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ईवीएम-EC पर सवाल उठाना कांग्रेस की हताशा: BJP नेता मृत्युंजय तिवारी का तेजस्वी को करारा जवाब

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ईवीएम-EC पर सवाल उठाना कांग्रेस की हताशा: BJP नेता मृत्युंजय तिवारी का तेजस्वी को करारा जवाब

सारांश

BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने कांग्रेस की ईवीएम-आलोचना को 'हताशा' करार दिया, तेजस्वी यादव को पहले अपनी पार्टी सँभालने की सलाह दी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर सनातन धर्म की अपर्याप्त समझ का आरोप लगाया — बिहार चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने 29 सितंबर को पटना में कांग्रेस की EC और ईवीएम आलोचना को 'हताशा और निराशा' का परिणाम बताया।
तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और लोकतंत्र में जनादेश सर्वोपरि है।
बिहार विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को मस्जिद विवाद में दखल देने की बजाय अपनी पार्टी बचाने की नसीहत दी गई।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सनातन धर्म संबंधी बयान पर तिवारी ने कहा कि पहले धर्म की जानकारी बढ़ाएँ।
तिवारी ने इंडिया ब्लॉक की मौजूदा स्थिति के लिए ऐसे नेताओं के बयानों को ज़िम्मेदार ठहराया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने 29 सितंबर को पटना में कांग्रेस की चुनावी समीक्षा पद्धति, बिहार में विपक्ष की भूमिका और सनातन धर्म पर विपक्षी नेताओं के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। तिवारी ने कहा कि चुनाव हारने के बाद हर बार चुनाव आयोग और ईवीएम पर दोष मढ़ना कांग्रेस की 'हताशा और निराशा' का प्रमाण है।

कांग्रेस पर सीधा हमला

मृत्युंजय तिवारी ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से फ्रस्ट्रेट और निराश है। जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए लोगों का आशीर्वाद कम नहीं हो रहा बल्कि बढ़ रहा है, लोकतंत्र में जनता ही सुप्रीम है।' उन्होंने आगे कहा कि जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, उसे इलेक्शन कमीशन और ईवीएम में गलती दिखती है, जबकि पार्टी यह नहीं सोचती कि चुनाव के दौरान जनता का भरोसा कैसे जीता जाए। तिवारी के अनुसार, आत्ममंथन की जगह बाहरी कारणों पर दोष मढ़ना विपक्ष की मूल समस्या है।

तेजस्वी यादव को नसीहत

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के बयान पर तिवारी ने कहा, 'तेजस्वी यादव को अपनी पार्टी और अपने विधायकों की चिंता करनी चाहिए। अपनी पार्टी को बचाना ही उनके लिए बड़ी चिंता है।' उन्होंने सवाल उठाया कि तेजस्वी मस्जिद के मामले में क्यों दखल दे रहे हैं, जबकि सरकार मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों और गुरुद्वारों — सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सनातन विवाद पर BJP का पलटवार

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सनातन धर्म संबंधी बयान पर तिवारी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जिन्हें सनातन या हिंदू धर्म का कोई ज्ञान नहीं, वे दूसरों को क्या ज्ञान देंगे। तिवारी ने यह भी कहा कि ऐसे नेता भगवानों में भी फर्क कर रहे हैं, जबकि धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान शिव ने भगवान राम की पूजा की थी और भगवान राम ने भगवान शिव की।

इंडिया ब्लॉक पर निशाना

तिवारी ने कहा कि ऐसे बयान देने वाले नेताओं और पार्टियों की वजह से ही इंडिया ब्लॉक और उसकी घटक पार्टियाँ आज इस स्थिति में हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं को सलाह दी कि ऐसे विषयों पर बोलने से पहले अपनी जानकारी बढ़ाएँ। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो रही है।

आगे क्या

गौरतलब है कि बिहार में राजनीतिक दलों के बीच वर्चस्व की लड़ाई आने वाले चुनावों से पहले और तीखी होती दिख रही है। BJP और विपक्षी दलों के बीच ईवीएम, धार्मिक मुद्दों और प्रशासनिक निर्णयों पर यह जुबानी जंग आगे भी जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठाए गए तकनीकी सवालों का उत्तर नहीं देता। तेजस्वी को 'पार्टी बचाने' की सलाह देना राजनीतिक रूप से तीखा है, पर बिहार में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर उठे असल सवालों को दरकिनार करता है। सनातन विवाद पर BJP का यह पलटवार हिंदी पट्टी में चुनावी ध्रुवीकरण की उस व्यापक प्रवृत्ति से जुड़ता है जो आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले और गहरी होती जाएगी।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
तिवारी ने कहा कि कांग्रेस हर चुनावी हार के बाद इलेक्शन कमीशन और ईवीएम पर दोष मढ़ती है, जो पार्टी की 'हताशा और निराशा' को दर्शाता है। उनके अनुसार कांग्रेस आत्ममंथन की जगह बाहरी कारणों पर ध्यान देती है।
तिवारी ने तेजस्वी यादव को क्या कहा?
तिवारी ने तेजस्वी यादव को सलाह दी कि वे मस्जिद के मामले में दखल देने की बजाय पहले अपनी पार्टी और विधायकों को सँभालें। उन्होंने कहा कि सरकार मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे — सभी की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
रेवंत रेड्डी के किस बयान पर BJP ने आपत्ति जताई?
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सनातन धर्म संबंधी बयान पर तिवारी ने कहा कि जिन्हें सनातन या हिंदू धर्म की समझ नहीं, वे दूसरों को ज्ञान नहीं दे सकते। तिवारी ने यह भी कहा कि ऐसे नेता भगवानों में भी फर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
इंडिया ब्लॉक की स्थिति पर तिवारी का क्या कहना है?
तिवारी ने कहा कि ऐसे बयान देने वाले नेताओं और पार्टियों की वजह से ही इंडिया ब्लॉक और उसकी घटक पार्टियाँ आज कमजोर स्थिति में हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं को ऐसे विषयों पर बोलने से पहले जानकारी बढ़ाने की नसीहत दी।
यह बयान बिहार की राजनीति के संदर्भ में क्यों अहम है?
बिहार में आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले BJP और विपक्षी दलों के बीच ईवीएम, धार्मिक मुद्दों और प्रशासनिक निर्णयों पर सियासी बयानबाजी तेज हो रही है। तिवारी का यह बयान इसी राजनीतिक माहौल में आया है और चुनावी ध्रुवीकरण की संभावना को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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