संजीव सैमसन ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में जगह बनाने की खुशी जाहिर की
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराया।
- संजीव सैमसन ने 89 रन की पारी खेली।
- सैमसन को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
- भारत का फाइनल में सामना न्यूजीलैंड से होगा।
- वानखेड़े की पिच पर कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होता।
मुंबई, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इंग्लैंड के खिलाफ गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल-2 में भारत ने संजीव सैमसन की विस्फोटक पारी के चलते 7 रन से जीत हासिल की है। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने फाइनल में अपनी जगह बना ली है। सैमसन को 89 रन की शानदार पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब मिला।
इस मैच में सैमसन ने 42 गेंदों में 7 छक्के और 8 चौके लगाते हुए 89 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 45 गेंदों में 97 रन की साझेदारी की।
भारत की जीत के बाद सैमसन ने कहा, "मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। सच कहूं तो पिछले मैच से ही मुझे पता था कि मेरी फॉर्म लौट रही है, इसलिए मैंने इसे बनाए रखना जरूरी समझा। देश के लिए महत्वपूर्ण मुकाबलों में फॉर्म हासिल करना आसान नहीं होता, इसलिए मैंने सोचा कि बड़े मैच में अपनी बल्लेबाजी का पूरा लाभ उठाना चाहिए। मैंने खुद को थोड़ा अतिरिक्त समय दिया और अपनी पारी को सोच-समझकर आगे बढ़ाया। मैंने अच्छी तैयारी की थी और सब कुछ मेरे पक्ष में गया। शुरुआत में थोड़ी किस्मत भी मेरे साथ रही, लेकिन उसके बाद मैंने लय को बनाए रखना चाहा।"
टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 7 विकेट पर 253 रन बनाए। इंग्लैंड ने जवाब में 7 विकेट खोकर 246 रन बनाए।
सैमसन ने इस पिच के बारे में कहा, "वानखेड़े स्टेडियम में खेलते समय हमें पता होता है कि यहां कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होता, इसलिए मैं अधिक से अधिक रन बनाने की कोशिश कर रहा था। यहां 250 का स्कोर भी चेज किया जा सकता है और इंग्लैंड ने भी बहुत अच्छा खेला। मुझे लगता है कि उनके खेलने के तरीके को भी पूरा श्रेय जाता है और यह वास्तव में एक शानदार सेमीफाइनल था।"
उन्होंने कहा, "हमें परिस्थितियों का सही आकलन करना होता है। हम वानखेड़े में कई मैच खेल चुके हैं। आज टीम ने जिस तरह से प्रदर्शन किया, उससे मैं बहुत खुश हूं। पूरा श्रेय जसप्रीत बुमराह को भी जाता है। वानखेड़े में खेलना एक अद्भुत अनुभव होता है। यहां शतक लगाने के बारे में सोचकर बल्लेबाजी नहीं की जाती, वह तो खेलते-खेलते हो जाता है। आपको बस लगातार आक्रामक खेलना होता है। टीम के लिए योगदान देकर मैं बहुत खुश हूं।"
भारतीय टीम 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मैच खेलने उतरेगी।