रांची साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़: 10 गिरफ्तार, ₹7.98 लाख नकद और 36 मोबाइल जब्त
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने 14 अक्टूबर 2026 को किराये के फ्लैटों से संचालित एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके साथ एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। आरोपियों के ठिकानों से ₹7 लाख 98 हज़ार 100 रुपए नकद, 36 मोबाइल फोन, 32 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप और दर्जनों पहचान दस्तावेज़ बरामद किए गए हैं।
कार्रवाई का घटनाक्रम
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक को 13 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली थी कि सुखदेवनगर थाना और पंडरा ओपी क्षेत्र में पिस्का मोड़ के निकट पराशर अपार्टमेंट तथा जतरा मैदान के पास स्थित मालती अपार्टमेंट के किराये के फ्लैटों से साइबर ठगी की जा रही है। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस अधीक्षक (नगर) पारस राणा के निर्देशन में सहायक पुलिस अधीक्षक निखिल राय के नेतृत्व में छापेमारी दल गठित किया गया।
पुलिस ने दोनों अपार्टमेंटों पर एक साथ कार्रवाई कर 10 आरोपियों को दबोचा। सिटी एसपी पारस राणा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी किराये के फ्लैटों में रहकर संगठित तरीके से ठगी के ऑपरेशन चला रहे थे। सभी आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है।
जब्त सामग्री का ब्यौरा
छापेमारी में बरामद सामग्री की सूची बेहद विस्तृत है। नकदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अलावा पुलिस ने 12 सिम कार्ड, 5 आधार कार्ड, 8 पैन कार्ड, 3 ड्राइविंग लाइसेंस, एक एनपीएस प्रान कार्ड और एक माइक्रो एसडी कार्ड भी ज़ब्त किया है।
इसके अतिरिक्त 5 पासबुक, एक चेकबुक, 25 नोटबुक — जिनमें नाम, मोबाइल नंबर और कथित हिसाब-किताब दर्ज थे — एयरटेल पेमेंट बैंक के दो स्मार्ट स्पीकर/रिसीवर उपकरण और एक पल्सर मोटरसाइकिल भी ज़ब्त की गई है। नोटबुक की बरामदगी यह संकेत देती है कि गिरोह सुनियोजित ढंग से लक्ष्यों की सूची बनाकर काम कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्यतः पलामू जिले के निवासी शामिल हैं — रितिक कुमार सिंह, अजीत कुमार मेहता उर्फ अजित कुमार कुशवाहा, सूरज कुमार सिंह, अमनदीप कुमार, अमित रंजन, अविनाश कुमार, राजकमल वर्मा, रंजीत कुमार और सत्यम कुमार वर्मा। गढ़वा जिले के सूरजदेव कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले की आगे जाँच कर रही है।
आम जनता के लिए पुलिस की सलाह
रांची पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम कार्ड विवरण, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
गौरतलब है कि झारखंड में साइबर ठगी के मामलों में पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी आई है और 'जामताड़ा मॉडल' के बाद अब अन्य ज़िलों में भी इस तरह के संगठित गिरोह सक्रिय होते देखे जा रहे हैं। रांची जैसे राजधानी शहर में किराये के फ्लैटों से ऑपरेशन चलाना गिरोह की बेखौफी को दर्शाता है। यह गिरफ्तारी इस दिशा में पुलिस की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।