1 जुलाई 2026
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सचिन अहीर महाराष्ट्र विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन निर्विरोध चुने, शिंदे ने बताया 'मास्टर ब्लास्टर'

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सचिन अहीर महाराष्ट्र विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन निर्विरोध चुने, शिंदे ने बताया 'मास्टर ब्लास्टर'

सारांश

महाराष्ट्र विधान परिषद के नए डिप्टी चेयरमैन सचिन अहीर को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 'मास्टर ब्लास्टर' की उपाधि दी — तीन बार के विधायक और समाजसेवी अहीर अब संवैधानिक तटस्थता की भूमिका में हैं, जहाँ पार्टी नहीं, संविधान सर्वोच्च है।

मुख्य बातें

सचिन अहीर 1 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अहीर को राजनीति और समाज सेवा का 'मास्टर ब्लास्टर' बताया।
अहीर तीन बार विधायक और राज्य मंत्री रह चुके हैं; नीलम गोरहे के बाद शिवसेना का दूसरा नेता इस पद पर।
संकल्प प्रतिष्ठान के माध्यम से अहीर ने दही हांडी उत्सव को मेडिकल कैंप और ब्लड डोनेशन ड्राइव के मंच में बदला।
शिंदे ने अहीर को पूर्ण तटस्थता का संदेश दिया — 'नियम पार्टी से बड़े हैं, संविधान ही सर्वोपरि।' विधान परिषद चेयरमैन राम शिंदे ने कहा — 'अब बल्ला रखो, अंपायर की टोपी पहनो।'

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 1 जुलाई 2026 को सचिन अहीर को महाराष्ट्र विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन पद पर निर्विरोध निर्वाचित होने पर बधाई दी। शिंदे ने अहीर को राजनीति और समाज सेवा का 'मास्टर ब्लास्टर' बताते हुए उनके बहुआयामी व्यक्तित्व की सराहना की।

मुख्य घटनाक्रम

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने अहीर की तुलना क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर से करते हुए कहा, 'बॉलर कोई भी हो या डिलीवरी कितनी भी तेज हो, सचिन अहीर छक्के मारना कभी बंद नहीं करते। जैसे सचिन तेंदुलकर क्रिकेट में लेजेंड हैं, वैसे ही सचिन अहीर पॉलिटिक्स और सोशल वर्क में भी एक बड़े नाम हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि जैसे एक सचिन ने क्रिकेट से विदाई ली, वैसे ही दूसरे सचिन ने एक शानदार नई पारी की शुरुआत की है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

शिंदे ने स्मरण कराया कि उनकी पार्टी ने 2019 में अहीर को शिवसेना उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया था। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अहीर आज भी एक प्रतिबद्ध शिवसैनिक हैं। शिंदे ने गर्व जताया कि नीलम गोरहे के बाद शिवसेना का एक और नेता इस प्रतिष्ठित संवैधानिक पद पर आसीन हुआ है। अहीर तीन बार विधायक और राज्य मंत्री रह चुके हैं, फिर भी उन्होंने आम जनता से अपना जुड़ाव कभी नहीं तोड़ा।

समाज सेवा की विरासत

शिंदे ने संकल्प प्रतिष्ठान के माध्यम से अहीर के सामाजिक कार्यों की सराहना की। इस संस्था ने पारंपरिक दही हांडी उत्सव को मेडिकल कैंप और ब्लड डोनेशन ड्राइव जैसे सामाजिक कार्यों के मंच में बदल दिया। शिंदे ने कहा कि यह बालासाहेब ठाकरे के '80 प्रतिशत सामाजिक कार्य और 20 प्रतिशत राजनीति' के मंत्र की सच्ची अभिव्यक्ति है। अहीर के शांत स्वभाव और लोकप्रियता की तारीफ करते हुए शिंदे ने उर्दू के दोहे भी पढ़े — 'जो तूफानों में शांत रहे, उसे समंदर कहते हैं... जो हर दिल पर राज करे, उसे सिकंदर कहते हैं।'

