क्या बिहार विधानसभा चुनाव में 'लोक' हारा और 'तंत्र' जीता? तेजस्वी यादव
सारांश
Key Takeaways
- तेजस्वी यादव का बयान 'लोक' और 'तंत्र' के बीच की खाई को उजागर करता है।
- उन्होंने सरकार के वादों पर सवाल उठाए हैं।
- राजनीतिक संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
पटना, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों पर सत्ता पक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "पूरे देश में यह कहा जा रहा है कि हालिया बिहार विधानसभा चुनाव में लोक हारा और तंत्र जीता।"
पटना आने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा, "जनतंत्र को धन-तंत्र और मशीनतंत्र में बदल दिया गया है। छल-कपट और प्रपंच के माध्यम से प्राप्त जनादेश को जनता कितनी स्वीकार कर रही है, यह सभी जानते हैं।"
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे हमेशा सकारात्मक राजनीति करते आए हैं, इसलिए नई सरकार की नीतियों और निर्णयों पर 100 दिन तक टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन जनता के साथ सरकार के कार्यों की विवेचना जारी रखेंगे।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में अपराध, भ्रष्टाचार, और शिक्षा की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार अपने वादों को पूरा करे, जिसमें 2.5 करोड़दो लाख रुपएएक करोड़ नौकरियों का वादा शामिल है।
उन्होंने कहा, "अगर इस चुनाव में हर विधानसभा में 150 करोड़
बता दें कि विधानसभा चुनाव में बड़ी हार के बाद तेजस्वी यादव पटना से बाहर चले गए थे, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में उनकी लंबे समय तक राजधानी से अनुपस्थिति को लेकर चर्चाएं होती रहीं।