना काम करते रहते हैं। शेर गीदड़ों के शोर से नहीं डरता।' आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष इन आरोपों का किस प्रकार जवाब देता है और किसान राहत की घोषणाएँ ज़मीनी स्तर पर कितनी प्रभावी रहती हैं।