शिवसेना प्रवक्ता निरुपम का उद्धव पर हमला: 'जनाधारहीनों का सहारा शर्मनाक', शिंदे को फिर CM बनाने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 21 अक्टूबर 2026 को मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला और कहा कि ठाकरे अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए ऐसे लोगों और समूहों का सहारा ले रहे हैं जिनका कोई ठोस जनाधार नहीं है। उन्होंने इसे 'शर्मनाक' करार देते हुए शिवसेना (यूबीटी) के राजनीतिक आधार पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। साथ ही निरुपम ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आगामी विधानसभा चुनाव के बाद दोबारा मुख्यमंत्री बनाना शिवसेना का प्रमुख लक्ष्य है।
उद्धव और अभिजीत दिपके पर निशाना
निरुपम ने अभिजीत दिपके और उनकी टीम को लेकर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि दिपके और उनकी टीम कई विवादों में घिरी हुई है और कथित फर्जीवाड़े के कारण उनके लिए दोबारा कोई जन-आंदोलन खड़ा करना मुश्किल होगा। निरुपम के अनुसार, उद्धव ठाकरे का ऐसे तत्वों से जुड़ाव उनकी पार्टी की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही महागठबंधन और महाविकास अघाड़ी दोनों खेमों में बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी खेमे में सहयोगियों की तलाश और नए समर्थन आधार को जुटाने की होड़ मची है, और इसी पृष्ठभूमि में निरुपम का यह बयान आया है।
संजय राउत की टिप्पणी पर कड़ी निंदा
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई हालिया टिप्पणी पर निरुपम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे 'अपमानजनक' बताते हुए कहा कि अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं और उनके बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किसी भी लिहाज से स्वीकार्य नहीं है। निरुपम ने राउत से संयमित और सभ्य भाषा में राजनीतिक मुद्दे उठाने की अपील की।
निरुपम ने यह भी कहा कि राउत जिस तरह सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं, वह उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि राउत के सहयोगी भी दिवाली की छुट्टियों में चले गए हैं।
शिंदे को दोबारा CM बनाने की आकांक्षा
एकनाथ शिंदे को दोबारा महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाने की संभावना पर निरुपम ने कहा कि यह शिवसेना के हर कार्यकर्ता और नेता की आकांक्षा है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में संख्या बल के आधार पर ही फैसले होते हैं, इसलिए पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी और अधिकतम उम्मीदवारों को जिताने का प्रयास करेगी।
निरुपम ने कहा कि शिवसेना चुनावी ताकत बढ़ाकर संख्या बल के आधार पर सरकार के फैसलों में प्रभावी भूमिका निभाना चाहती है, ताकि शिंदे की मुख्यमंत्री पद पर वापसी का लक्ष्य हासिल हो सके।
महाराष्ट्र की राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोरों पर हैं और सभी प्रमुख दल गठबंधन की रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। महायुति गठबंधन — जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल हैं — और दूसरी तरफ महाविकास अघाड़ी के बीच सीट-बँटवारे को लेकर खींचतान जारी है। इस माहौल में शिवसेना नेताओं के बयान राजनीतिक तापमान को और बढ़ा रहे हैं। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की सूची और सीट-बँटवारे की तस्वीर स्पष्ट होने पर दोनों खेमों की रणनीति और मुखर होने की संभावना है।