संवैधानिक दायित्व पर संदेश

शिंदे ने नवनिर्वाचित डिप्टी चेयरमैन को पद की गरिमा और तटस्थता के बारे में स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एक बार उस कुर्सी पर बैठने के बाद नियम पार्टी से बड़े हो जाते हैं, परम्पराएँ भावनाओं से ऊपर हो जाती हैं, और संयम आवाज़ से अधिक शक्तिशाली हो जाता है। उन्होंने जोर दिया कि यह नियम सत्ता पक्ष पर भी समान रूप से लागू होता है और विपक्ष को भी न्याय मिलना चाहिए। शिंदे के अनुसार, उस आसन से केवल डॉ. बी.आर. अंबेडकर का संविधान और न्याय के सिद्धांत ही प्रतिबिंबित होने चाहिए।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि स्वर्गीय अजित पवार ने कम उम्र में ही अहीर की नेतृत्व क्षमता को पहचान लिया था और उन्हें बड़े राजनीतिक अवसर दिए। उन्होंने बताया कि अजित पवार और सचिन अहीर के बीच का रिश्ता राजनीति से परे पारिवारिक स्नेह पर आधारित था। विधान परिषद के चेयरमैन राम शिंदे ने भी अहीर को बधाई देते हुए कहा कि अब बैट्समैन का बल्ला छोड़ अंपायर की टोपी पहनने का समय आ गया है, और उम्मीद जताई कि वे सदन की कार्यवाही संतुलन, धैर्य और पूर्ण निष्पक्षता के साथ संचालित करेंगे।

सचिन अहीर का यह नया संवैधानिक दायित्व महाराष्ट्र की विधायी राजनीति में शिवसेना (शिंदे गुट) की बढ़ती भूमिका का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है। संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से अपेक्षा होती है कि वह अपनी पार्टी-लाइन से ऊपर उठे — शिंदे ने यह बात खुद कही, जो सराहनीय है, पर इसकी निगरानी ज़रूरी है। महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष पहले से ही कार्यवाही की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है। अहीर का असली मूल्यांकन तब होगा जब विपक्ष की आवाज़ सदन में दबाई जाए — और वे उसे संरक्षण दें।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सचिन अहीर कौन हैं और उन्हें क्यों चुना गया?
सचिन अहीर शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता हैं, जो तीन बार विधायक और राज्य मंत्री रह चुके हैं। 1 जुलाई 2026 को वे महाराष्ट्र विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए।
एकनाथ शिंदे ने सचिन अहीर को 'मास्टर ब्लास्टर' क्यों कहा?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अहीर की राजनीतिक सक्रियता और समाज सेवा की तुलना क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर से करते हुए उन्हें 'मास्टर ब्लास्टर' कहा। शिंदे ने कहा कि जैसे तेंदुलकर क्रिकेट में लेजेंड हैं, वैसे ही अहीर राजनीति और सामाजिक कार्यों में बड़ा नाम हैं।
महाराष्ट्र विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन की भूमिका क्या होती है?
डिप्टी चेयरमैन सदन की कार्यवाही के संचालन में चेयरमैन की सहायता करते हैं और उनकी अनुपस्थिति में सदन की अध्यक्षता करते हैं। यह एक संवैधानिक पद है जिसमें पूर्ण राजनीतिक तटस्थता अपेक्षित होती है।
सचिन अहीर का समाज सेवा में क्या योगदान है?
अहीर ने संकल्प प्रतिष्ठान के माध्यम से पारंपरिक दही हांडी उत्सव को मेडिकल कैंप और ब्लड डोनेशन ड्राइव के मंच में परिवर्तित किया। एकनाथ शिंदे ने इसे बालासाहेब ठाकरे के '80 प्रतिशत सामाजिक कार्य और 20 प्रतिशत राजनीति' के दर्शन की सच्ची अभिव्यक्ति बताया।
विधान परिषद चेयरमैन राम शिंदे ने अहीर को क्या संदेश दिया?
चेयरमैन राम शिंदे ने क्रिकेट के रूपक का उपयोग करते हुए कहा कि सचिन अहीर को अब बैट्समैन का बल्ला रखकर अंपायर की टोपी पहननी होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अहीर सदन की कार्यवाही संतुलन, धैर्य और पूर्ण निष्पक्षता के साथ संचालित करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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