खड़गे के बयान पर मंत्री आशीष शेलार का पलटवार: 'ऐसी भाषा भारत की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादास्पद बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। शेलार ने कहा कि किसी के माता-पिता के बारे में इस प्रकार की टिप्पणी करना न केवल सांस्कृतिक मूल्यों का अभाव दर्शाता है, बल्कि यह विवेकहीनता का भी प्रमाण है — और भारत की जनता ऐसी भाषा को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
खड़गे पर सीधा प्रहार
मंत्री आशीष शेलार ने कहा, 'मल्लिकार्जुन खड़गे और उनका समर्थन करने वालों ने अपनी संस्कृति का परिचय दिया है। आलोचना कीजिए, विरोध कीजिए — लेकिन किसी की माँ और पिता के बारे में इस प्रकार की टिप्पणी करना कौन-सी संस्कृति है? हम इसकी निंदा करते हैं। यह संस्कृति और विवेक, दोनों का अभाव दर्शाता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जिसकी जैसी संस्कृति होती है, वैसा ही उसका आचरण और भाषा होती है।
फिल्म सिटी सुरक्षा पर विचार-विमर्श
मुंबई की फिल्म सिटी में फिल्मी हस्तियों को निशाना बनाने की घटनाओं के मद्देनज़र शेलार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विचार चल रहा है। पुलिस और गृह विभाग के साथ इस विषय पर बातचीत हो चुकी है। सीसीटीवी निगरानी का दायरा बढ़ाया जा रहा है और आंतरिक सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती पर भी काम प्रगति पर है।
एकनाथ शिंदे की कथित ऑडियो क्लिप और एसआईटी
एकनाथ शिंदे से जुड़ी कथित ऑडियो क्लिप के मुद्दे पर शेलार ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही फॉरेंसिक जाँच का आश्वासन दे चुके थे और अब एसआईटी गठन की भी घोषणा हो चुकी है। इसके बावजूद विपक्ष का विरोध जारी रहना उनके राजनीतिक उद्देश्यों को उजागर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्पष्ट किया है कि इस क्लिप से उसका कोई संबंध नहीं है और न ही इसमें उसके किसी नेता की आवाज़ है। यहाँ तक कि मनोज जरांगे ने भी स्वयं इस क्लिप की जाँच की माँग की है। शेलार ने सवाल उठाया कि इसे किसने बनाया, क्यों बनाया और किसने प्रसारित किया — इन सवालों का जवाब ज़रूरी है।
राहुल गांधी और अमित शाह प्रकरण पर टिप्पणी
राहुल गांधी के वर्ष 2018 के उस मामले पर, जिसमें उन्होंने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष व वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी की थी और न्यायालय ने अपना निर्णय दिया था, शेलार ने कहा कि न्यायालय स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के कई बयान भारत की सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप नहीं रहे हैं। अमित शाह की आलोचना से पहले उनकी राजनीतिक क्षमता, अनुभव और योगदान को भी समझना आवश्यक है।
पर्यावरण और एमआईडीसी पर रुख
अभिनेता सयाजी शिंदे द्वारा कोंकण क्षेत्र में तटीय पेड़ों की कटाई को लेकर शुरू किए गए अभियान पर शेलार ने समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से कोई भी पेड़ नहीं काटा जाना चाहिए और अधिकतम पौधरोपण को बढ़ावा मिलना चाहिए — हालाँकि किसी भी परियोजना के लिए निर्धारित वैधानिक और पर्यावरणीय प्रक्रियाओं का पालन भी उतना ही आवश्यक है। एमआईडीसी और अन्य विभागों के बीच मतभेदों पर उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अपना स्पष्टीकरण देगा। राजनीतिक तीखेपन और बहु-आयामी मुद्दों के बीच शेलार का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीतिक बहस को और गरमाने का काम करेगा।