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जामताड़ा में साइबर ठगी: तीन गिरफ्तार, 9 मोबाइल और 22 सिम कार्ड जब्त

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जामताड़ा में साइबर ठगी: तीन गिरफ्तार, 9 मोबाइल और 22 सिम कार्ड जब्त

सारांश

जामताड़ा पुलिस ने जंगल इलाके में छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को दबोचा। 9 मोबाइल और 22 सिम कार्ड बरामद। अंतरराज्यीय नेटवर्क से संभावित कड़ी की जांच जारी — देश की 'साइबर क्राइम राजधानी' में एक और बड़ी कार्रवाई।

मुख्य बातें

जामताड़ा पुलिस ने 19 जून 2026 को तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 22 सिम कार्ड बरामद किए गए।
छापेमारी डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में सुपाईडीह-शेखपुरा के जंगल क्षेत्र में हुई।
प्रारंभिक जांच में संगठित साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल गतिविधियों की जांच जारी; अंतरराज्यीय गिरोह से संबंध की पड़ताल हो रही है।

झारखंड के जामताड़ा जिले की पुलिस ने 19 जून 2026 को एक विशेष अभियान में तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 9 मोबाइल फोन और 22 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं, जिनका कथित तौर पर ऑनलाइन ठगी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। जब्त सामग्री को आगे की जांच के लिए भेज दिया गया है।

कैसे हुई कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर अपराध शाखा के डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपाईडीह और शेखपुरा के बीच स्थित जंगल इलाके में छापेमारी की। इस दौरान तीनों संदिग्धों को मौके पर ही दबोच लिया गया।

जब्त सामग्री और प्रारंभिक जांच

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी संगठित तरीके से साइबर अपराध की गतिविधियों में शामिल थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनके तार किसी बड़े गिरोह या अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं। आरोपियों के संपर्कों, बैंक खातों तथा डिजिटल गतिविधियों की भी विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

जामताड़ा और साइबर अपराध का संदर्भ

गौरतलब है कि जामताड़ा पिछले कई वर्षों से देश में साइबर ठगी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में कुख्यात रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य पुलिस जिले में संगठित साइबर अपराध नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष अभियान चला रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और इस प्रकार के मामलों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की आम जनता से अपील

अधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या संदेश पर भरोसा न करें। बैंक खाता नंबर, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर देने की सलाह दी गई है।

आगे क्या

तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। जब्त उपकरणों की फोरेंसिक जांच के बाद मामले में और नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस का कहना है कि जामताड़ा में साइबर अपराध के विरुद्ध यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी नेटवर्क टूटने का नाम नहीं ले रहा। असली सवाल यह है कि बार-बार की कार्रवाइयों के बावजूद अंतरराज्यीय गिरोहों की जड़ें क्यों बरकरार हैं। महज उपकरण जब्त करना और निचले स्तर के ऑपरेटरों को पकड़ना तब तक पर्याप्त नहीं, जब तक फंडिंग चेन और सरगनाओं तक पहुँच नहीं होती। पुलिस की मुस्तैदी सराहनीय है, लेकिन जवाबदेही के लिए ज़रूरी है कि गिरफ्तारियों के बाद के अभियोजन परिणाम भी सार्वजनिक किए जाएं।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जामताड़ा में गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से 9 मोबाइल फोन और 22 सिम कार्ड जब्त किए, जिनका कथित तौर पर साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। जब्त सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
यह गिरफ्तारी कहाँ और कैसे हुई?
डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में साइबर अपराध शाखा की विशेष टीम ने जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपाईडीह और शेखपुरा के बीच जंगल इलाके में छापेमारी की। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह अभियान चलाया गया।
क्या इन आरोपियों का किसी बड़े गिरोह से संबंध है?
प्रारंभिक जांच में संगठित साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अभी यह पता लगा रही है कि इनके तार किसी अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं या नहीं; आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल संपर्कों की जांच जारी है।
जामताड़ा साइबर ठगी के लिए क्यों जाना जाता है?
जामताड़ा पिछले कई वर्षों से देश में ऑनलाइन ठगी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में चर्चित रहा है, जहाँ से संगठित गिरोह फर्जी कॉल और डिजिटल माध्यमों से देशभर में लोगों को ठगते हैं। राज्य पुलिस यहाँ विशेष साइबर-विरोधी अभियान चला रही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस ने क्या सलाह दी है?
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अनजान कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें और बैंक खाता, ओटीपी, पासवर्ड जैसी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।
राष्ट्र प्रेस
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