क्या चुनाव आयोग भाजपा की 'बी टीम' के रूप में कार्य कर रहा है?: तेजस्वी यादव

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क्या चुनाव आयोग भाजपा की 'बी टीम' के रूप में कार्य कर रहा है?: तेजस्वी यादव

सारांश

बिहार की राजनीति में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग भाजपा की बी टीम की तरह कार्य कर रहा है, जिससे चुनावी प्रक्रिया में धांधली का अंदेशा है। जानिए इस विवाद का पूरा सच क्या है।

Key Takeaways

  • चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल उठाया जा रहा है।
  • मतदाता सूची में फर्जीवाड़े के आरोप गंभीर हैं।
  • तेजस्वी यादव ने भाजपा पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
  • सर्वोच्च न्यायालय में मामला चल रहा है।
  • राजनीति में जवाबदेही की आवश्यकता है।

पटना, 14 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन (एसआईआर) पुनरीक्षण को लेकर पटना से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में हलचल मची हुई है। इस संदर्भ में, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर उठते हुए कहा कि चुनाव आयोग भाजपा की बी टीम के रूप में कार्य कर रही है।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "एनडीए के सभी बड़े नेता, चाहे वो सांसद हों, विधायक हों, मेयर हों या उप मुख्यमंत्री, उनके पास दो-दो इपिक नंबर उपलब्ध हैं। ये सभी विभिन्न लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में इपिक कार्ड बनवा चुके हैं। यह स्पष्ट है कि एसआईआर में कितना बड़ा फर्जीवाड़ा बिहार में हो रहा है।"

उन्होंने कहा कि जब माननीय लोगों की यह स्थिति है तो अन्य कितने उदाहरण होंगे जिनके नाम काटे गए हैं। जीवित को मृत और मृत को जीवित दर्शाया गया है। यही कारण है कि चुनाव आयोग पूरे डेटा को छिपाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में मामला चल रहा है, हमें उम्मीद है कि हमें न्याय मिलेगा।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि भाजपा की मिलीभगत से यह कार्य हो रहा है। इससे पहले, तेजस्वी यादव ने जदयू के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले विधान पार्षद (एमएलसी) दिनेश सिंह और उनकी पत्नी, वैशाली से सांसद वीणा देवी पर भी दो अलग-अलग वोट और एपिक आईडी का आरोप लगाया था। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह चुनाव आयोग द्वारा एनडीए को लाभ पहुंचाने के लिए की गई चुनावी धांधली नहीं है?

नेता प्रतिपक्ष ने चुनाव आयोग से मांग की कि वह एसआईआर में हो रही गड़बड़ियों और गलतियों को स्वीकार करे। इसके साथ ही उन्होंने आयोग से यह भी मांग की है कि वह दिनेश सिंह के खिलाफ दोनों स्थानों से अलग-अलग नोटिस जारी करे। इसके बाद मुजफ्फरपुर निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने जदयू के विधान पार्षद दिनेश प्रसाद सिंह और लोजपा (रामविलास) की सांसद वीणा देवी को नोटिस भेजा है। नोटिस में 16 अगस्त तक जवाब देने का निर्देश दिया गया है।

Point of View

तेजस्वी यादव के आरोप का महत्व इस बात में निहित है कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। यह मुद्दा केवल बिहार का नहीं, बल्कि पूरे देश के चुनावी तंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा है।
NationPress
30/11/2025

Frequently Asked Questions

तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए हैं?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग भाजपा की बी टीम के रूप में कार्य कर रहा है और बिहार में मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा हो रहा है।
बिहार में मतदाता सूची का पुनरीक्षण क्यों किया जा रहा है?
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए किया जा रहा है।
क्या चुनाव आयोग इस मामले में कार्रवाई करेगा?
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग से गड़बड़ियों को स्वीकार करने और कार्रवाई करने की मांग की है।
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