8 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वोट चोरी हुई तो तेजस्वी 25 विधायकों समेत जीते कैसे? BJP नेता मृत्युंजय तिवारी का विपक्ष पर पलटवार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वोट चोरी हुई तो तेजस्वी 25 विधायकों समेत जीते कैसे? BJP नेता मृत्युंजय तिवारी का विपक्ष पर पलटवार

सारांश

BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों को सीधे चुनौती दी — सवाल उठाया कि अगर धाँधली हुई तो तेजस्वी यादव और 25 विधायक जीते कैसे? उन्होंने विरोध-प्रदर्शन को 'नौटंकी' बताते हुए RJD में टूट का भी दावा किया।

मुख्य बातें

BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने 8 अक्टूबर 2026 को पटना में विपक्ष के वोट चोरी के दावों को 'नौटंकी' करार दिया।
तिवारी ने सवाल उठाया — यदि वोट चोरी हुई तो तेजस्वी यादव और 25 विधायक चुनाव कैसे जीते?
BJP नेता ने RJD और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे सत्ता में रहते हुए खुद गलतियाँ करने वाले आज संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।
तिवारी ने RJD में जनता, कार्यकर्ताओं और अब विधायकों का साथ छूटने का दावा किया — हालाँकि इसके लिए कोई साक्ष्य नहीं दिया।
PM नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख कर NDA की एकजुटता का संदेश दिया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने 8 अक्टूबर 2026 को पटना में कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन को 'नौटंकी' करार देते हुए तीखा पलटवार किया। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव और विपक्षी गठबंधन पर जनता का विश्वास गंवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी पराजय के बाद विपक्ष ईवीएम (EVM) और चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा है।

विपक्ष पर तिवारी का केंद्रीय सवाल

तिवारी ने विपक्ष के तर्क को उसी की भाषा में काटते हुए कहा कि यदि चुनाव में सचमुच वोट चोरी हुई होती, तो तेजस्वी यादव और उनके साथ 25 विधायक सफलतापूर्वक चुनाव कैसे जीत गए? उन्होंने सवाल उठाया कि जिन मतदाताओं के वोट चोरी होने का दावा किया जा रहा है, वे स्वयं सामने आकर साक्ष्य और प्रमाण क्यों नहीं दे रहे। तिवारी के अनुसार, प्रदर्शन में जनता नहीं, केवल विपक्ष के अपने नेता और कार्यकर्ता शामिल हैं — जो दावे की खोखली नींव को उजागर करता है।

संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप

BJP नेता ने आलोचना करते हुए कहा कि जब भी विपक्ष चुनाव हारता है, वह ईवीएम और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जताने लगता है। उनका तर्क था कि जो लोग सत्ता में रहते हुए खुद गलतियाँ करते रहे — विशेष रूप से RJD और कांग्रेस — वे आज दूसरों से जवाबदेही माँग रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार चुनाव के बाद विपक्षी खेमे में बेचैनी साफ़ दिखती है।

BJP का डबल इंजन सरकार का दावा

तिवारी ने कहा कि केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया जा चुका है और जनता सरकार को अपना समर्थन और आशीर्वाद दे रही है। उनके अनुसार, विपक्ष को यह स्वीकार करना होगा कि जनता ने उसे नकार दिया है।

RJD में टूट का दावा

तिवारी ने RJD के भीतर संभावित बिखराव का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि पहले आम जनता का साथ छूटा, फिर पार्टी के कार्यकर्ता अलग होने लगे और अब विधायक भी पार्टी से दूर होने की कगार पर हैं। हालाँकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया।

PM मोदी के 25 वर्ष और विपक्ष की चुनौती

तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया — गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की यात्रा को। उन्होंने कहा कि NDA के कार्यकर्ताओं ने मोदी के 'कर्म ही धर्म' के संदेश को अपनाते हुए जनता का विश्वास जीतने का संकल्प लिया है। तिवारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे जनसेवा के बजाय केवल अपनी राजनीतिक जमीन बचाने में लगे हैं।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब बिहार में चुनावी नतीजों के बाद ईवीएम विवाद उठा हो। विपक्ष द्वारा हार के बाद इसी तर्ज पर सवाल उठाने का सिलसिला पिछले कई राज्य चुनावों में देखा गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि विपक्ष इस मुद्दे को किस दिशा में ले जाता है और क्या कोई औपचारिक कानूनी चुनौती सामने आती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करता है कि आंशिक धाँधली के आरोप और किसी प्रत्याशी की जीत एक-दूसरे को स्वतः खारिज नहीं करते। मुख्यधारा की कवरेज BJP के जवाबी हमले पर केंद्रित है, पर असली सवाल यह है कि विपक्ष ने अदालत या चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत क्यों नहीं दर्ज की — जो उनके दावों की विश्वसनीयता पर सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न है। दूसरी ओर, RJD में टूट का दावा अभी तथ्यों पर नहीं, केवल अनुमान पर टिका है। बिहार की राजनीति में इस तरह के 'टूट के दावे' चुनाव के बाद की रस्म बन चुके हैं — और अक्सर खोखले साबित होते हैं।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने वोट चोरी के आरोपों पर क्या कहा?
तिवारी ने विपक्ष के वोट चोरी के दावों को 'नौटंकी' बताते हुए पूछा कि यदि सच में वोट चोरी हुई होती तो तेजस्वी यादव और 25 विधायक चुनाव कैसे जीतते। उन्होंने विपक्ष से कहा कि साक्ष्य सामने लाए जाएँ, अन्यथा ये आरोप खोखले हैं।
तेजस्वी यादव और विपक्ष ने वोट चोरी का आरोप क्यों लगाया?
बिहार चुनाव में हार के बाद RJD नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन ने EVM और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि मतदान में गड़बड़ी हुई, हालाँकि अब तक कोई औपचारिक कानूनी चुनौती सामने नहीं आई है।
बिहार में डबल इंजन सरकार का क्या मतलब है?
डबल इंजन सरकार से तात्पर्य है कि केंद्र में NDA की सरकार (PM नरेंद्र मोदी) और बिहार राज्य में भी NDA की सरकार (मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी) एक साथ काम कर रही हैं। तिवारी ने दावा किया कि इस समन्वय से बिहार के विकास को गति मिल रही है।
क्या RJD में वाकई टूट हो रही है?
BJP नेता मृत्युंजय तिवारी ने दावा किया कि RJD से पहले जनता, फिर कार्यकर्ता और अब विधायक अलग होने की कगार पर हैं। हालाँकि यह दावा अभी तथ्यात्मक साक्ष्यों पर नहीं, राजनीतिक अनुमान पर आधारित है।
PM मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन का इस विवाद से क्या संबंध है?
तिवारी ने PM मोदी के गुजरात CM से प्रधानमंत्री तक 25 वर्ष की सेवा का उल्लेख कर NDA की कर्मठ छवि को विपक्ष की 'सड़क-राजनीति' के विपरीत रखा। उन्होंने 'कर्म ही धर्म' के संदेश को NDA कार्यकर्ताओं की प्रेरणा बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले