संजू सैमसन: मेरी फॉर्म लौट रही है, इसे जारी रखना है
सारांश
Key Takeaways
- संजू सैमसन ने 89 रन बनाए और 'प्लेयर ऑफ द मैच' बने।
- भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराया।
- टीम ने 253 रन का लक्ष्य रखा, इंग्लैंड ने 246 रन बनाए।
- सैमसन ने अपनी फॉर्म वापस पाने पर जोर दिया।
- फाइनल में न्यूजीलैंड का सामना करने के लिए तैयार हैं।
मुंबई, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इंग्लैंड के विरुद्ध गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल-2 में भारत ने संजू सैमसन की जोरदार पारी की बदौलत 7 रन से जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने फाइनल में अपनी जगह बना ली है। 89 रन की शानदार पारी खेलने के लिए सैमसन को 'प्लेयर ऑफ द मैच' घोषित किया गया।
इस मैच में सैमसन ने 42 गेंदों में 7 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 89 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 45 गेंदों में 97 रन की साझेदारी की।
भारत की जीत के बाद सैमसन ने कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है। पिछले मैच से ही मैंने महसूस किया था कि मेरी फॉर्म वापस आ रही है, इसलिए मैंने इसे बनाए रखना जरूरी समझा। देश के लिए महत्वपूर्ण मुकाबलों में फॉर्म पाना आसान नहीं होता, इसलिए मैंने सोचा कि बड़े मैच में अपनी बल्लेबाजी का पूरा फायदा उठाना चाहिए। मैंने खुद को थोड़ा समय दिया और अपनी पारी को सोच-समझकर आगे बढ़ाया। मैंने अच्छी तैयारी की थी और चीजें मेरे पक्ष में गईं। शुरुआत में थोड़ी किस्मत भी साथ रही, लेकिन उसके बाद मैं लय बनाए रखना चाहता था।"
टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 7 विकेट के नुकसान पर 253 रन बनाए। इंग्लैंड ने जवाब में 7 विकेट खोकर 246 रन बनाए।
सैमसन ने इस पिच के बारे में कहा, "वानखेड़े स्टेडियम में खेलते हुए हमें पता होता है कि यहां कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होता, इसलिए मैं ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश कर रहा था। 250 का स्कोर भी यहाँ चेज किया जा सकता है और इंग्लैंड ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की। मुझे लगता है कि उनके खेलने की शैली को भी पूरा श्रेय जाता है और यह वास्तव में एक शानदार सेमीफाइनल था।"
उन्होंने आगे कहा, "हमें परिस्थितियों का सही आकलन करना होता है। हमने वानखेड़े में कई मैच खेले हैं। आज टीम ने जिस तरह से प्रदर्शन किया, उससे मैं बहुत खुश हूँ। पूरा श्रेय जसप्रीत बुमराह को भी जाता है। वानखेड़े में खेलना एक अद्भुत अनुभव होता है। यहां शतक लगाने के बारे में सोचकर बल्लेबाजी नहीं की जाती, वह तो खेलते-खेलते हो जाता है। आपको बस लगातार आक्रामक खेलना होता है। टीम के लिए योगदान देकर मैं बहुत खुश हूँ।"
भारतीय टीम 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मैच खेलेगी।