झारखंड: 24 राज्यों में 274 साइबर ठगी मामलों से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश, रामगढ़ से 4 गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने 30 अप्रैल 2026 को एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह फर्जी बैंक खातों के माध्यम से देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 274 साइबर अपराध को अंजाम दे चुका है।
कैसे हुआ खुलासा
मामले की शुरुआत तब हुई जब गृह मंत्रालय की 'आई फोर सी' परियोजना के अंतर्गत संचालित 'प्रतिबिम्ब पोर्टल' पर एक संदिग्ध बैंक खाते में असामान्य लेनदेन की सूचना दर्ज हुई। जाँच में सामने आया कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एक करंट अकाउंट में अलग-अलग राज्यों से लगातार रकम जमा की जा रही थी।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत के निर्देश पर एक विशेष जाँच टीम गठित की गई और तकनीकी निगरानी शुरू हुई। जाँच में परत-दर-परत खुलासा हुआ कि 'गणेश इंटरप्राइजेज' के नाम से एमएसएमई (MSME) परियोजना के तहत खुलवाया गया यह बैंक खाता वास्तव में ठगी की रकम एकत्र करने का माध्यम था।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
पुलिस ने छापेमारी कर राहुल गुप्ता (37), रवि कुमार वर्मा (34), रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना (40) और सोनू कुमार झा (34) को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि खाता खोलने से लेकर उसे संचालित करने तक एक सुनियोजित तंत्र काम कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपी कमीशन के बदले फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे, जबकि अन्य सदस्य ओटीपी (OTP), मोबाइल बैंकिंग क्रेडेंशियल और खातों की विस्तृत जानकारी व्हाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से देशभर के साइबर अपराधियों तक पहुँचाते थे।
किन राज्यों में हुई ठगी
पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की गई। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में साइबर अपराध के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है और सरकार डिजिटल धोखाधड़ी पर लगाम कसने के लिए केंद्रीय निगरानी तंत्र मज़बूत कर रही है।
आगे की जाँच
मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ पुलिस अब इस गिरोह के शेष सदस्यों की पहचान और उसके राष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है। जाँच एजेंसियाँ यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कितने राज्यों में ठगी हुई और कुल कितनी राशि का लेनदेन हुआ।