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गुजरात में 15 अगस्त से डिजिटल फसल सर्वे: 95 लाख से अधिक खेत, 18,197 गांव, 45 दिन

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गुजरात में 15 अगस्त से डिजिटल फसल सर्वे: 95 लाख से अधिक खेत, 18,197 गांव, 45 दिन

सारांश

गुजरात सरकार 15 अगस्त से 45 दिनों का डिजिटल फसल सर्वे शुरू कर रही है — 18,197 गांवों के 95 लाख से अधिक खेत, जियो-टैगिंग और मोबाइल ऐप के जरिए। एग्रीस्टैक की यह पहल किसानों के फसल रिकॉर्ड को डिजिटल बनाकर बीमा और ऋण सुविधाओं को सुलभ बनाने की बड़ी कोशिश है।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने 15 अगस्त 2026 से 45 दिन का डिजिटल फसल सर्वेक्षण शुरू करने की घोषणा की।
सर्वे में राज्य के 18,197 गांवों के 95 लाख से अधिक कृषि भूखंड शामिल होंगे।
सर्वे केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक पहल के तहत खरीफ 2026 सीजन के लिए किया जाएगा।
सरकारी सर्वेक्षक फसलों की जियो-टैग तस्वीरें लेकर डिजिटल एप्लीकेशन पर डेटा अपलोड करेंगे।
फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत किसान डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप से स्वयं भी सर्वे कर सकते हैं।
सर्वे की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

गुजरात सरकार ने 15 अगस्त 2026 से राज्यव्यापी डिजिटल फसल सर्वेक्षण शुरू करने की घोषणा की है, जो 30 सितंबर 2026 तक यानी 45 दिनों तक चलेगा। केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक पहल के तहत संचालित इस अभियान में राज्य के 18,197 गांवों के 95 लाख से अधिक कृषि भूखंडों को कवर किया जाएगा। खरीफ 2026 सीजन के लिए शुरू किया जा रहा यह सर्वे किसानों की फसलों का पहली बार व्यापक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सर्वे की कार्यप्रणाली

सरकार द्वारा नियुक्त सरकारी सर्वेक्षक प्रत्येक खेत या सर्वे नंबर पर जाकर वहां उगाई गई फसल की जानकारी एक डिजिटल एप्लीकेशन के माध्यम से अपलोड करेंगे। इस प्रक्रिया में फसलों की जियो-टैग की गई तस्वीरें भी ली जाएंगी, ताकि खेती संबंधी जानकारी प्रामाणिक और डिजिटल रूप से संरक्षित रहे।

गौरतलब है कि गुजरात में यह डिजिटल फसल सर्वे 2024-25 से एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा है। इस बार खरीफ सीजन के लिए चिन्हित सभी पात्र कृषि भूखंडों को सर्वे में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

किसानों को स्व-सर्वे की सुविधा

फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत किसानों को सरकारी सर्वेक्षक का इंतजार किए बिना स्वयं सर्वे करने का विकल्प भी दिया गया है। किसान अपने मोबाइल फोन में डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप डाउनलोड कर अपनी भूमि पर उगाई गई फसलों का विवरण खुद दर्ज कर सकते हैं। यह सुविधा उन किसानों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो समय पर सर्वे पूरा करना चाहते हैं।

कृषि निदेशालय की अपील

कृषि निदेशालय, गुजरात ने किसानों से अपील की है कि वे 30 सितंबर 2026 तक अपने सभी सर्वे नंबरों का डिजिटल फसल सर्वे पूरा कराएं — चाहे गांव में नियुक्त सर्वेक्षक के माध्यम से हो या मोबाइल ऐप के जरिए स्वयं। सरकार ने किसानों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

एग्रीस्टैक और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार एग्रीस्टैक के तहत देशभर में किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। डिजिटल फसल रिकॉर्ड से किसानों को फसल बीमा, कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी होगी, क्योंकि उनकी बुवाई का प्रामाणिक डिजिटल प्रमाण उपलब्ध रहेगा। गुजरात इस अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल होने की दिशा में अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती 45 दिनों में 95 लाख से अधिक भूखंडों को कवर करने की व्यावहारिकता है — खासकर तब जब खरीफ सीजन की व्यस्तता चरम पर हो। एग्रीस्टैक का वादा यह है कि डिजिटल रिकॉर्ड से फसल बीमा और ऋण तक पहुंच आसान होगी, लेकिन यह तभी संभव है जब डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित हो — केवल मात्रा नहीं। स्व-सर्वे का विकल्प प्रगतिशील है, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच की सीमाएं इसकी व्यापकता पर सवाल खड़े करती हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि डेटा का उपयोग वास्तव में किसानों के हित में हो, न कि केवल एक डिजिटल रजिस्ट्री बनाने तक सीमित रहे।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात का डिजिटल फसल सर्वे क्या है?
यह गुजरात सरकार द्वारा एग्रीस्टैक पहल के तहत शुरू किया जा रहा 45 दिन का सर्वेक्षण है, जो 15 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें राज्य के 18,197 गांवों के 95 लाख से अधिक कृषि भूखंडों पर खरीफ 2026 की फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
एग्रीस्टैक पहल क्या है और इससे किसानों को क्या फायदा होगा?
एग्रीस्टैक केंद्र सरकार की एक डिजिटल कृषि पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों का व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। इससे किसानों को फसल बीमा, कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी, क्योंकि उनकी बुवाई का प्रामाणिक डिजिटल प्रमाण उपलब्ध रहेगा।
किसान खुद डिजिटल फसल सर्वे कैसे कर सकते हैं?
फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत किसान अपने मोबाइल फोन में डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप डाउनलोड करके अपनी फसलों का विवरण स्वयं दर्ज कर सकते हैं। यह विकल्प सरकारी सर्वेक्षक के अतिरिक्त उपलब्ध है।
सर्वे में फसल की जानकारी कैसे दर्ज की जाएगी?
सरकारी सर्वेक्षक प्रत्येक खेत पर जाकर फसल की जियो-टैग की गई तस्वीरें लेंगे और डिजिटल एप्लीकेशन के जरिए डेटा अपलोड करेंगे। इससे फसल संबंधी जानकारी प्रामाणिक और स्थान-सत्यापित रूप में दर्ज होगी।
सर्वे की अंतिम तिथि क्या है और क्या होगा अगर समय पर सर्वे न हो?
कृषि निदेशालय ने 30 सितंबर 2026 को सर्वे की अंतिम तिथि निर्धारित की है। किसानों से अपील की गई है कि वे इस अवधि के भीतर अपने सभी सर्वे नंबरों का पंजीकरण पूरा कराएं, चाहे सर्वेक्षक के माध्यम से हो या मोबाइल ऐप से।
राष्ट्र प्रेस
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