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जामताड़ा साइबर गिरोह का भंडाफोड़: क्रेडिट कार्ड ठगी में बीटेक ग्रेजुएट समेत दो गिरफ्तार

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जामताड़ा साइबर गिरोह का भंडाफोड़: क्रेडिट कार्ड ठगी में बीटेक ग्रेजुएट समेत दो गिरफ्तार

सारांश

जामताड़ा का कुख्यात साइबर नेटवर्क एक बार फिर निशाने पर — इस बार शाहदरा पुलिस ने धनबाद से बीटेक ग्रेजुएट समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। फर्जी केवाईसी और स्क्रीन-शेयरिंग के जरिए 50 से ज्यादा लोगों को ठगकर लाखों के फोन खरीदे गए। तकनीकी शिक्षा का साइबर अपराध में दुरुपयोग एक गंभीर चिंता है।

मुख्य बातें

शाहदरा साइबर पुलिस ने 26 अक्टूबर 2026 को जामताड़ा से संचालित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया।
गिरफ्तार आरोपी आफताब अंसारी (24) और अब्दुल मजीद (23) — दोनों जामताड़ा के बोरवा गाँव के निवासी।
मुख्य आरोपी आफताब अंसारी बीटेक ग्रेजुएट है; आरोपियों ने 50 से अधिक लोगों को ठगा।
शिकायतकर्ता के क्रेडिट कार्ड से ₹1,39,999 का मोबाइल फोन जियोमार्ट से खरीदा गया।
आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य बरामद।
पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क के विस्तार की जाँच जारी है।

शाहदरा साइबर पुलिस स्टेशन ने 26 अक्टूबर 2026 को झारखंड के जामताड़ा जिले से संचालित एक सक्रिय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में पुलिस ने धनबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है — जिनमें एक बीटेक ग्रेजुएट भी शामिल है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह ने 50 से अधिक लोगों को फर्जी केवाईसी वेरिफिकेशन के जरिए ठगा और लाखों रुपए के महंगे मोबाइल फोन खरीदे।

मामले की शुरुआत कैसे हुई

शाहदरा साइबर थाने में तरनजीत सिंह की शिकायत पर ई-एफआईआर नंबर 292/2026 दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने खुद को एचडीएफसी बैंक का अधिकारी बताकर केवाईसी अपडेट के बहाने उनकी क्रेडिट कार्ड जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद ₹1,39,999 का एक मोबाइल फोन जियोमार्ट से खरीदा गया, जिसे झारखंड के धनबाद के झरिया इलाके में डिलीवर करवाया गया।

पुलिस की रणनीति और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीना के निर्देश पर एसएचओ इंस्पेक्टर विजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में एसआई श्याम बिहारी शरण और एसआई विवेक यादव समेत कई अधिकारी शामिल थे। पुलिस दल ने झारखंड में चार दिन तक सघन अभियान चलाया।

पुलिस ने डिलीवरी पर्सन की सहायता से जाल बिछाया और उसी लोकेशन पर एक नकली मोबाइल डिलीवरी की व्यवस्था की। जैसे ही आरोपी डिलीवरी लेने पहुँचे, पुलिस ने उन्हें मौके पर दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय आफताब अंसारी और 23 वर्षीय अब्दुल मजीद के रूप में हुई — दोनों जामताड़ा जिले के बोरवा गाँव के निवासी हैं। उनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।

ठगी का तरीका

जाँच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर क्रेडिट कार्ड केवाईसी अपडेट में सहायता के नाम पर फर्जी विज्ञापन प्रकाशित करते थे। विज्ञापन पर क्लिक करने वाले उपयोगकर्ताओं से ऑनलाइन फॉर्म भरवाकर उनकी निजी और वित्तीय जानकारी एकत्र की जाती थी।

इसके बाद फोन कॉल पर बैंक अधिकारी बनकर, विशेष रूप से 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को वीडियो कॉल के दौरान कार्ड विवरण दिखाने और स्क्रीन-शेयरिंग के लिए राजी किया जाता था। इस माध्यम से ओटीपी देखकर जियोमार्ट और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म से महंगे मोबाइल फोन खरीदे जाते थे।

पुलिस के अनुसार इन फोनों को झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न स्थानों पर डिलीवर करवाया जाता था और फिर स्थानीय बाज़ारों में सीलबंद पैक व बिल के साथ कम कीमत पर बेचा जाता था — ताकि कोई संदेह न हो।

आरोपी की पृष्ठभूमि और आगे की जाँच

मुख्य आरोपी आफताब अंसारी बीटेक ग्रेजुएट है और तकनीकी रूप से दक्ष बताया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब जामताड़ा पहले से ही देशभर में साइबर ठगी के केंद्र के रूप में कुख्यात है और कई राज्यों की पुलिस यहाँ से संचालित गिरोहों की जाँच कर चुकी है। गौरतलब है कि यह इस जिले से जुड़ा हालिया बड़ा भंडाफोड़ है।

पुलिस अब गिरोह के अन्य सहयोगियों, कुल ठगी की राशि और अन्य दर्ज मामलों से इस नेटवर्क के संभावित संबंधों की जाँच कर रही है। आगामी दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

नए आरोपी पुराने तरीके दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जामताड़ा साइबर गिरोह ने क्रेडिट कार्ड ठगी कैसे की?
आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी केवाईसी अपडेट विज्ञापन चलाकर लोगों की निजी जानकारी जुटाते थे और फिर बैंक अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर स्क्रीन-शेयरिंग के जरिए ओटीपी देखकर महंगे मोबाइल फोन खरीदते थे। इस तरीके से उन्होंने 50 से अधिक लोगों को ठगा।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और कहाँ के रहने वाले हैं?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय आफताब अंसारी और 23 वर्षीय अब्दुल मजीद के रूप में हुई है। दोनों झारखंड के जामताड़ा जिले के बोरवा गाँव के निवासी हैं। आफताब अंसारी बीटेक ग्रेजुएट बताया गया है।
शाहदरा पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
पुलिस ने डिलीवरी पर्सन की मदद से जाल बिछाया और उसी लोकेशन पर नकली मोबाइल डिलीवरी की व्यवस्था की। जैसे ही आरोपी डिलीवरी लेने पहुँचे, पुलिस की विशेष टीम ने उन्हें मौके पर गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले झारखंड में चार दिन तक सघन अभियान चलाया गया था।
इस मामले में कितनी ठगी हुई और क्या बरामद हुआ?
शिकायतकर्ता तरनजीत सिंह के क्रेडिट कार्ड से ₹1,39,999 का एक मोबाइल फोन जियोमार्ट से खरीदा गया था। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए जिनमें व्हाट्सएप चैट और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पुलिस कुल ठगी की राशि और अन्य मामलों की जाँच कर रही है।
जामताड़ा साइबर अपराध के लिए क्यों कुख्यात है?
जामताड़ा झारखंड का एक जिला है जो वर्षों से साइबर ठगी के गिरोहों का केंद्र माना जाता है। यहाँ से फर्जी बैंकिंग कॉल और ऑनलाइन धोखाधड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं और देश की कई राज्य पुलिसें इस जिले में कार्रवाई कर चुकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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