27 अक्टूबर 2026
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खड़गे के बयान पर शिंदे का तीखा प्रहार: 'गलत हैं तो पार्टी से निकालो', राहुल गांधी पर भी निशाना

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खड़गे के बयान पर शिंदे का तीखा प्रहार: 'गलत हैं तो पार्टी से निकालो', राहुल गांधी पर भी निशाना

सारांश

महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ — एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस की आंतरिक दरार को भुनाते हुए पृथ्वीराज चव्हाण का समर्थन किया और मल्लिकार्जुन खड़गे को 'पार्टी से निकालने' की माँग कर दी। चुनाव से पहले विपक्ष को घेरने की यह रणनीति सीधे कांग्रेस के अंदरूनी विरोधाभास पर चोट करती है।

मुख्य बातें

एकनाथ शिंदे ने 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
शिंदे ने पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को 'समझदार नेता' बताते हुए उनकी खड़गे-विरोधी टिप्पणी को जायज ठहराया।
शिंदे की माँग — 'यदि खड़गे का बयान गलत था, तो कांग्रेस उन्हें पार्टी से निष्कासित करे।' राहुल गांधी पर आरोप कि वे देश के भीतर और विदेश में PM मोदी को बदनाम करते हैं।
शिंदे ने देश को बाँटने की कोशिश करने वालों को चेतावनी दी कि 140 करोड़ भारतीय उन्हें सबक सिखाएंगे।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादित बयान की आलोचना करने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण का खुलकर समर्थन किया। शिंदे ने कहा कि यदि खड़गे का बयान वाकई गलत था, तो कांग्रेस नेतृत्व को उन्हें पार्टी से निष्कासित कर देना चाहिए।

चव्हाण का समर्थन, खड़गे पर सवाल

शिंदे ने पृथ्वीराज चव्हाण को एक परिपक्व और समझदार नेता बताते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसलिए उनकी आलोचना तर्कसंगत और जायज है। उन्होंने कहा, 'पृथ्वीराज चव्हाण एक बहुत ही समझदार नेता हैं। वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इसीलिए उन्होंने कहा कि खड़गे का बयान गलत था। इसलिए खड़गे को पार्टी से निकाल देना चाहिए। अगर उनकी बात गलत थी तो उन्हें पार्टी से बाहर कर दें।'

गौरतलब है कि इससे पहले चव्हाण ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि खड़गे से गलती हुई है और उन्हें ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। यह कांग्रेस के भीतर की असहमति को उजागर करता है, जिसे शिंदे ने राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया।

प्रधानमंत्री मोदी पर आरोपों का पलटवार

कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए शिंदे ने उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध अपमानजनक आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'वे प्रधानमंत्री के खिलाफ इतने अपमानजनक आरोप लगाते हैं। वे इतने निचले स्तर के आरोप लगाते हैं, उन्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए। प्रधानमंत्री देश को आगे ले जा रहे हैं और गरीबों की मदद कर रहे हैं। इससे उन्हें तकलीफ हो रही है। वे सत्ता के लिए इतने बेचैन हैं, जैसे बिना पानी के मछली तड़पती है।'

राहुल गांधी पर विदेश में 'बदनामी' का आरोप

एकनाथ शिंदे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश के भीतर और विदेश में भी प्रधानमंत्री को बदनाम करने का काम करते हैं। शिंदे ने कहा, 'राहुल गांधी विदेश जाकर प्रधानमंत्री को बदनाम करते हैं। वे देश के अंदर भी उन्हें बदनाम करते हैं। ये लोग देश में अराजकता और अशांति फैलाने का काम कर रहे हैं। वे अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं और देश को तोड़ना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि भारत भी बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका जैसा बन जाए।'

भारत की मजबूती पर जोर, चेतावनी भी

शिंदे ने यह स्पष्ट किया कि मौजूदा सरकार के नेतृत्व में भारत बदल चुका है और वह किसी भी बाहरी खतरे का जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि अब भारतीय सैनिक पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देते हैं। साथ ही उन्होंने देश को बाँटने की मंशा रखने वालों को चेतावनी देते हुए कहा, 'भारत के 140 करोड़ लोग देश को तोड़ने की मंशा रखने वालों को सबक सिखाएंगे।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मी तेज है और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन तथा विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित चुनावी रणनीति है — कांग्रेस की आंतरिक दरार को सार्वजनिक मंच पर उजागर करना। पृथ्वीराज चव्हाण की अपने ही अध्यक्ष के खिलाफ असहमति महाविकास अघाड़ी की एकजुटता पर सवाल उठाती है, जिसे शिंदे ने कुशलता से भुनाया। राहुल गांधी पर 'विदेश में बदनामी' के आरोप नए नहीं हैं, लेकिन इन्हें महाराष्ट्र चुनाव की पृष्ठभूमि में दोहराना स्पष्ट संकेत देता है कि भाजपा-शिंदे गुट राष्ट्रवाद के मुद्दे को केंद्र में रखना चाहता है। असली सवाल यह है कि क्या मतदाता इस वैचारिक बहस को स्थानीय शासन के सवालों से ऊपर रखेंगे।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकनाथ शिंदे ने मल्लिकार्जुन खड़गे के बारे में क्या कहा?
शिंदे ने कहा कि यदि खड़गे का बयान गलत था, तो कांग्रेस को उन्हें पार्टी से निष्कासित कर देना चाहिए। उन्होंने यह बयान पृथ्वीराज चव्हाण की खड़गे-विरोधी टिप्पणी का समर्थन करते हुए दिया।
पृथ्वीराज चव्हाण ने खड़गे की आलोचना क्यों की थी?
पृथ्वीराज चव्हाण ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से गलती हुई है और उन्हें वैसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। यह कांग्रेस के भीतर एक असामान्य सार्वजनिक असहमति थी।
शिंदे ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
शिंदे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश के अंदर और विदेश जाकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता देश में अराजकता और अस्थिरता फैलाना चाहते हैं।
यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में क्यों अहम है?
यह बयानबाजी ऐसे समय आई है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ जोरों पर हैं। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन कांग्रेस की आंतरिक दरार को विपक्षी एकता पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
शिंदे ने देश को बाँटने की कोशिश करने वालों के बारे में क्या चेतावनी दी?
शिंदे ने कहा कि भारत के 140 करोड़ लोग देश को तोड़ने की मंशा रखने वालों को सबक सिखाएंगे। उन्होंने जोर दिया कि मौजूदा सरकार के तहत भारत मजबूत हुआ है और बाहरी खतरों का जवाब देने में सक्षम है।
राष्ट्र प्रेस
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