राहुल गांधी का सुप्रीम कोर्ट मार्च 'टाइम पास' : भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने 13 अक्टूबर 2026 को पटना में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट मार्च और विपक्षी प्रदर्शन की तुलना शिव तांडव से किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। तिवारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी आंदोलन के नाम पर केवल समय बर्बाद कर रहे हैं और उनके बयान देश हित में नहीं हैं।
इंडिया ब्लॉक की बैठक पर निशाना
राहुल गांधी द्वारा अपने आवास पर इंडिया गठबंधन के नेताओं को चाय पर बुलाए जाने को लेकर भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, 'कभी डोसा खिला रहे हैं, कभी चाय पिला रहे हैं, कभी हाई-टी कर रहे हैं। अखिलेश यादव कितनी सीट देंगे, पहले ये तो डील कर लें।' उन्होंने आगे कहा कि तेजस्वी यादव ने बिहार में एमएलसी चुनाव में कांग्रेस को सीट नहीं दी, फिर भी राहुल गांधी उनके साथ मंच साझा कर रहे हैं। तिवारी ने प्रश्न उठाया, 'जनता बेवकूफ है क्या?'
शिव तांडव की तुलना पर विरोध
राहुल गांधी ने विपक्ष के प्रदर्शन की तुलना शिव तांडव और शिव बारात से की थी, जिस पर तिवारी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'शिव का मतलब है जहर पिया, जीवन दिया — राहुल गांधी तो यहाँ जहर ही उगल रहे हैं। जिन्होंने भगवान राम का विरोध किया हो, जिन्होंने कुंभ का विरोध किया हो, वो आज शिव पर ज्ञान देंगे?' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी भाजपा नेता ने राहुल गांधी की धार्मिक टिप्पणियों पर ऐसी प्रतिक्रिया दी हो — यह रणनीति भाजपा नेताओं की राहुल गांधी पर पलटवार की लंबी श्रृंखला का हिस्सा है।
वायरल वीडियो का हवाला
तिवारी ने एक कथित वायरल वीडियो का उल्लेख किया, जिसमें राहुल गांधी को अपने कार्यकर्ताओं को कोहनी से हटाते और सुरक्षा गार्ड से दूर कराते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने कहा, 'ये नक्सली दिमाग से ही प्रदर्शन करवा रहे हैं।' तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी 'पार्ट-टाइम पॉलिटिशियन' हैं और जब संसद चलती है या जनता को जरूरत होती है, तब वे विदेश में होते हैं।
राजनीतिक संदर्भ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश की। भाजपा की ओर से इस तरह की तीखी प्रतिक्रिया विपक्ष की इस कोशिश को कमजोर करने की रणनीति के तहत देखी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच यह वाकयुद्ध आगामी राजनीतिक मौसम की एक झलक है।
आगे क्या
कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इंडिया गठबंधन की आंतरिक सीट-बँटवारे को लेकर तनाव की ओर भाजपा का इशारा आने वाले दिनों में और चर्चा का विषय बनेगा।