संजू सैमसन: मेरी फॉर्म वापस लौट रही है, इसे जारी रखना बेहद जरूरी है
सारांश
Key Takeaways
- संजू सैमसन ने 89 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई।
- भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराया।
- फाइनल मैच 8 मार्च को होने जा रहा है।
- सैमसन ने अपनी फॉर्म की वापसी का जिक्र किया।
- वानखेड़े की पिच पर कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होता।
मुंबई, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इंग्लैंड के खिलाफ गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में हुए सेमीफाइनल-2 में भारत ने संजू सैमसन की धमाकेदार पारी के चलते 7 रन से जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने फाइनल में प्रवेश कर लिया है। 89 रन की शानदार पारी खेलने के लिए सैमसन को 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब मिला।
इस मैच में सैमसन ने 42 गेंदों में 7 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 89 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 45 गेंदों में 97 रन की साझेदारी की।
भारत की जीत के बाद सैमसन ने कहा, "मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। सच कहूं तो पिछले मैच से ही मेरे मन में यह विश्वास था कि मेरी फॉर्म वापस आ रही है, इसलिए मैंने इसे बनाए रखना जरूरी समझा। देश के लिए महत्वपूर्ण मुकाबलों में फॉर्म बनाना कठिन होता है, इसलिए मैंने सोचा कि इस बड़े मैच में अपनी बल्लेबाजी का पूरा लाभ उठाना चाहिए। मैंने खुद को थोड़ा समय दिया और अपने खेल को सोच-समझकर आगे बढ़ाया। मैंने अच्छी तैयारी की थी और चीजें मेरे पक्ष में गईं। शुरुआत में थोड़ा भाग्य भी मेरे साथ था, लेकिन उसके बाद मैंने लय बनाए रखने की कोशिश की।"
टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 7 विकेट पर 253 रन बनाए। इंग्लैंड ने जवाब में 7 विकेट खोकर 246 रन बनाए।
सैमसन ने इस पिच के बारे में कहा, "वानखेड़े स्टेडियम में खेलते समय हमें यह समझ में आता है कि यहाँ कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होता। इसलिए मैं ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश कर रहा था। यहां 250 का स्कोर भी आसानी से पीछा किया जा सकता है और इंग्लैंड ने भी बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। मुझे लगता है कि उनके खेलने के तरीके को भी पूरा श्रेय जाता है और यह वास्तव में एक अद्भुत सेमीफाइनल रहा।"
उन्होंने आगे कहा, "हमें परिस्थितियों का सही आकलन करना होता है। हमने वानखेड़े में कई मैच खेले हैं। आज टीम ने जिस तरह प्रदर्शन किया, उससे मैं बहुत खुश हूं। पूरा श्रेय जसप्रीत बुमराह को भी जाता है। वानखेड़े में खेलना एक अद्वितीय अनुभव होता है। यहाँ शतक लगाने के बारे में सोचना नहीं होता, वह तो खेलते-खेलते हो जाता है। आपको बस लगातार आक्रामकता से खेलना होता है। टीम के लिए योगदान देकर मैं बेहद खुश हूं।"
भारतीय टीम 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मैच खेलने उतरेगी।