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क्या प्रकाश महाजन ने आशीष शेलार के बयान पर तंज किया?

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क्या प्रकाश महाजन ने आशीष शेलार के बयान पर तंज किया?

सारांश

आशीष शेलार के विवादास्पद बयान पर प्रकाश महाजन ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी है। ठाकरे बंधुओं के एक मंच पर आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मची है। जानिए इस राजनीतिक विवाद के पीछे की कहानी और इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

आशीष शेलार का बयान विवाद का कारण बना।
प्रकाश महाजन ने इसे अस्वीकार किया।
ठाकरे बंधुओं का मंच साझा करना महत्वपूर्ण है।
राजनीतिक बयानबाजी से सामाजिक एकता पर असर पड़ सकता है।
भाजपा को आगामी चुनावों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

मुंबई, 6 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे ब्रदर्स ने एक नई शुरुआत की है, जिसके चलते नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में, महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे के नेता राज ठाकरे की सफल राजनीतिक रैली में जुटी भीड़ की तुलना पहलगाम के आतंकवादियों से कर दी, जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया।

मनसे के मुख्य प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने आशीष शेलार के इस बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य बताया।

महाजन ने कहा कि दो मराठी भाइयों के बीच केवल मामूली मतभेद था। ऐसे में इस तरह की तुलना करना पूरी तरह से अपमानजनक है। उन्होंने शेलार के बयान के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, "क्या आप भूल गए हैं कि आपकी पार्टी ने कश्मीर में किसके साथ मिलकर सरकार बनाई थी?"

महाजन ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी एक छोटी सी असहमति को क्षेत्रीय या भाषाई संघर्ष में बदलने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से, इस तरह के ध्रुवीकरण विवादों के बिना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी बीएमसी चुनाव में सफल नहीं हो सकेगी।" उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक शालीनता के सभी मानक टूट चुके हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले मुंबई में शिवसेना (यूटीबी) और मनसे की संयुक्त विजय रैली में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने साथ में मंच साझा किया था। इस दौरान दोनों भाइयों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और गले मिले। यह घटना राज्य की राजनीति में हलचल पैदा करने वाली है। ठाकरे बंधु लगभग 20 साल के बाद एक मंच पर आए हैं। महाराष्ट्र सरकार द्वारा हिंदी और राज्य के स्कूलों के लिए ‘त्रि-भाषा’ नीति पर जारी सरकारी आदेश वापस लेने के बाद यह संयुक्त विजय रैली आयोजित की गई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहा जा सकता है कि राजनीति में बयानबाजी अक्सर विवादों को जन्म देती है। इस बार भी, भाजपा और मनसे के बीच का यह विवाद केवल एक राजनीतिक खेल नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सामाजिक एकता पर भी प्रश्नचिन्ह है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशीष शेलार का बयान क्या था?
आशीष शेलार ने उद्धव और राज ठाकरे की रैली में जुटी भीड़ की तुलना पहलगाम के आतंकवादियों से की थी।
प्रकाश महाजन ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
प्रकाश महाजन ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य बताया है।
ठाकरे बंधुओं का रैली में साथ आना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह घटना 20 साल बाद ठाकरे बंधुओं के एक मंच पर आने का प्रतीक है, जो महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर सकता है।
क्या यह विवाद भाजपा के लिए राजनीतिक नुकसान का कारण बन सकता है?
यह विवाद भाजपा के लिए आगामी बीएमसी चुनाव में चुनौतियाँ पैदा कर सकता है।
क्या राजनीतिक बयानबाजी का समाज पर असर पड़ता है?
हाँ, राजनीतिक बयानबाजी अक्सर समाज में विभाजन और नफरत को बढ़ा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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