26 अक्टूबर 2026
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खड़गे के बयान पर मंत्री आशीष शेलार का पलटवार: 'ऐसी भाषा भारत की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी'

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खड़गे के बयान पर मंत्री आशीष शेलार का पलटवार: 'ऐसी भाषा भारत की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी'

सारांश

महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के माता-पिता संबंधी टिप्पणी पर कड़ा पलटवार किया। साथ ही एकनाथ शिंदे की कथित ऑडियो क्लिप पर एसआईटी जाँच और मुंबई फिल्म सिटी की सुरक्षा मज़बूत करने के संकेत दिए — महाराष्ट्र की राजनीति कई मोर्चों पर एक साथ गरमाई।

मुख्य बातें

आशीष शेलार ने 26 अक्टूबर 2026 को मल्लिकार्जुन खड़गे के माता-पिता संबंधी बयान की कड़ी निंदा की और कहा कि भारत की जनता ऐसी भाषा स्वीकार नहीं करेगी।
मुंबई फिल्म सिटी में सीसीटीवी निगरानी विस्तार और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पर विचार जारी; पुलिस व गृह विभाग से बातचीत हो चुकी है।
एकनाथ शिंदे की कथित ऑडियो क्लिप की जाँच के लिए एसआईटी गठन की घोषणा; BJP ने क्लिप से संबंध नकारा।
मनोज जरांगे ने स्वयं ऑडियो क्लिप की जाँच की माँग की है।
अभिनेता सयाजी शिंदे के कोंकण तटीय वृक्ष संरक्षण अभियान को शेलार का समर्थन; वैधानिक पर्यावरण प्रक्रियाओं का पालन भी ज़रूरी बताया।

महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादास्पद बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। शेलार ने कहा कि किसी के माता-पिता के बारे में इस प्रकार की टिप्पणी करना न केवल सांस्कृतिक मूल्यों का अभाव दर्शाता है, बल्कि यह विवेकहीनता का भी प्रमाण है — और भारत की जनता ऐसी भाषा को कभी स्वीकार नहीं करेगी।

खड़गे पर सीधा प्रहार

मंत्री आशीष शेलार ने कहा, 'मल्लिकार्जुन खड़गे और उनका समर्थन करने वालों ने अपनी संस्कृति का परिचय दिया है। आलोचना कीजिए, विरोध कीजिए — लेकिन किसी की माँ और पिता के बारे में इस प्रकार की टिप्पणी करना कौन-सी संस्कृति है? हम इसकी निंदा करते हैं। यह संस्कृति और विवेक, दोनों का अभाव दर्शाता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जिसकी जैसी संस्कृति होती है, वैसा ही उसका आचरण और भाषा होती है।

फिल्म सिटी सुरक्षा पर विचार-विमर्श

मुंबई की फिल्म सिटी में फिल्मी हस्तियों को निशाना बनाने की घटनाओं के मद्देनज़र शेलार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विचार चल रहा है। पुलिस और गृह विभाग के साथ इस विषय पर बातचीत हो चुकी है। सीसीटीवी निगरानी का दायरा बढ़ाया जा रहा है और आंतरिक सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती पर भी काम प्रगति पर है।

एकनाथ शिंदे की कथित ऑडियो क्लिप और एसआईटी

एकनाथ शिंदे से जुड़ी कथित ऑडियो क्लिप के मुद्दे पर शेलार ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही फॉरेंसिक जाँच का आश्वासन दे चुके थे और अब एसआईटी गठन की भी घोषणा हो चुकी है। इसके बावजूद विपक्ष का विरोध जारी रहना उनके राजनीतिक उद्देश्यों को उजागर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्पष्ट किया है कि इस क्लिप से उसका कोई संबंध नहीं है और न ही इसमें उसके किसी नेता की आवाज़ है। यहाँ तक कि मनोज जरांगे ने भी स्वयं इस क्लिप की जाँच की माँग की है। शेलार ने सवाल उठाया कि इसे किसने बनाया, क्यों बनाया और किसने प्रसारित किया — इन सवालों का जवाब ज़रूरी है।

राहुल गांधी और अमित शाह प्रकरण पर टिप्पणी

राहुल गांधी के वर्ष 2018 के उस मामले पर, जिसमें उन्होंने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष व वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी की थी और न्यायालय ने अपना निर्णय दिया था, शेलार ने कहा कि न्यायालय स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के कई बयान भारत की सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप नहीं रहे हैं। अमित शाह की आलोचना से पहले उनकी राजनीतिक क्षमता, अनुभव और योगदान को भी समझना आवश्यक है।

पर्यावरण और एमआईडीसी पर रुख

अभिनेता सयाजी शिंदे द्वारा कोंकण क्षेत्र में तटीय पेड़ों की कटाई को लेकर शुरू किए गए अभियान पर शेलार ने समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से कोई भी पेड़ नहीं काटा जाना चाहिए और अधिकतम पौधरोपण को बढ़ावा मिलना चाहिए — हालाँकि किसी भी परियोजना के लिए निर्धारित वैधानिक और पर्यावरणीय प्रक्रियाओं का पालन भी उतना ही आवश्यक है। एमआईडीसी और अन्य विभागों के बीच मतभेदों पर उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अपना स्पष्टीकरण देगा। राजनीतिक तीखेपन और बहु-आयामी मुद्दों के बीच शेलार का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीतिक बहस को और गरमाने का काम करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह महाराष्ट्र की आगामी राजनीतिक बिसात पर 'सांस्कृतिक मूल्यों' की भाषा को हथियार बनाने की सुविचारित रणनीति है। विपक्ष पर 'अपसंस्कृति' का ठप्पा लगाना वही रणनीति है जो BJP बार-बार चुनावी माहौल से पहले अपनाती रही है। एकनाथ शिंदे ऑडियो विवाद पर एसआईटी की माँग को 'जवाबदेही' के बजाय 'राजनीतिक हित' करार देना सत्ता पक्ष के लिए सुविधाजनक है — मगर यह सवाल बाकी रहता है कि एसआईटी की स्वतंत्रता और समयसीमा पर पारदर्शिता कब आएगी।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशीष शेलार ने मल्लिकार्जुन खड़गे के किस बयान पर आपत्ति जताई?
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा किसी के माता-पिता के बारे में की गई टिप्पणी को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा संस्कृति और विवेक दोनों के अभाव को दर्शाती है और भारत की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।
एकनाथ शिंदे की कथित ऑडियो क्लिप पर एसआईटी क्यों बनाई जा रही है?
एकनाथ शिंदे से जुड़ी एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद पहले फॉरेंसिक जाँच का आश्वासन दिया गया था, और अब एसआईटी गठन की घोषणा हुई है। शेलार के अनुसार यह जानना ज़रूरी है कि क्लिप किसने बनाई, क्यों बनाई और किसने प्रसारित की — मनोज जरांगे ने भी स्वयं जाँच की माँग की है।
मुंबई फिल्म सिटी की सुरक्षा में क्या बदलाव होंगे?
शेलार ने बताया कि फिल्मी हस्तियों को निशाना बनाने की घटनाओं के बाद फिल्म सिटी में सीसीटीवी निगरानी का दायरा बढ़ाया जाएगा और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। पुलिस और गृह विभाग के साथ इस विषय पर विचार-विमर्श हो चुका है।
BJP का एकनाथ शिंदे ऑडियो क्लिप से क्या संबंध है?
BJP ने स्पष्ट किया है कि इस कथित ऑडियो क्लिप से उसका कोई संबंध नहीं है और न ही इसमें उसके किसी नेता की आवाज़ है। शेलार ने कहा कि शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने भी जाँच की माँग की है और मुख्यमंत्री से मिलकर यह बात रखी गई थी।
सयाजी शिंदे के पर्यावरण अभियान पर शेलार का क्या रुख है?
शेलार ने कोंकण तटीय क्षेत्र में पेड़ों की कटाई के खिलाफ अभिनेता सयाजी शिंदे के अभियान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अनावश्यक वृक्षकटाई नहीं होनी चाहिए और अधिकतम पौधरोपण होना चाहिए, हालाँकि किसी भी परियोजना के लिए वैधानिक और पर्यावरणीय प्रक्रियाओं का पालन भी ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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